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सत्य का मार्ग दिखाते हैं सतगुरु : असंग
Lakhimpur
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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मेहता मिलेनियम अस्पताल में सत्संग
लखीमपुर खीरी। संसार में जितने महापुरुष हुए हैं सभी का उद्देश्य मनुष्य के जीवन को सफल बनाना रहा है। जीवन में हम जिससे भी कुछ सीखते हैं वह गुरु होता है, लेकिन जो हमें सत्य का मार्ग दिखाता है वह सतगुरु होता है। सतगुरु मिल जाए तो मनुष्य का कल्याण हो जाता है। यह बात संत असंग साहब ने मेहता मिलेनियम अस्पताल में आयोजित सत्संग में कही।
कबीरधाम मुस्तफाबाद से आए संत असंग साहब ने कहा कि मनुष्य जिसके साथ रहता है उससे प्रभावित होता है। यदि मनुष्य गलत लोगों के संग में पड़ जाए तो गलत हो जाता है और यदि सत्संग में पहुंच जाए तो उसका जीवन संवर जाता है। मनुष्य का जीवन दूध जैसा होता है। दूध में नींबू निचोड़ दिया जाए तो फट जाता है और दही डाल दिया जाए तो दूध जम जाता है। नींबू कुसंग है और दही सत्संग है। उन्होंने बताया कि वे कक्षा नौ में पढ़ते थे तभी उनके मन में वैराग्य उत्पन्न हो गया था। उन्होंने किसी संत की तलाश शुरू कर दी थी। ग्रेजुएट करने के बाद कबीर आश्रम मुस्तफाबाद के संत क्षमादेव से मिले, इसके बाद संत जीवन शुरू कर दिया। उन्होंने पहला सत्संग काठमांडू नेपाल में, इसके बाद आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश उत्तरांचल और उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न प्रदेशों में किया। सत्संग समारोह में डॉ. प्रदीप मेहता, डॉ. रूबी मेहता, सहकारी डेयरी के इंचार्ज जीएल कनोजिया तथा राजकीय पालीटेक्निक के प्राचार्य डॉ.एसके आजाद सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
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पलिया में दो दिवसीय सत्संग 18 से
लखीमपुर खीरी। कस्बा पलिया में संत असंग साहब का सत्संग समारोह पूर्वमंत्री रामकुमार वर्मा के सौजन्य से 18 नवंबर से शुरू किया जाएगा। सत्संग का समापन 19 नवंबर को होगा।
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संत असंग साहब ने बताया कि सत्संग प्रतिदिन दोपहर दो से शाम पांच बजे तक और रात्रि में 7 से 9 बजे तक चलेगा। इसके अलावा तपोभूमि विश्व कल्याण आश्रम मुस्तफाबाद में 29 और 30 नवंबर तथा एक दिसंबर को राष्ट्रीय स्तर का सत्संग होगा। इसमें कबीर देव, विशाल देव तथा प्रेम देव की जयंती मनाई जाएगी। यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम होगा। देश के विभिन्न क्षेत्रों से संत व श्रद्धालु आएंगे।
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लखीमपुर खीरी। संसार में जितने महापुरुष हुए हैं सभी का उद्देश्य मनुष्य के जीवन को सफल बनाना रहा है। जीवन में हम जिससे भी कुछ सीखते हैं वह गुरु होता है, लेकिन जो हमें सत्य का मार्ग दिखाता है वह सतगुरु होता है। सतगुरु मिल जाए तो मनुष्य का कल्याण हो जाता है। यह बात संत असंग साहब ने मेहता मिलेनियम अस्पताल में आयोजित सत्संग में कही।
कबीरधाम मुस्तफाबाद से आए संत असंग साहब ने कहा कि मनुष्य जिसके साथ रहता है उससे प्रभावित होता है। यदि मनुष्य गलत लोगों के संग में पड़ जाए तो गलत हो जाता है और यदि सत्संग में पहुंच जाए तो उसका जीवन संवर जाता है। मनुष्य का जीवन दूध जैसा होता है। दूध में नींबू निचोड़ दिया जाए तो फट जाता है और दही डाल दिया जाए तो दूध जम जाता है। नींबू कुसंग है और दही सत्संग है। उन्होंने बताया कि वे कक्षा नौ में पढ़ते थे तभी उनके मन में वैराग्य उत्पन्न हो गया था। उन्होंने किसी संत की तलाश शुरू कर दी थी। ग्रेजुएट करने के बाद कबीर आश्रम मुस्तफाबाद के संत क्षमादेव से मिले, इसके बाद संत जीवन शुरू कर दिया। उन्होंने पहला सत्संग काठमांडू नेपाल में, इसके बाद आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश उत्तरांचल और उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न प्रदेशों में किया। सत्संग समारोह में डॉ. प्रदीप मेहता, डॉ. रूबी मेहता, सहकारी डेयरी के इंचार्ज जीएल कनोजिया तथा राजकीय पालीटेक्निक के प्राचार्य डॉ.एसके आजाद सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
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पलिया में दो दिवसीय सत्संग 18 से
लखीमपुर खीरी। कस्बा पलिया में संत असंग साहब का सत्संग समारोह पूर्वमंत्री रामकुमार वर्मा के सौजन्य से 18 नवंबर से शुरू किया जाएगा। सत्संग का समापन 19 नवंबर को होगा।
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संत असंग साहब ने बताया कि सत्संग प्रतिदिन दोपहर दो से शाम पांच बजे तक और रात्रि में 7 से 9 बजे तक चलेगा। इसके अलावा तपोभूमि विश्व कल्याण आश्रम मुस्तफाबाद में 29 और 30 नवंबर तथा एक दिसंबर को राष्ट्रीय स्तर का सत्संग होगा। इसमें कबीर देव, विशाल देव तथा प्रेम देव की जयंती मनाई जाएगी। यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम होगा। देश के विभिन्न क्षेत्रों से संत व श्रद्धालु आएंगे।