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सिर पर न हेलमेट और न ही गति पर नियंत्रण, सड़क हादसे में दो युवकों की मौत
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लखीमपुर खीरी। पुलिस के तमाम प्रयास के बाद भी बाइक चालक और सवार हेलमेट नहीं लगा रहे हैं तो रफ्तार पर भी नियंत्रण नहीं है। इससे हादसों में होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। इसी के चलते जिले में अलग-अलग स्थानों पर हुईं सड़क दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई।
हादसा: एक
हेड इंजरी होने से चली गई युवक की जान
ईसानगर। धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रामनगर लहबड़ी निवासी जय कुमार (34) पुत्र शंभू किसी काम से गांव सेमरी उर्रा (बहराइच) गया था। रविवार की शाम वापस आते समय पीलीभीत-बस्ती मार्ग पर गांव स्वर्गलोक के निकट रात करीब 10 बजे अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने एंबुलेंस से उसे पीएचसी में भर्ती कराया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। ईसानगर प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया मृतक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। इससे उसके सिर में गहरी चोट लगने से हेड इंजरी होने से मौत हो गई पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिया है। उधर घर के मुखिया की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी रामदेवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसा: दो
ट्रक की टक्कर से बाइक चालक की गई जान
निघासन। गांव बौधिया कलां के रमुआपुर गांव निवासी सुशील कुमार (25) बेटी की दवा लेने रविवार को बम्हनपुर गया था। देर शाम वापस आते समय निघासन-पलिया स्टेट हाइवे पर बौधिया क्रेशर के पास उसकी बाइक को ट्रक ने टक्कर मार दी। इसमें सुशील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से भाग निकला। मौके पर पहुंची यूपी 112 पुलिस ने ने सुशील को निघासन सीएचसी पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए लखीमपुर भेजा है। पुलिस के मुताबिक वह हेलमेट नहीं लगाए था।
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हादसा: तीन
गन्ना भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी बाइक, दो घायल
निघासन। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे फूलबेहड़ कोतवाली के बसहा माफी गांव निवासी दो युवक वापस घर जा रहे थे। निघासन-ढखेरवा रोड पर दोनों आगे गन्ना भरकर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को नहीं देख पाए और पीछे से बाइक समेत जा घुसे। इससे बाइक चला रहा युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जबकि पीछे सवार युवक को भी चोटें आईं। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया। वहां से लखीमपुर रेफर कर दिया गया। दोनों के होश में न आने के कारण नाम-पते की जानकारी नहीं हो सकी है। यह लोग भी हेलमेट नहीं लगाए थे।
सड़क हादसों में हेड इंजरी से बढ़ रहा मौत का ग्राफ
लखीमपुर खीरी। जिले में सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इनमें सर्वाधिक मौतें सिर में गंभीर चोटों के आने से हुई हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग हेलमेट व सीट बेल्ट नहीं लगा रहे हैं।
सड़क हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग अभियान चलाकर गोष्ठी करता है। रैली निकालकर लोगों को नियमों का पालन करने और हेलमेट व सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने पर जोर देता है। इसके बाद भी लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आते हैं। खुद ही मौत को बुलावा देते हैं। सड़क हादसों को लेकर गंभीर हुई सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में भी संशोधन किया है। जुर्माने की राशि भी बढ़ाकर तीन से चार गुनी कर दी है, लेकिन चालकों पर इसका भी असर नहीं दिखता है। एक महीने में 33 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इनमें सर्वाधिक मौतें सिर में गंभीर चोटे आने से हुई हैं। टीएसआई सूर्यमणि यादव ने बताया कि समय-समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। साथ ही चेकिंग कर कार्रवाई भी की जाती है। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक मौतें सिर में आई गंभीर चोटों के कारण हुई हैं, फिर भी लोग बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के चलते हैं।
