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दमयंती का इस्तीफा मंजूर
Lakhimpur
Updated Fri, 19 Oct 2012 12:00 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत अध्यक्ष दमयंती किशोर द्वारा 16 अक्तूबर को दिया गया इस्तीफा शासन ने मंजूर कर लिया। बुधवार रात इसकी सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाला मतदान कार्यक्रम निरस्त कर दिया। यही नहीं रातों रात आनन-फानन में जिला पंचायत अध्यक्ष के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन कर दिया है। इसी के साथ जिले में ‘लाल बत्ती’ को लेकर सपा-बसपा में चल रहे घमासान पर भी कुछ समय के लिए विराम लग गया है।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बसपा सांसद जुगुल किशोर की पत्नी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष दमयंती किशोर को कुर्सी से हटाने में सपाई जुट गए थे। इसी कड़ी में सपाई चार सितंबर को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आए। इस पर 25 सितंबर को मतदान की तिथि निर्धारित की गई, लेकिन यह तिथि अपरिहार्य कारणों से बढ़ाकर 18 अक्तूबर कर दी गई। सूत्र बताते हैं कि 25 सितंबर को सपा खेमे में सदस्यों की संख्या इतनी नहीं थी कि वह अविश्वास प्रस्ताव पास करा पाते। यही वजह थी कि बसपाई इस तिथि तक सपा खेमे द्वारा कोरम पूरा करने भर के सदस्यों के उनके पास न होने का दावा कर रहे थे, लेकिन जैसे ही मतदान की तिथि बढ़ाकर 18 अक्तूबर की गई वैसे ही सपाइयों ने बसपा खेमे के सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए हर स्तर से प्रयास शुरू कर दिए। बसपाइयों का आरोप है कि सपाइयों ने लाल बत्ती छीनने के लिए इस हद तक निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष दमयंती किशोर के परिवार के सदस्यों और उनके सहयोगियों का उत्पीड़न किया कि मतदान के दो दिन पहले ही 16 अक्तूबर को दमयंती ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। जिला प्रशासन ने इस्तीफे को स्वीकृत होने के लिए प्रमुख सचिव, पंचायती राज को 17 अक्तूबर को भेजा। शासन में यह इस्तीफा 17 अक्तूबर को ही स्वीकृत हो गया तथा इसी तिथि को जिला पंचायत अध्यक्ष के दायित्वों के निर्वहन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन भी गठन कर दिया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी योगेंद्र कटियार ने इस्तीफा मंजूर होने तथा तीन सदस्यीय कमेटी का गठन शासन द्वारा कर देने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बुधवार की देर रात ही जिला पंचायत अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर होकर यहां पहुंच गया था, इस लिए 18 अक्तूबर को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाला मतदान निरस्त कर दिया गया।
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कमलपाल, जगदीश, राजेश कमेटी में
जिला पंचायत अध्यक्ष के अधिकार व दायित्वों का निर्वहन करने के लिए शासन ने जो कमेटी गठित की है उसमे पहले नंबर पर नाम कमलपाल कौर का है। जिला पंचायत सदस्य जगदीश प्रसाद का नाम दूसरे तथा राजेश कुमार का नाम तीसरे नंबर पर है।
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कमलपाल होंगी अगली दावेदार!
