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नेपाल से निकलकर जिले में पहुंचा हाथियों का झुंड
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घनाराघाट होते हुए हरीपुर के जंगल में डाला डेरा
करीब 12 हाथियों की निगरानी में जुटीं वन विभाग की टीमें
महराजनगर होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी में आ सकते हैं हाथी
लखीमपुर खीरी। नेपाल के जंगल से निकलकर जंगली हाथियों का एक झुंड घनाराघाट होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की संपूर्णानगर रेंज में आ पहुंचा। यहां से यह झुंड पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंच गया। वहां हरीपुर रेंज के जंगल में डेरा डाला हुआ है। आशंका है कि करीब 12 हाथियों का यह झुंड महराजनगर होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी में आ सकता है। दुधवा टाइगर रिजर्व की टीम ने स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के साथ हाथियों की निगरानी शुरू कर दी है।
पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के शुक्ला फांटा वन्यजीव विहार से निकला हाथियों का एक बड़ा दल शारदा नदी पार कर दुधवा टाइगर रिजर्व की संपूर्णानगर रेंज के घनारा घाट में आ पहुंचा है। सूचना मिलते ही वन विभाग ने कई टीमें गठित कर हाथियों की निगरानी शुरू कर दी है। निगरानी में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स को भी लगाया है। ये टीमें घनाराघाट, बैलहा और हजारा में पेट्रोलिंग कर हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। बृहस्पतिवार को दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने भी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और निगरानी कार्यों की समीक्षा की और दिशा निर्देश दिए।
झुंड में हाथियों की संख्या करीब 12 बताई जा रही है। इसकी सूचना पीलीभीत के डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन को दी है। हाथियों के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पहुंचने के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है। वन विभाग के अधिकारियों को आशंका है कि जंगली हाथी अपने प्रचलित कॉरीडोर से महराजनगर होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी में आ सकते हैं।
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दो साल पहले भी नेपाल के 20 हाथियों ने मचाया था उत्पात
वर्ष 2019 में भी नेपाल के शुक्ला फांटा वन्यजीव विहार से निकलकर जंगली हाथियों का एक झुंड संपूर्णानगर रेंज के घमहा घाट होते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज में पहुंच गया था। इसके बाद वहां से महराजनगर, भीरा रेंज होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी और फिर बफर जोन में आ पहुंचा था। यहां किशनपुर के मड़हा सेक्सन और बफर जोन के मैलानी रेंज जंगल के आसपास काफी उत्पात मचाया था। उस झुंड में करीब 20 हाथी थे, जिन्होंने किसानों की फसलें उजाड़कर काफी नुकसान किया था। वर्ष 2020 में भी हाथियों का एक झुंड आया था, लेकिन वह यहां कम दिन ही रुका था। वन विभाग पुरानी घटनाओं के मद्देनजर काफी सतर्कता बरत रहा है।
नेपाल से करीब 12 जंगली हाथियों का एक दल नदी पार कर घमहाघाट होते हुए संपूर्णानगर में पहुंचा था। अब इन हाथियों के पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर रेंज में पहुंचने की सूचना मिली है। हाथियों की निगरानी के लिए टीमें लगाई गई हैं। लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। - डॉ. अनिल पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन
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करीब 12 हाथियों की निगरानी में जुटीं वन विभाग की टीमें
महराजनगर होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी में आ सकते हैं हाथी
लखीमपुर खीरी। नेपाल के जंगल से निकलकर जंगली हाथियों का एक झुंड घनाराघाट होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की संपूर्णानगर रेंज में आ पहुंचा। यहां से यह झुंड पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंच गया। वहां हरीपुर रेंज के जंगल में डेरा डाला हुआ है। आशंका है कि करीब 12 हाथियों का यह झुंड महराजनगर होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी में आ सकता है। दुधवा टाइगर रिजर्व की टीम ने स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के साथ हाथियों की निगरानी शुरू कर दी है।
पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के शुक्ला फांटा वन्यजीव विहार से निकला हाथियों का एक बड़ा दल शारदा नदी पार कर दुधवा टाइगर रिजर्व की संपूर्णानगर रेंज के घनारा घाट में आ पहुंचा है। सूचना मिलते ही वन विभाग ने कई टीमें गठित कर हाथियों की निगरानी शुरू कर दी है। निगरानी में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स को भी लगाया है। ये टीमें घनाराघाट, बैलहा और हजारा में पेट्रोलिंग कर हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। बृहस्पतिवार को दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने भी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और निगरानी कार्यों की समीक्षा की और दिशा निर्देश दिए।
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झुंड में हाथियों की संख्या करीब 12 बताई जा रही है। इसकी सूचना पीलीभीत के डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन को दी है। हाथियों के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पहुंचने के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है। वन विभाग के अधिकारियों को आशंका है कि जंगली हाथी अपने प्रचलित कॉरीडोर से महराजनगर होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी में आ सकते हैं।
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दो साल पहले भी नेपाल के 20 हाथियों ने मचाया था उत्पात
वर्ष 2019 में भी नेपाल के शुक्ला फांटा वन्यजीव विहार से निकलकर जंगली हाथियों का एक झुंड संपूर्णानगर रेंज के घमहा घाट होते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज में पहुंच गया था। इसके बाद वहां से महराजनगर, भीरा रेंज होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी और फिर बफर जोन में आ पहुंचा था। यहां किशनपुर के मड़हा सेक्सन और बफर जोन के मैलानी रेंज जंगल के आसपास काफी उत्पात मचाया था। उस झुंड में करीब 20 हाथी थे, जिन्होंने किसानों की फसलें उजाड़कर काफी नुकसान किया था। वर्ष 2020 में भी हाथियों का एक झुंड आया था, लेकिन वह यहां कम दिन ही रुका था। वन विभाग पुरानी घटनाओं के मद्देनजर काफी सतर्कता बरत रहा है।
नेपाल से करीब 12 जंगली हाथियों का एक दल नदी पार कर घमहाघाट होते हुए संपूर्णानगर में पहुंचा था। अब इन हाथियों के पीलीभीत टाइगर रिजर्व के हरीपुर रेंज में पहुंचने की सूचना मिली है। हाथियों की निगरानी के लिए टीमें लगाई गई हैं। लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। - डॉ. अनिल पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन