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Lakhimpur Kheri News: सड़कों से सटे तालाब व खुले नालों पर फैला मौत का जाल
Tue, 20 Jan 2026 11:34 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 20 Jan 2026 11:34 PM IST
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मैगलगंज में हाईवे किनारे तालाब, जहां नहीं हैं सुरक्षा के कोई इंतजाम। संवाद
लखीमपुर खीरी। सड़क किनारे खुले नाले और मार्गों से लगे तालाबों से माैत का जाल फैला हुआ है। राह चलते वक्त जरा सी चूक हुई तो नोएडा जैसी घटना होने में देर नहीं लगेगी। दो पहिया सवार तो आए दिन गड्ढों व नालों में गिरकर घायल हो रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मंगलवार को पड़ताल की गई तो सबसे ज्यादा शहर के बीच निकली नहर पटरी पर खतरा नजर आया। ये पक्की नहर करीब पांच से छह फुट गहरी हैं। नहर के दोनों ओर सड़क, जिस पर 24 घंटे वाहन निकलते हैं। यहां कई हादसे खीरी मार्ग की नहर पुलिया के निकट पूर्व में हो भी चुके हैं। अभी तक की घटनाओं में समय पर मदद मिलने से किसी की जान नहीं गई लेकिन अगर कभी तत्काल मदद न मिली तो नोएडा जैसा हादसा हो सकता है।
दूसरा सबसे ज्यादा खतरा आवास विकास के पास तालाब है। इसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। पास से ही सड़क निकली है, जो काफी व्यस्त रहती है। किसी वाहन का संतुलन बिगड़ जाए तो सीधे तालाब में जा गिरेगा। तालाब के पास न तो कोई संकेतक है और न ही कोई बचाव के इंतजाम। तीसरा खतरा डीसी रोड किनारे के नाले का है। यहां पुलिस लाइन की साइड में करीब साढ़े तीन से चार फुट का चौड़ा व इतना ही गहरा नाला है जो खुला है। इसमें हमेशा पानी भरा रहता है। इसी तरह महेवागंज से पहले उल्ल नदी पुल के पास बहुत बड़ी खाई है। कई बार ई-रिक्शा भी पलट चुके हैं।
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मंगलवार को पड़ताल की गई तो सबसे ज्यादा शहर के बीच निकली नहर पटरी पर खतरा नजर आया। ये पक्की नहर करीब पांच से छह फुट गहरी हैं। नहर के दोनों ओर सड़क, जिस पर 24 घंटे वाहन निकलते हैं। यहां कई हादसे खीरी मार्ग की नहर पुलिया के निकट पूर्व में हो भी चुके हैं। अभी तक की घटनाओं में समय पर मदद मिलने से किसी की जान नहीं गई लेकिन अगर कभी तत्काल मदद न मिली तो नोएडा जैसा हादसा हो सकता है।
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दूसरा सबसे ज्यादा खतरा आवास विकास के पास तालाब है। इसकी गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। पास से ही सड़क निकली है, जो काफी व्यस्त रहती है। किसी वाहन का संतुलन बिगड़ जाए तो सीधे तालाब में जा गिरेगा। तालाब के पास न तो कोई संकेतक है और न ही कोई बचाव के इंतजाम। तीसरा खतरा डीसी रोड किनारे के नाले का है। यहां पुलिस लाइन की साइड में करीब साढ़े तीन से चार फुट का चौड़ा व इतना ही गहरा नाला है जो खुला है। इसमें हमेशा पानी भरा रहता है। इसी तरह महेवागंज से पहले उल्ल नदी पुल के पास बहुत बड़ी खाई है। कई बार ई-रिक्शा भी पलट चुके हैं।

मैगलगंज में हाईवे किनारे तालाब, जहां नहीं हैं सुरक्षा के कोई इंतजाम। संवाद

मैगलगंज में हाईवे किनारे तालाब, जहां नहीं हैं सुरक्षा के कोई इंतजाम। संवाद

मैगलगंज में हाईवे किनारे तालाब, जहां नहीं हैं सुरक्षा के कोई इंतजाम। संवाद
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