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भीरा में पकड़ा गया लकड़ी तस्कर
Lakhimpur
Updated Fri, 11 Jan 2013 05:30 AM IST
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भीरा रेंज में तीन सागौन के पेड़ों का हुआ था कटान
18 साल पहले भी ट्रक भर सागौन ले गया था माफिया
बिजुआ। भीरा रेंज में सागौन के तीन पेड़ों को चोरी से काटे जाने के मामले में वन विभाग की टीम ने दो लोगों को जेल भेजा है। पकड़े गए लोगों में एक अंतरजनपदीय लकड़ी तस्कर बताया जा रहा है। इसी मामले में एक अन्य व्यक्ति को पांच दिन पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
भीरा रेंज के पल्हनापुर कंपार्टमेंट 6सी में बीते सप्ताह सागौन के तीन पेड़ चोरी से काट लिए गए थे। रेंजर ओमप्रकाश ने पेड़ कटान के मामले में मुखबिरों को लगाया तो पता चला कि यह पेड़ एक ट्राली पर काटकर जिला सीतापुर के एक ठेकेदार के हाथ बेचे गए हैं। टीम ने कटान में शामिल रहे थाना भीरा क्षेत्र के रामालक्ष्ना निवासी भूपेंद्र को पांच जनवरी को पकड़कर जेल भेजा था। भूपेंद्र की निशानदेही पर इसी क्षेत्र के अंबारा निवासी रामभजन को टीम ने पकड़ा। गिरफ्त में आए रामभजन ने काफी अहम जानकारी दी। उसने बताया कि भूपेंद्र ने 1500 रुपये लेकर जंगल में काटे जाने वाले पेड़ की पहचान कराई। इस काम में मुख्य रूप से सदर कोतवाली के भटनागर कालोनी निवासी रामसजीवन शामिल था। उसने ही सीतापुर के ठेकेदार से 20 हजार लेकर मूड़ासवारान की नहर पास कराने का ठेका दिलाया था। टीम ने रामसजीवन को उसके घर से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को दोनो आरोपियों का चालान कर दिया गया। रेंजर ओमप्रकाश ने बताया कि रामसजीवन पर पहले से मोहम्मदी, मैलानी, गोला, भीरा, शारदानगर में भी वन कटान व तस्करी के मुकदमे दर्ज हैं। वन विभाग की टीम में रेंजर ओमप्रकाश के अलावा वन दरोगा अनुज रंजन, डीके बाजपेई, रामनरेश, वन रक्षक रामप्रकाश और विपिन शामिल थे।
इंसेट...
1995 मे भी एक ट्रक काटी थी सागौन की लकड़ी
रेंजर ने बताया कि दोनों अभियुक्तों ने 18 साल पहले भी इसी जगह पर एक ट्रक सागौन की लकड़ी काटकर बेची थी। उस केस मे 11 लोग शामिल थे।
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18 साल पहले भी ट्रक भर सागौन ले गया था माफिया
बिजुआ। भीरा रेंज में सागौन के तीन पेड़ों को चोरी से काटे जाने के मामले में वन विभाग की टीम ने दो लोगों को जेल भेजा है। पकड़े गए लोगों में एक अंतरजनपदीय लकड़ी तस्कर बताया जा रहा है। इसी मामले में एक अन्य व्यक्ति को पांच दिन पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
भीरा रेंज के पल्हनापुर कंपार्टमेंट 6सी में बीते सप्ताह सागौन के तीन पेड़ चोरी से काट लिए गए थे। रेंजर ओमप्रकाश ने पेड़ कटान के मामले में मुखबिरों को लगाया तो पता चला कि यह पेड़ एक ट्राली पर काटकर जिला सीतापुर के एक ठेकेदार के हाथ बेचे गए हैं। टीम ने कटान में शामिल रहे थाना भीरा क्षेत्र के रामालक्ष्ना निवासी भूपेंद्र को पांच जनवरी को पकड़कर जेल भेजा था। भूपेंद्र की निशानदेही पर इसी क्षेत्र के अंबारा निवासी रामभजन को टीम ने पकड़ा। गिरफ्त में आए रामभजन ने काफी अहम जानकारी दी। उसने बताया कि भूपेंद्र ने 1500 रुपये लेकर जंगल में काटे जाने वाले पेड़ की पहचान कराई। इस काम में मुख्य रूप से सदर कोतवाली के भटनागर कालोनी निवासी रामसजीवन शामिल था। उसने ही सीतापुर के ठेकेदार से 20 हजार लेकर मूड़ासवारान की नहर पास कराने का ठेका दिलाया था। टीम ने रामसजीवन को उसके घर से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को दोनो आरोपियों का चालान कर दिया गया। रेंजर ओमप्रकाश ने बताया कि रामसजीवन पर पहले से मोहम्मदी, मैलानी, गोला, भीरा, शारदानगर में भी वन कटान व तस्करी के मुकदमे दर्ज हैं। वन विभाग की टीम में रेंजर ओमप्रकाश के अलावा वन दरोगा अनुज रंजन, डीके बाजपेई, रामनरेश, वन रक्षक रामप्रकाश और विपिन शामिल थे।
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1995 मे भी एक ट्रक काटी थी सागौन की लकड़ी
रेंजर ने बताया कि दोनों अभियुक्तों ने 18 साल पहले भी इसी जगह पर एक ट्रक सागौन की लकड़ी काटकर बेची थी। उस केस मे 11 लोग शामिल थे।