{"_id":"60f31b8c8ebc3e61c4763d82","slug":"a-herd-of-nepal-s-elephants-reached-kishanpur-sanctuary-from-haripur-forest-lakhimpur-news-bly453380990","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरीपुर जंगल से किशनपुर सेंक्चुरी पहुंचा नेपाल के हाथियों का झुंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरीपुर जंगल से किशनपुर सेंक्चुरी पहुंचा नेपाल के हाथियों का झुंड
विज्ञापन
हाथियों ने खीरी-पीलीभीत सीमा पर खड़ा वॉच टावर तोड़ा, अलर्ट
बढ़ाई गई निगरानी, वन विभाग ग्रामीणों को कर रहा सचेत
लखीमपुर खीरी। नेपाल के शुक्लाफांटा वन्यजीव विहार से निकलकर घनाराघाट होते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर जंगल में पहुंचे जंगली हाथियों ने अब किशनपुर सेंक्चुरी की ओर रुख किया है। यह हाथी फूटाकुआं तक आ पहुंचे हैं। हाथियों ने खीरी-पीलीभीत सीमा पर खड़ा वॉच टावर भी तोड़ चाला है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने किशनपुर सेंक्चुरी और बफरजोन में अलर्ट जारी कर दिया है।
नेपाल के शुक्लाफांटा वन्यजीव विहार से निकलकर जंगली हाथियों का एक दल नदी पार कर घनाराघाट होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व की संपूर्णानगर रेंज में आ गया था। रात भर इसी क्षेत्र में रुकने के बाद यह जंगली हाथी पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर रेंज में आ गए हैं। हरीपुर रेंज संपूर्णानगर रेंज जंगल से सटा हुआ है।
बृहस्पतिवार की रात में हरीपुर जंगल से सटे खेतों में जंगली हाथियों ने काफी उत्पात मचाया। हाथियों ने किसानों की करीब 25 एकड़ धान और गन्ने की खड़ी फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया। शुक्रवार को दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की संपूर्णानगर रेंज और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर रेंज की सीमा पर लगे वॉच टावर को भी तोड़ दिया है।
विज्ञापन
शुक्रवार को ही इन जंगली हाथियों ने दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी की ओर रुख किया है। हाथी हरीपुर रेंज से चलकर महराजनगर होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के फूटाकुआं तक आ पहुंचे। इसकी सूचना मिलते ही दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने किशनपुर सेंक्चुरी और बफरजोन में अलर्ट जारी कर दिया है। हाथियों की निगरानी के लिए प्रशिक्षित वनकर्मियों की टीमें लगाई गई हैं। इन टीमों में वार्डन तौफीक अहमद, एसडीओ एके सिंह, प्रभारी रेंजर वीपी सिंह आदि अधिकारी और तरवेज अहमद आदि कर्मचारी शामिल हैं। जंगली हाथियों की 24 घंटे लगातार निगरानी करते हुए उनके मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक, उपनिदेशक मनोज सोनकर और बजरजोन उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल टीमों से निगरानी की जानकारी ले रहे हैं। शनिवार को दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ने किशनपुर सेंक्चुरी पहुंचकर निगरानी कार्यों का जायजा लिया।
निगरानी के साथ वन विभाग जंगली हाथियों की मौजूदगी वाले जंगल से सटे गांव के लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि वे डरें नहीं बल्कि हाथियों के खेतों की ओर रुख करने पर समूह में एकत्र होकर ढोल नगाड़े बजाएं, आग जलाएं, खूब शोर मचाएं। हाथियों को किसी तरह का नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें। ऐसा करने से खतरा बढ़ सकता है।
हाथियों की जल्दी वापसी की आशंका नहीं
नेपाल से आए जंगली हाथियों के दल में करीब 12 हाथी हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। इन दिनों शारदा समेत सभी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इस कारण इन हाथियों की नेपाल वापसी फिलहाल जल्दी हो पाना संभव नहीं है। वन विभाग को आशंका है कि जंगली हाथी जंगल से सटे खेतों में उत्पात मचा सकते हैं और किसानों की फसलों को तबाह कर सकते हैं।
