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यहां तो साफ पानी भी मयस्सर नहीं

Lakhimpur Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
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दूषित पेयजल की सप्लाई से लोग परेशान, बढ़ रही है मरीजों की संख्या
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लखीमपुर खीरी। लोगों को आम जरूरत की चीजें तो मिलना मुश्किल है हीं चिंताजनक बात यह है कि पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल पा रहा। जिले के तराई क्षेत्रों के तमाम ऐसे गांव हैं जहां लोगों को अर्सेनिक युक्त पानी मिलता है, वहीं शहरी क्षेत्र की स्थिति भी इससे अलग नहीं है, यहां भी दूषित पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टराें के अनुसार जिले में लगभग 80 फीसदी लोग दूषित पानी पीने से बीमार होते हैं।
गर्मी ने प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है पानी की मांग बढ़ी है पर संसाधनों की कमी है। इससे भी ज्यादा दिक्कत यह है कि दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। देखने में पानी भले ही साफ दिखता हो लेकिन वास्तव में वह काफी दूषित होता है। शहर के पानी में यह बात आसानी से देखी जा सकती है, पानी थोड़ी देर किसी बर्तन में रख देने से बर्तन में एक सफेद सी परत जम जाती है। विशेषज्ञों की माने तो ऐसा इसलिए है, क्योंकि तमाम जहरीले तत्व भूगर्भ जल में शामिल हो चुके हैं। शहर में दशकों पुरानी पाइप लाइन हैं, तमाम पाइप लाइन नालियों से होकर निकली हैं। कहीं-कहीं पाइप गल गए हैं, जिससे नालियों का गंदा पानी भी चला जाता है।

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कई बार लिखा गया है साफ पानी के लिए
ईओ नगर पालिका को कई बार लिखा गया है कि वे ओवरहेड टैंकों की सफाई कराएं। टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर डाला जाए, आर्थो क्लोरीन चेक की जाए। यदि पानी में क्लोरीन है तो वह नेसेंट आक्सीजन छोड़ती है, इससे हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस मर जाते हैं। यदि तीन टेस्ट में क्लोरीन की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो इसे जांच के लिए क्षेत्रीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजना चाहिए। यदि पानी दूषित होता है तो बीमारियां बढ़ती हैं।
-डॉ. हर्ष शर्मा, जिला संक्रामक रोग अधिकारी
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क्या हो सकती हैं बीमारियां
दूषित और गंदा पानी पीने से इंट्रोवायरस, टायफाइड, ज्वाइंडिस, पेट संबंधी और त्वचा रोग हो जाते हैं। अधिक दिन तक दूषित पानी पीने से लीवर और किडनी पर भी इसका असर पड़ने लगता है। यदि अधिक समय तक दूषित पानी पिया जाए तो कैंसर जैसी बीमारियां होने तक का खतरा बढ़ जाता है।
-डॉ. एचजी सिंह, फिजीशियन
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नियमित होती है ओवरहेड टैंकों की सफाई
नगर पालिका के सभी टैंको की सफाई अप्रैल में ही कराई जा चुकी है। सभी टैंकों के पानी में क्लोरीन मिलाई जाती है। नगर पलिका के पाइप कहीं नहीं टूटे हैं। वे पाइप जो लोगों के अपने हैं और घरों तक ले जाए गए हैं उनमें कहीं लीकेज हो सकती है यदि उन्हें ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो तुरंत उसे ठीक कराया जाता है।
-वीके झा, अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका
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क्यों जमती है सफेद परत
अपने शहर में अक्सर यह देखा गया है, कि थोड़ी देर रखे पानी में एक सफेद परत जम जाती है इस संबंध में डॉ. हर्ष शर्मा बताते हैं कि यदि पानी में आयरन की मात्रा अधिक है तो पानी में लाल रंग दिखता है। यदि कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम आदि मिले होते हैं तो बर्तन में कुछ देर बाद एक सफेद परत जम जाती है। ऐसा पानी पीने से गाल ब्लेडर और किडनी में स्टोन हो सकता है।

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