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Lakhimpur Kheri News: मकनपुर में सड़क किनारे एक गाय पर तेंदुए ने किया हमला

Sun, 20 Jul 2025 11:16 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:16 PM IST
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A leopard attacked a cow on the roadside in Makanpur
दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद
पलियाकलां। पलिया-दुधवा मार्ग पर बंशीनगर के मकनपुर में बीती रात एक गाय पर तेंदुए ने हमला कर दिया। गाय पर हमला करने के बाद तेंदुआ पास ही स्थित गन्ने के खेत में घुसकर गायब हो गया। लोग जब सुबह उठे तो गाय को जख्मी देखने के बाद आस-पास छानबीन की तो तेंदुए के पगचिह्न मौके पर दिखाई दिए। इसके बाद सूचना वन विभाग को दी गई। वन विभाग की टीम ने पहुंचकर आसपास के लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
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बीती देर रात मकनपुर में विक्रम चैधरी पुत्र योगेंद्र सिंह के घर पर एक जर्सी गाय घारी में बंधी थी। बताया जाता है कि बीती रात ही तेंदुए ने गाय पर हमला कर दिया। जब उस पर काबू नहीं पा सका तो गन्ने के खेत में भाग गया। सुबह जब घरवालों ने देखा तो गाय का निचला हिस्सा खाया हुआ था। नबीन करने पर तेंदुए के पगचिह्न भी ग्रामीणों को मिले हैं।
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सूचना पलिया रेंजर विनय कुमार सिंह को दी गई। इसके बाद वह डिप्टी रेंजर शिवबाबू सरोज के साथ मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। ग्रामीणों ने बताया कि बीते कई दिनों से करीब चार गांवों के ग्रामीण तेंदुए के आतंक से परेशान हैं आर रात-रात भर जागकर काटने को विवश हैं। फिर भी तेंदुए का आतंक लगातार जारी है।
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इस बारे में रेंजर ने बताया कि इसके लिए वन विभाग की तरफ से कैमरे लगाए गए हैं। कैमरों में तेंदुआ कैद नहीं हो पा रहा है। फिर भी लगातार टीमों को लगाकर कांबिंग करने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। घायल गाय का मुआवजा दिलाने के लिए भी ग्रामीणों से कहा गया है। जबकि गांव वालों से सतर्कता बरतने की बात भी कही गई है।




दो घंटे के अंतराल में बाघिन ने दो बकरियों का किया शिकार
- गोला और मैलानी रेंज के दुलारेपुर और बरगदिया गांव में तीन किलोमीटर के दायरे में हुई घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
बांकेगंज। गोला और मैलानी रेंज की सीमा पर स्थित बरौंछा नाला क्षेत्र में चार महीने से बाघिन की दहशत है। शनिवार रात बाघिन ने दो घंटे के अंतराल में तीन किलोमीटर के दायरे में अलग-अलग दो गांवों के घरों में घुसकर दो बकरियों पर हमला कर उन्हें मार डाला।
मैलानी और गोला वन रेंज क्षेत्र में सक्रिय बरौंछा की बाघिन शनिवार रात 10 किलोमीटर की दूरी तय कर गोला रेंज के दुलारेपुर गांव में श्याम किशोर के घर में घुस गई। घर के अंदर बंधी बकरी पर हमला कर उसे मार डाला। उसके चिल्लाने की आवाज पर जागे परिजनों के शोरगुल करने पर गांव के पास गन्ने के खेत में चली गई। रविवार सुबह मौके पर पहुंची वन कर्मियों की टीम ने पगचिह्न देखकर बाघिन की मौजूदगी की पुष्टि की। गन्ने के खेत में छानबीन करने पर उसका अधखाया शव बरामद हुआ।
इसके बाद तीन किलोमीटर की दूरी तय बाघिन मैलानी रेंज के बरगदिया गांव पहुंची। इंद्रपाल के घर में बंधी बकरी पर हमला कर उसे मार डाला। उसे गन्ने के खेत में ले जाकर निवाला बनाया। सुबह मौके पर पहुंची वन कर्मियों ने पगचिह्न देखकर तेंदुए का हमला बताया, लेकिन उसका शव बरामद नहीं हो सका, लेकिन ग्रामीण बाघिन होने की बात पर अड़े रहे।
उधर, ग्रामीणों का कहना है कि बरौंछा क्षेत्र में सक्रिय बाघिन के ताबड़तोड़ हमलों से लोगों का जीना मुहाल है। वन विभाग उसे पकड़ने की रस्म अदायगी कर रहा है। चार माह से अधिक समय बीतने के बाद भी हमलावर बाघिन वन विभाग की पकड़ से दूर है। इससे परेशान लोगों ने विभागीय अधिकारियों से उसे पकड़ने की मांग की है।



गन्ने के खेतों में पानी भरा होने के कारण उसे पकड़ने में दिक्कत आ रही है। बाघिन को पकड़ने का अभियान लगातार जारी है। उसे जल्द ही पकड़ा जाएगा। - संजय बिश्वाल, डीएफओ, साउथ खीरी


मुरारखेड़ा कॉलोनी में तेंदुए ने बकरी को बनाया निवाला



संपूर्णानगर। वन रेंज क्षेत्र की मुरारखेड़ा कॉलोनी में बीती रात करीब 12 बजे एक ग्रामीण की पालतू बकरी पर तेंदुए ने हमला कर उसका शिकार कर लिया। बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। तेंदुए के हमले से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। रेंजर ललित ने बताया कि मौके पर टीम गई थी। पगचिह्न तेंदुए के पाए गए हैं। संवाद




