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विद्यालयों में शैक्षिक उन्नयन के प्रयासों को लग रहा पलीता
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 30 May 2016 11:49 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कुंभी, नकहा ब्लाक और नगर क्षेत्र में बीईओ की तैनाती नहीं
दूसरे विभाग के अधिकारियों को कुंभी और नकहा की जिम्मेदारी
बेसिक शिक्षा विभाग के पास ब्लाकों में तैनात किए जाने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) की लंबे अर्से से कमी बनी हुई हैै, जिससे शिक्षा में गुणवत्ता लाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इन खाली जगहों पर दूसरे विभागों के अधिकारियों को चार्ज दिया गया हैै, जिनके पास पहले से ही अपने विभागीय कामकाज का भार है तो नगर क्षेत्र का भी चार्ज निघासन ब्लाक के बीईओ को दिया गया है, जिनके पास मुख्यालय बीईओ का भी चार्ज है। लिहाजा ऐसे ब्लाक क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं।
बता दें कि जिले में बीईओ के 17 पद स्वीकृत हैैं, जिनके सापेक्ष 13 बीईओ ही तैनात हैं। 15 ब्लाकों के अलावा एक बीईओ नगर क्षेत्र और एक बीईओ के पास मुख्यालय का चार्ज रहता है। जिले में 2723 प्राथमिक और 1140 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें छह लाख 25 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर बढ़ाने के लिए सरकार लगातार दावे कर रही है, लेकिन हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैै। मसलन कुंभी और नकहा ब्लाक में लंबे अर्से से बीईओ की तैनाती नहीं है। कुंभी (गोला) का चार्ज एकीकृत जनजाति विकास चंदनचौकी के परियोजना निदेशक यूके सिंह को दिया गया है, जिनके पास राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज चंदनचौकी में प्रधानाचार्य पद का दायित्व भी हैै। वहीं नकहा ब्लाक का चार्ज जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एसपी वर्मा को दिया गया है। इसी तरह नगर क्षेत्र में किसी बीईओ की तैनाती नहीं है, बल्कि यहां का चार्ज निघासन के बीईओ संजय शुक्ला को दिया गया है, जिनके पास पहले से मुख्यालय का अतिरिक्त चार्ज हैै।
हमारी तैनाती से पहले से ही ऐसी व्यवस्था चली आ रही है। शासन से पत्राचार कर रिक्त पदों पर बीईओ की तैनाती की मांग की जाएगी।
-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए
दूसरे विभाग के अधिकारियों को कुंभी और नकहा की जिम्मेदारी
बेसिक शिक्षा विभाग के पास ब्लाकों में तैनात किए जाने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) की लंबे अर्से से कमी बनी हुई हैै, जिससे शिक्षा में गुणवत्ता लाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इन खाली जगहों पर दूसरे विभागों के अधिकारियों को चार्ज दिया गया हैै, जिनके पास पहले से ही अपने विभागीय कामकाज का भार है तो नगर क्षेत्र का भी चार्ज निघासन ब्लाक के बीईओ को दिया गया है, जिनके पास मुख्यालय बीईओ का भी चार्ज है। लिहाजा ऐसे ब्लाक क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं।
बता दें कि जिले में बीईओ के 17 पद स्वीकृत हैैं, जिनके सापेक्ष 13 बीईओ ही तैनात हैं। 15 ब्लाकों के अलावा एक बीईओ नगर क्षेत्र और एक बीईओ के पास मुख्यालय का चार्ज रहता है। जिले में 2723 प्राथमिक और 1140 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें छह लाख 25 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर बढ़ाने के लिए सरकार लगातार दावे कर रही है, लेकिन हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैै। मसलन कुंभी और नकहा ब्लाक में लंबे अर्से से बीईओ की तैनाती नहीं है। कुंभी (गोला) का चार्ज एकीकृत जनजाति विकास चंदनचौकी के परियोजना निदेशक यूके सिंह को दिया गया है, जिनके पास राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज चंदनचौकी में प्रधानाचार्य पद का दायित्व भी हैै। वहीं नकहा ब्लाक का चार्ज जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एसपी वर्मा को दिया गया है। इसी तरह नगर क्षेत्र में किसी बीईओ की तैनाती नहीं है, बल्कि यहां का चार्ज निघासन के बीईओ संजय शुक्ला को दिया गया है, जिनके पास पहले से मुख्यालय का अतिरिक्त चार्ज हैै।
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हमारी तैनाती से पहले से ही ऐसी व्यवस्था चली आ रही है। शासन से पत्राचार कर रिक्त पदों पर बीईओ की तैनाती की मांग की जाएगी।
-संजय कुमार शुक्ला, बीएसए