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घोड़ा और पड़डे को बाघ ने मार डाला
Lakhimpur
Updated Sat, 15 Nov 2014 05:31 AM IST
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निघासन। क्षेत्र के सोनाकलां जंगल में घास चरने गए घोड़ा और पड्डे को बाघ ने मार डाला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने बाघ के पदचिन्ह मिलने की पुष्टि की है।
क्षेत्र के अदलाबाद निवासी भगौती और पुत्तू लाल शारदा नदी के पार जंगल में मवेशी चराने गए थे। शाम होते ही वह सारे मवेशियों को लेकर घर चले आए। घोड़ी और एक पड्डा न मिलने के कारण जंगल में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिले। शुक्रवार की सुबह फिर तलाश करने पर जंगल के बीच में घोड़ी और पड्डे के लहूलुहान हालत में शव मिले, जिनके शरीर के कई हिस्सों से मांस खाया गया था। उधर अदलाबाद के ओमप्रकाश और उमाशंकर ने बताया कि जंगल में कई दिन पहले मवेशी चराने गए थे। वहां पर बाघ को देखकर भाग आए थे। लुधौरी रेंज के रेंजर रनवीर मिश्रा ने बताया कि जंगल में बाघ के पदचिन्ह मिले हैं, इसलिए जंगल के किनारे बसे ग्रामीणों को वहां न जाने की हिदायत दी गई है।
क्षेत्र के अदलाबाद निवासी भगौती और पुत्तू लाल शारदा नदी के पार जंगल में मवेशी चराने गए थे। शाम होते ही वह सारे मवेशियों को लेकर घर चले आए। घोड़ी और एक पड्डा न मिलने के कारण जंगल में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिले। शुक्रवार की सुबह फिर तलाश करने पर जंगल के बीच में घोड़ी और पड्डे के लहूलुहान हालत में शव मिले, जिनके शरीर के कई हिस्सों से मांस खाया गया था। उधर अदलाबाद के ओमप्रकाश और उमाशंकर ने बताया कि जंगल में कई दिन पहले मवेशी चराने गए थे। वहां पर बाघ को देखकर भाग आए थे। लुधौरी रेंज के रेंजर रनवीर मिश्रा ने बताया कि जंगल में बाघ के पदचिन्ह मिले हैं, इसलिए जंगल के किनारे बसे ग्रामीणों को वहां न जाने की हिदायत दी गई है।
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