बाघ के हमले में घायल पिता और पुत्र की हालत में सुधार
- वन विभाग ग्रामीणों को जागरूक करने में लगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ममरी। शनिवार को गांव परसेहरा निवासी पिता और पुत्र पर हमला करने वाले बाघ की लोकेशन ट्रेस करने और ग्रामीणों को जागरूक करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
रेंजर निर्भय प्रताप शाही और फॉरेस्टर माया प्रकाश ने बताया कि यह वही बाघ है जिसने पिछले महीने जमुनहा फॉर्म निवासी युवक को साठा धान की फसल में खाद डालते वक्त हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बताया कि बाघ की निगरानी में लगी वन कर्मियों की टीम कठिना नदी से सटे गांवों में जाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए पोस्टर चस्पा कर रही है।

रेंजर ने बताया कि टीम ग्रामीणों को अकेले खेतों में न जाने की सलाह दे रही है। इसके साथ ही वहां का क्षेत्र बाघ प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इस क्षेत्र में बाघ के हमले की यह पांचवीं घटना है, जिसमें ग्राम इमलिया और ग्राम मूडा अस्सी निवासी दो किसानों की जान भी जा चुकी है। बताया कि बाघ की लोकेशन मिलने पर वहां जालीदार ट्रैक्टर से कांबिंग कराने कैमरा और पिंजरा लगाने की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी। जरुरत पड़ने पर एक्सपर्ट टीम बुलाई जाएगी। उधर, जिला चिकित्सालय में इलाज करा रहे रामशंकर वर्मा और पवन वर्मा की हालत अब खतरे से बाहर बताई गई है।




तेंदुए के हमले से हड़कंप, ग्रामीणों ने बछड़े को बचाया
सिंगाही। रविवार सुबह तकियापुरवा में मलंग शाह बाबा के पास खेत में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब एक तेंदुए ने छुट्टा बछड़े पर हमला कर दिया।
हमले में तेंदुए ने बछड़े की गर्दन दबोच ली। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए बछड़े को तेंदुए के चंगुल से छुड़ा लिया। बछड़े की गर्दन पर गहरे जख्म के निशान मिले हैं। गनीमत रही कि समय रहते ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे उसकी जान बच गई। रेंज अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि हमला करने वाला जानवर बाघ नहीं, बल्कि तेंदुआ था, इसे ग्रामीण पहचान नहीं सके। घटना के समय बछड़ा जंगल में घास चर रहा था। संवाद


घनापुरवा में आबादी के पास दिखी तेंदुए की जोड़ी



बिजुआ। घनापुरवा में तेंदुए की जोड़ी आबादी के पास दिखाई दी। ग्रामीणों ने उन्होंने उनकी फोटो खींचकर वायरल कर दी। गांव गुलरिया निवासी सोएब अंसारी और गदियाना निवासी विपिन चौहान गोला से एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। रात करीब ढाई बजे गांव घनापुरवा में उन्होंने तेंदुए की जोड़ी को देखा। दोनों युवकों ने तेंदुओं की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन में कैद कर लीं। यह क्षेत्र गोला वन रेंज के तहत आता है और गांव जंगल के किनारे स्थित है। संवाद


बारासिंगा को कुत्तों ने घेरा, वन कर्मियों ने बचाई जान



बांकेगंज। बफरजोन मैलानी रेंज क्षेत्र के बरौंछा नाला से भटककर एक बारासिंगा हिरन ढ़ाका गांव आबादी के पास गन्ने के खेतों में पहुंच गया। यह देख गांव के आवारा कुत्तों ने उसे घेर कर हमले का प्रयास किया, लेकिन वह कुलाचे भरते हुए एक से दूसरे खेत में काफी देर तक भागता रहा। लोगों की सूचना पर गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंच कर कुत्तों को खदेड़कर उसकी जान बचाई। इसके बाद वह बरौंछा की झाड़ियों में चला गया। संवाद





खैरताली-बांकेगंज मार्ग पर आया बाघ, राहगीरों में भगदड़



बांकेगंज। खैरताली-बांकेगंज लिंक मार्ग पर बरगदिया गांव के पास गन्ने के खेत से निकला बाघ सड़क पर आ गया। यह देख उधर से गुजर रहे लोग अपनी बाइक और साइकिल सड़क पर छोड़ भाग खड़ हुए।




मैलानी रेंज क्षेत्र से गुजरे खैरताली बांकेगंज मार्ग पर स्थित खेत में खैरताली गांव निवासी संदीप रविवार शाम चार बजे गन्ने के खेत में सिंचाई कर रहा था। इस बीच गन्ने के खेत से निकला बाघ उससे कुछ दूरी पर आ गया। किसान और अन्य साथियों के शाेरगुल करने पर वह खैरताली सड़क पर पहुंच गया। बाघ को सड़क पर देख बाइक और साइकिल से गुजर रहे अनिकेत, मनोज और द्रोपदी के होश उड़ गए। काफी देर तक दोनों ओर आवागमन बंद रहा। सूचना पर पहुंचे डिप्टी रेंजर एसपी त्रिपाठी, सागर कुशवाहा टीम के साथ बाघ की निगरानी में जुट रहे। बताया कि बाघ की मौजूदगी देखते हुए नजर रखी जा है और ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। संवाद

दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद

दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद

दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद

दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद

दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद

दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद

दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद

दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद

दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद

दीवार पर पोस्टर चस्पा करते वनकर्मी। संवाद

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