नेपाल से आए जंगली हाथी पीलीभीत टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के फूटाकुआं तक आ गए हैं। इसके मद्देनजर किशनपुर सेंक्चुरी और बफरजोन में अलर्ट जारी कर दिया है। हाथियों की निगरानी के लिए टीमें लगाई गई हैं।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
बढ़ाई गई निगरानी, वन विभाग ग्रामीणों को कर रहा सचेत
लखीमपुर खीरी। नेपाल के शुक्लाफांटा वन्यजीव विहार से निकलकर घनाराघाट होते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर जंगल में पहुंचे जंगली हाथियों ने अब किशनपुर सेंक्चुरी की ओर रुख किया है। यह हाथी फूटाकुआं तक आ पहुंचे हैं। हाथियों ने खीरी-पीलीभीत सीमा पर खड़ा वॉच टावर भी तोड़ चाला है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने किशनपुर सेंक्चुरी और बफरजोन में अलर्ट जारी कर दिया है।
नेपाल के शुक्लाफांटा वन्यजीव विहार से निकलकर जंगली हाथियों का एक दल नदी पार कर घनाराघाट होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व की संपूर्णानगर रेंज में आ गया था। रात भर इसी क्षेत्र में रुकने के बाद यह जंगली हाथी पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर रेंज में आ गए हैं। हरीपुर रेंज संपूर्णानगर रेंज जंगल से सटा हुआ है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार की रात में हरीपुर जंगल से सटे खेतों में जंगली हाथियों ने काफी उत्पात मचाया। हाथियों ने किसानों की करीब 25 एकड़ धान और गन्ने की खड़ी फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया। शुक्रवार को दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की संपूर्णानगर रेंज और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर रेंज की सीमा पर लगे वॉच टावर को भी तोड़ दिया है।
विज्ञापन
शुक्रवार को ही इन जंगली हाथियों ने दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी की ओर रुख किया है। हाथी हरीपुर रेंज से चलकर महराजनगर होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के फूटाकुआं तक आ पहुंचे। इसकी सूचना मिलते ही दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने किशनपुर सेंक्चुरी और बफरजोन में अलर्ट जारी कर दिया है। हाथियों की निगरानी के लिए प्रशिक्षित वनकर्मियों की टीमें लगाई गई हैं। इन टीमों में वार्डन तौफीक अहमद, एसडीओ एके सिंह, प्रभारी रेंजर वीपी सिंह आदि अधिकारी और तरवेज अहमद आदि कर्मचारी शामिल हैं। जंगली हाथियों की 24 घंटे लगातार निगरानी करते हुए उनके मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक, उपनिदेशक मनोज सोनकर और बजरजोन उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल टीमों से निगरानी की जानकारी ले रहे हैं। शनिवार को दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ने किशनपुर सेंक्चुरी पहुंचकर निगरानी कार्यों का जायजा लिया।
निगरानी के साथ वन विभाग जंगली हाथियों की मौजूदगी वाले जंगल से सटे गांव के लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि वे डरें नहीं बल्कि हाथियों के खेतों की ओर रुख करने पर समूह में एकत्र होकर ढोल नगाड़े बजाएं, आग जलाएं, खूब शोर मचाएं। हाथियों को किसी तरह का नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें। ऐसा करने से खतरा बढ़ सकता है।
हाथियों की जल्दी वापसी की आशंका नहीं
नेपाल से आए जंगली हाथियों के दल में करीब 12 हाथी हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। इन दिनों शारदा समेत सभी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इस कारण इन हाथियों की नेपाल वापसी फिलहाल जल्दी हो पाना संभव नहीं है। वन विभाग को आशंका है कि जंगली हाथी जंगल से सटे खेतों में उत्पात मचा सकते हैं और किसानों की फसलों को तबाह कर सकते हैं।
नेपाल से आए जंगली हाथी पीलीभीत टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के फूटाकुआं तक आ गए हैं। इसके मद्देनजर किशनपुर सेंक्चुरी और बफरजोन में अलर्ट जारी कर दिया है। हाथियों की निगरानी के लिए टीमें लगाई गई हैं।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व