लखीमपुर खीरी। सपा के खेमे से जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी कौन करेगा हालांकि इसकी घोषणा अधिकृत रूप से सपा ने भले ही न की हो, लेकिन सपाइयों के जश्न के दौरान गुरुवार को दिखे नज़ारे ने यह साफ कर दिया है कि सपा की ओर से इस पद की दावेदारी कमलपाल कौर ही करेंगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष को कुर्सी से हटाने में कामयाब होने के बाद सपाई आज खासे खुश नज़र आए। इस मौके पर उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों का अभार प्रकट करने के लिए एक मीटिंग का भी आयोजन किया। शहर के एक बारात घर में आयोजित एक समारोह में मौजूद सपाइयों ने जिला पंचायत सदस्य कमलपाल कौर को फूल मालाओं से लाद दिया। शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए जो कमेटी गठित की गई है उसमे भी पहला नाम कमलपाल कौर का है। यही नहीं तीन सदस्यीय कमेटी में कमलपाल कौर ही इकलौती महिला जिला पंचायत सदस्य है। जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी यहां महिला के लिए आरक्षित है। इससे साफ है कि जब भी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव होगा उस समय कमलपाल कौर ही सपा की ओर से दावेदारी करेंगी।
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प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बसपा सांसद जुगुल किशोर की पत्नी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष दमयंती किशोर को कुर्सी से हटाने में सपाई जुट गए थे। इसी कड़ी में सपाई चार सितंबर को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आए। इस पर 25 सितंबर को मतदान की तिथि निर्धारित की गई, लेकिन यह तिथि अपरिहार्य कारणों से बढ़ाकर 18 अक्तूबर कर दी गई। सूत्र बताते हैं कि 25 सितंबर को सपा खेमे में सदस्यों की संख्या इतनी नहीं थी कि वह अविश्वास प्रस्ताव पास करा पाते। यही वजह थी कि बसपाई इस तिथि तक सपा खेमे द्वारा कोरम पूरा करने भर के सदस्यों के उनके पास न होने का दावा कर रहे थे, लेकिन जैसे ही मतदान की तिथि बढ़ाकर 18 अक्तूबर की गई वैसे ही सपाइयों ने बसपा खेमे के सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए हर स्तर से प्रयास शुरू कर दिए। बसपाइयों का आरोप है कि सपाइयों ने लाल बत्ती छीनने के लिए इस हद तक निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष दमयंती किशोर के परिवार के सदस्यों और उनके सहयोगियों का उत्पीड़न किया कि मतदान के दो दिन पहले ही 16 अक्तूबर को दमयंती ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। जिला प्रशासन ने इस्तीफे को स्वीकृत होने के लिए प्रमुख सचिव, पंचायती राज को 17 अक्तूबर को भेजा। शासन में यह इस्तीफा 17 अक्तूबर को ही स्वीकृत हो गया तथा इसी तिथि को जिला पंचायत अध्यक्ष के दायित्वों के निर्वहन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन भी गठन कर दिया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी योगेंद्र कटियार ने इस्तीफा मंजूर होने तथा तीन सदस्यीय कमेटी का गठन शासन द्वारा कर देने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बुधवार की देर रात ही जिला पंचायत अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर होकर यहां पहुंच गया था, इस लिए 18 अक्तूबर को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाला मतदान निरस्त कर दिया गया।
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कमलपाल, जगदीश, राजेश कमेटी में
जिला पंचायत अध्यक्ष के अधिकार व दायित्वों का निर्वहन करने के लिए शासन ने जो कमेटी गठित की है उसमे पहले नंबर पर नाम कमलपाल कौर का है। जिला पंचायत सदस्य जगदीश प्रसाद का नाम दूसरे तथा राजेश कुमार का नाम तीसरे नंबर पर है।
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कमलपाल होंगी अगली दावेदार!
लखीमपुर खीरी। सपा के खेमे से जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी कौन करेगा हालांकि इसकी घोषणा अधिकृत रूप से सपा ने भले ही न की हो, लेकिन सपाइयों के जश्न के दौरान गुरुवार को दिखे नज़ारे ने यह साफ कर दिया है कि सपा की ओर से इस पद की दावेदारी कमलपाल कौर ही करेंगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष को कुर्सी से हटाने में कामयाब होने के बाद सपाई आज खासे खुश नज़र आए। इस मौके पर उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों का अभार प्रकट करने के लिए एक मीटिंग का भी आयोजन किया। शहर के एक बारात घर में आयोजित एक समारोह में मौजूद सपाइयों ने जिला पंचायत सदस्य कमलपाल कौर को फूल मालाओं से लाद दिया। शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए जो कमेटी गठित की गई है उसमे भी पहला नाम कमलपाल कौर का है। यही नहीं तीन सदस्यीय कमेटी में कमलपाल कौर ही इकलौती महिला जिला पंचायत सदस्य है। जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी यहां महिला के लिए आरक्षित है। इससे साफ है कि जब भी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव होगा उस समय कमलपाल कौर ही सपा की ओर से दावेदारी करेंगी।