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रोली के पिता ने लगाया हत्या का आरोप
Lakhimpur
Updated Fri, 19 Oct 2012 12:00 PM IST
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मोहम्मदी। गांव साहबगंज ग्रंट रेहरिया स्थित राजकीय आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा दो की छात्रा रोली की मौत की गुत्थी गहराती जा रही है। मृतक के पिता सत्यकेतु गौतम ने पुलिस को तहरीर देकर स्कूल प्रशासन पर पुत्री की हत्या कर पंखे से लटकाने का आरोप लगाया है, उधर, स्कूल प्रबंधन आरोपों से इंकार कर रहा है।
बुधवार को विद्यालय में कक्षा दो की छात्रा रोली का शव पंखे से लटकता हुआ मिला था। तब विद्यालय प्रशासन ने आत्महत्या बताते हुए सूचना उसके पिता को भेजी। सत्यकेतु गौतम के अनुसार वह 17 अक्तूबर को करीब दस बजे स्कूल पहुंचा था और बीमार पुत्री रोली को घर ले जाने के लिए विद्यालय में प्रार्थना पत्र देना चाहा था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद वह पुत्र अरविंद के साथ लौट आया था। बाद में रोली अपना सामान लेकर गेट पर आई, जहां उसके पिता नहीं मिले थे। हालांकि जाते समय सत्यकेतु ने गेटकीपर को 50 रुपये देकर बेटी रोली को देने के लिए कहा था। रोली ने गेटकीपर से 50 रुपये नहीं लिए थे और वह उदास होकर कमरे में चली गई थी। कुछ देर बाद उसका शव कमरे में पंखे से लटकता हुआ मिला था। मृतका के पिता सत्यकेतु का आरोप है कि स्कूल के स्टोर इंचार्ज सैय्यद अली और अन्य कर्मचारियों ने उसकी पुत्री को मारकर पंखे से लटका दिया। हालांकि हत्या के कारण की बात सामने नहीं आई है। गुरुवार की सुबह सत्यकेतु अपने परिवार वालों के साथ स्कूल पहुंचा, तो उन्होंने स्कूल कर्मचारियों पर हत्या का आरोप लगाया। कक्षा पांच की बाला देवी, कक्षा 11 की नेहा राज, सविता देवी, प्रियंका देवी समेत तमाम छात्राओं ने इसका विरोध किया तो रोली के परिवार वाले चुप हो गए। इसके बाद मोहम्मदी कोतवाली पहुंचकर रोली के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।
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मौके के हालात से हत्या की आशंका
अमर उजाला से बातचीत में सत्यकेतु ने बताया कि आत्महत्या का मामला संदिग्ध है, क्योंकि चादर से फांसी पर शव लटका था पर पैर जमीन से लगे थे। रोली 12 फुट ऊंचे पंखे तक कैसे पहुंची? यह सब सवालात उसकी हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। उसका यह भी कहना है कि उसे शाम सात बजे उसके बेहोश होने की सूचना दी गई। इस सूचना पर उसका लड़का अरविंद स्कूल आया तो शव का पंचनामा भरा जा चुका था। उसका यह भी आरोप है कि उसकी पुत्री का शव भी नहीं दिखाया गया।
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अधीक्षक और स्टोर इंचार्ज ने दी सफाई
प्रधानाचार्य/अधीक्षक रामलला ने बताया है कि वह 17 अक्तूबर को स्कूल कार्य से सुबह लखीमपुर मुख्यालय गए थे। उन्हें दिन में दो बजे घटना की सूचना मिली तो वह करीब साढ़े तीन बजे स्कूल पहुंचे। तब तक पुलिस स्कूल पहुंच चुकी थी। उन्हाेंने घटना की बावत लिखित सूचना पुलिस को दी। वहीं स्टोर इंचार्ज सैय्यद अली ने बताया है कि रोली के अवकाश प्रार्थना पत्र को मैडम ने स्वीकृत किया था। इसके पश्चात किसी भी छात्रा को घर ले जाने के लिए उसके परिवार वालों की सुपुर्दगी में दिया जाता है और रजिस्टर में उसकी इंट्री की जाती है, लेकिन रोली के पिता इसके पूर्व ही गेटकीपर को रोली को देने के लिए 50 रुपये देकर जा चुके थे। सैय्यद का यह भी कहना है कि उसके पिता को बताया गया था कि रोली को हल्का बुखार है, जिस कारण वह बुधवार को कक्षा में पढ़ने भी नहीं आई थी।
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घटना के वक्त डायनिंग हाल में था सैय्यद
आरोपों के घेरे में आए सैय्यद ने मृतका के पिता के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि वह घटना के वक्त डायनिंग हाल में था और बच्चियों के लिए व्रत वाला भोजन तैयार करा रहा था। तभी अचानक सूचना मिलने पर वह 10-12 छात्राओं के साथ कमरे में पहुंचा, जहां रोली का शव लटका था।
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दूसरी पत्नी की संतान थी रोली
सत्यकेतु के मुताबिक उसकी तीन शादियां हुईं। पहली पत्नी गुड्डी की मौत के बाद उसने वर्ष 2002 में निशा से शादी की थी, जिससे एक पुत्री रोली हुई थी। कुछ समय बाद रोली की मां निशा की मौत हो गई थी। इसके बाद 2008 में उसने रामदेवी के साथ शादी की। पहली पत्नी से एक पुत्र 14 वर्षीय अरविंद, दूसरी से रोली और तीसरी पत्नी से एक पुत्र दो वर्षीय अंबुज है।