अभियान चलाकर चालकों को लगातार जागरूक किया जाता है। उन पर कार्रवाई भी की जाती है कि वे वाहन चलाते समय चालक हेलमेट व सीट बेल्ट जरूर लगाएं और सुरक्षित यात्रा कर अपने घर पहुंचे।
-एसपी पूनम
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हादसा: एक
हेड इंजरी होने से चली गई युवक की जान
ईसानगर। धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रामनगर लहबड़ी निवासी जय कुमार (34) पुत्र शंभू किसी काम से गांव सेमरी उर्रा (बहराइच) गया था। रविवार की शाम वापस आते समय पीलीभीत-बस्ती मार्ग पर गांव स्वर्गलोक के निकट रात करीब 10 बजे अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने एंबुलेंस से उसे पीएचसी में भर्ती कराया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। ईसानगर प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया मृतक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। इससे उसके सिर में गहरी चोट लगने से हेड इंजरी होने से मौत हो गई पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार वालों को सौंप दिया है। उधर घर के मुखिया की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी रामदेवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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हादसा: दो
ट्रक की टक्कर से बाइक चालक की गई जान
निघासन। गांव बौधिया कलां के रमुआपुर गांव निवासी सुशील कुमार (25) बेटी की दवा लेने रविवार को बम्हनपुर गया था। देर शाम वापस आते समय निघासन-पलिया स्टेट हाइवे पर बौधिया क्रेशर के पास उसकी बाइक को ट्रक ने टक्कर मार दी। इसमें सुशील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से भाग निकला। मौके पर पहुंची यूपी 112 पुलिस ने ने सुशील को निघासन सीएचसी पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए लखीमपुर भेजा है। पुलिस के मुताबिक वह हेलमेट नहीं लगाए था।
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हादसा: तीन
गन्ना भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी बाइक, दो घायल
निघासन। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे फूलबेहड़ कोतवाली के बसहा माफी गांव निवासी दो युवक वापस घर जा रहे थे। निघासन-ढखेरवा रोड पर दोनों आगे गन्ना भरकर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को नहीं देख पाए और पीछे से बाइक समेत जा घुसे। इससे बाइक चला रहा युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जबकि पीछे सवार युवक को भी चोटें आईं। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया। वहां से लखीमपुर रेफर कर दिया गया। दोनों के होश में न आने के कारण नाम-पते की जानकारी नहीं हो सकी है। यह लोग भी हेलमेट नहीं लगाए थे।
सड़क हादसों में हेड इंजरी से बढ़ रहा मौत का ग्राफ
लखीमपुर खीरी। जिले में सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इनमें सर्वाधिक मौतें सिर में गंभीर चोटों के आने से हुई हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग हेलमेट व सीट बेल्ट नहीं लगा रहे हैं।
सड़क हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग अभियान चलाकर गोष्ठी करता है। रैली निकालकर लोगों को नियमों का पालन करने और हेलमेट व सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने पर जोर देता है। इसके बाद भी लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आते हैं। खुद ही मौत को बुलावा देते हैं। सड़क हादसों को लेकर गंभीर हुई सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में भी संशोधन किया है। जुर्माने की राशि भी बढ़ाकर तीन से चार गुनी कर दी है, लेकिन चालकों पर इसका भी असर नहीं दिखता है। एक महीने में 33 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इनमें सर्वाधिक मौतें सिर में गंभीर चोटे आने से हुई हैं। टीएसआई सूर्यमणि यादव ने बताया कि समय-समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। साथ ही चेकिंग कर कार्रवाई भी की जाती है। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक मौतें सिर में आई गंभीर चोटों के कारण हुई हैं, फिर भी लोग बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के चलते हैं।
अभियान चलाकर चालकों को लगातार जागरूक किया जाता है। उन पर कार्रवाई भी की जाती है कि वे वाहन चलाते समय चालक हेलमेट व सीट बेल्ट जरूर लगाएं और सुरक्षित यात्रा कर अपने घर पहुंचे।
-एसपी पूनम