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सभी पहलुओं पर नजर: राणा
इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर मिल गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। घटना के सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है।
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बुधवार को विद्यालय में कक्षा दो की छात्रा रोली का शव पंखे से लटकता हुआ मिला था। तब विद्यालय प्रशासन ने आत्महत्या बताते हुए सूचना उसके पिता को भेजी। सत्यकेतु गौतम के अनुसार वह 17 अक्तूबर को करीब दस बजे स्कूल पहुंचा था और बीमार पुत्री रोली को घर ले जाने के लिए विद्यालय में प्रार्थना पत्र देना चाहा था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद वह पुत्र अरविंद के साथ लौट आया था। बाद में रोली अपना सामान लेकर गेट पर आई, जहां उसके पिता नहीं मिले थे। हालांकि जाते समय सत्यकेतु ने गेटकीपर को 50 रुपये देकर बेटी रोली को देने के लिए कहा था। रोली ने गेटकीपर से 50 रुपये नहीं लिए थे और वह उदास होकर कमरे में चली गई थी। कुछ देर बाद उसका शव कमरे में पंखे से लटकता हुआ मिला था। मृतका के पिता सत्यकेतु का आरोप है कि स्कूल के स्टोर इंचार्ज सैय्यद अली और अन्य कर्मचारियों ने उसकी पुत्री को मारकर पंखे से लटका दिया। हालांकि हत्या के कारण की बात सामने नहीं आई है। गुरुवार की सुबह सत्यकेतु अपने परिवार वालों के साथ स्कूल पहुंचा, तो उन्होंने स्कूल कर्मचारियों पर हत्या का आरोप लगाया। कक्षा पांच की बाला देवी, कक्षा 11 की नेहा राज, सविता देवी, प्रियंका देवी समेत तमाम छात्राओं ने इसका विरोध किया तो रोली के परिवार वाले चुप हो गए। इसके बाद मोहम्मदी कोतवाली पहुंचकर रोली के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।
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मौके के हालात से हत्या की आशंका
अमर उजाला से बातचीत में सत्यकेतु ने बताया कि आत्महत्या का मामला संदिग्ध है, क्योंकि चादर से फांसी पर शव लटका था पर पैर जमीन से लगे थे। रोली 12 फुट ऊंचे पंखे तक कैसे पहुंची? यह सब सवालात उसकी हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। उसका यह भी कहना है कि उसे शाम सात बजे उसके बेहोश होने की सूचना दी गई। इस सूचना पर उसका लड़का अरविंद स्कूल आया तो शव का पंचनामा भरा जा चुका था। उसका यह भी आरोप है कि उसकी पुत्री का शव भी नहीं दिखाया गया।
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अधीक्षक और स्टोर इंचार्ज ने दी सफाई
प्रधानाचार्य/अधीक्षक रामलला ने बताया है कि वह 17 अक्तूबर को स्कूल कार्य से सुबह लखीमपुर मुख्यालय गए थे। उन्हें दिन में दो बजे घटना की सूचना मिली तो वह करीब साढ़े तीन बजे स्कूल पहुंचे। तब तक पुलिस स्कूल पहुंच चुकी थी। उन्हाेंने घटना की बावत लिखित सूचना पुलिस को दी। वहीं स्टोर इंचार्ज सैय्यद अली ने बताया है कि रोली के अवकाश प्रार्थना पत्र को मैडम ने स्वीकृत किया था। इसके पश्चात किसी भी छात्रा को घर ले जाने के लिए उसके परिवार वालों की सुपुर्दगी में दिया जाता है और रजिस्टर में उसकी इंट्री की जाती है, लेकिन रोली के पिता इसके पूर्व ही गेटकीपर को रोली को देने के लिए 50 रुपये देकर जा चुके थे। सैय्यद का यह भी कहना है कि उसके पिता को बताया गया था कि रोली को हल्का बुखार है, जिस कारण वह बुधवार को कक्षा में पढ़ने भी नहीं आई थी।
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घटना के वक्त डायनिंग हाल में था सैय्यद
आरोपों के घेरे में आए सैय्यद ने मृतका के पिता के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि वह घटना के वक्त डायनिंग हाल में था और बच्चियों के लिए व्रत वाला भोजन तैयार करा रहा था। तभी अचानक सूचना मिलने पर वह 10-12 छात्राओं के साथ कमरे में पहुंचा, जहां रोली का शव लटका था।
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दूसरी पत्नी की संतान थी रोली
सत्यकेतु के मुताबिक उसकी तीन शादियां हुईं। पहली पत्नी गुड्डी की मौत के बाद उसने वर्ष 2002 में निशा से शादी की थी, जिससे एक पुत्री रोली हुई थी। कुछ समय बाद रोली की मां निशा की मौत हो गई थी। इसके बाद 2008 में उसने रामदेवी के साथ शादी की। पहली पत्नी से एक पुत्र 14 वर्षीय अरविंद, दूसरी से रोली और तीसरी पत्नी से एक पुत्र दो वर्षीय अंबुज है।
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सभी पहलुओं पर नजर: राणा
इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर मिल गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। घटना के सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है।