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सभी नदियां उफनाईं, खीरी में छह लोग घाघरा में बहे
Lakhimpur
Updated Sun, 17 Aug 2014 05:30 AM IST
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धौरहरा में बाढ़ के पानी में बहने से एक की जान गई
- ईसानगर में घाघरा नदी में नाव पलटी, पांच तैरकर निकले
- प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश के लिए स्टीमर लगाया
- तिकुनियां और धौरहरा के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में
अमर उजाला ब्यूरो
तिकुनियां/ धौरहरा/ ईसानगर (लखीमपुर खीरी)। पहाड़ों पर बारिश और नेपाल से नेपाल से नदियों में पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा, शारदा, गंगा और रामगंगा नदियां उफना गई हैं। लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनियां और धौरहरा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। तमाम लोग गांवों में फंस गए हैं और पानी भरने के कारण आवागमन भी संभव नहीं है। इसी दौरान ईसानगर क्षेत्र में घाघरा नदी पार करते समय 11 लोगों से भरी एक नाव पलट गई जिसमें से पांच लोगों ने तैरकर जान बचा ली, जबकि छह लोग बह गए। उधर, धौरहरा क्षेत्र के कैरातीपुरवा गांव निवासी विशेश्वर (45) शनिवार शाम घर का सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाते समय रास्ते में भरे बाढ़ के पानी में वह गए। काफी खोजबीन के बाद उनका शव निकाला जा सका। उधर तिकुनियां के आगे बहराइच जिले के बिछिया और नानपारा रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक पर पानी आने से मैलानी और गोंडा के बीच रेल यातायात प्रभावित हुआ है।
ईसानगर थाना क्षेत्र में घाघरा नदी पार इलाके में बसे गांवों के लोग कटौली बाजार में शुक्रवार को रोजमर्रा की चीजें खरीदने आए थे। शाम को 11 लोग एक नाव पर सवार होकर अपने घर के लिए रवाना हुए। बीच नदी में घाघरा की तेज लहरों के बीच नाव फंसकर डूब गई। इसमें मांझा शुमाली निवासी परशुराम और मनोरथ, लोनियनपुरवा के संतोष मिस्त्री, रामलाल पुरवा के आशाराम और दामूबेहड़ निवासी सत्तन ने तैरकर अपनी जान बचा ली, मगर राम प्रसाद (38), फूलमती (40) पत्नी शिवपूजन और उसकी दो बेटिया कोयल (14) और पूजा (12) निवासी मांझा शुमाली, सोनेलाल (45) निवासी मोचनापुर और उमेश (32) निवासी अमेठी लापता हो गए। बच कर निकले लोगों के गांव पहुंचने पर लोगों को हादसे की खबर हुई। इसी क्षेत्र में स्कूली बच्चों से भरी एक नाव भी पलट गई, परंतु इसमें कोई बच्चा हताहत नहीं हुआ।
शनिवार सुबह प्रभारी डीएम नितीश कुमार, एडीएम हरिकेश चौरसिया, पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे। हालात का जायजा लेने के बाद अधिकारियों ने लापता लोगों की तलाश के लिए एक स्टीमर और फ्लड पीएसी के जवानों को तैनात कर दिया है। हालांकि प्रभारी डीएम का कहना यह भी है कि गांवों में पानी भरा होने के कारण घाघरा नदी में बहने वाले लोगों की पुष्टि नहीं हो पा रही है।
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इस बीच पीलीभीत में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी ने माधौटांडा क्षेत्र के नौजल्हा नंबर दो में लूप बनाकर कटान करना शुरू कर दिया है। शाहजहांपुर में गंगा-रामगंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न बैराजों से शनिवार सुबह रामगंगा में 96 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। हरिद्वार से गंगा में छड़ा गया 3,11,736 क्यूसेक पानी अगले दो-तीन दिन में बदायूं जिले की सीमा में पहुंचने का संभावना है। इस कारण गंगा किनारे वालों लोगों में खलबली मच गई है।
- ईसानगर में घाघरा नदी में नाव पलटी, पांच तैरकर निकले
- प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश के लिए स्टीमर लगाया
- तिकुनियां और धौरहरा के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में
अमर उजाला ब्यूरो
तिकुनियां/ धौरहरा/ ईसानगर (लखीमपुर खीरी)। पहाड़ों पर बारिश और नेपाल से नेपाल से नदियों में पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा, शारदा, गंगा और रामगंगा नदियां उफना गई हैं। लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनियां और धौरहरा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। तमाम लोग गांवों में फंस गए हैं और पानी भरने के कारण आवागमन भी संभव नहीं है। इसी दौरान ईसानगर क्षेत्र में घाघरा नदी पार करते समय 11 लोगों से भरी एक नाव पलट गई जिसमें से पांच लोगों ने तैरकर जान बचा ली, जबकि छह लोग बह गए। उधर, धौरहरा क्षेत्र के कैरातीपुरवा गांव निवासी विशेश्वर (45) शनिवार शाम घर का सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाते समय रास्ते में भरे बाढ़ के पानी में वह गए। काफी खोजबीन के बाद उनका शव निकाला जा सका। उधर तिकुनियां के आगे बहराइच जिले के बिछिया और नानपारा रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक पर पानी आने से मैलानी और गोंडा के बीच रेल यातायात प्रभावित हुआ है।
ईसानगर थाना क्षेत्र में घाघरा नदी पार इलाके में बसे गांवों के लोग कटौली बाजार में शुक्रवार को रोजमर्रा की चीजें खरीदने आए थे। शाम को 11 लोग एक नाव पर सवार होकर अपने घर के लिए रवाना हुए। बीच नदी में घाघरा की तेज लहरों के बीच नाव फंसकर डूब गई। इसमें मांझा शुमाली निवासी परशुराम और मनोरथ, लोनियनपुरवा के संतोष मिस्त्री, रामलाल पुरवा के आशाराम और दामूबेहड़ निवासी सत्तन ने तैरकर अपनी जान बचा ली, मगर राम प्रसाद (38), फूलमती (40) पत्नी शिवपूजन और उसकी दो बेटिया कोयल (14) और पूजा (12) निवासी मांझा शुमाली, सोनेलाल (45) निवासी मोचनापुर और उमेश (32) निवासी अमेठी लापता हो गए। बच कर निकले लोगों के गांव पहुंचने पर लोगों को हादसे की खबर हुई। इसी क्षेत्र में स्कूली बच्चों से भरी एक नाव भी पलट गई, परंतु इसमें कोई बच्चा हताहत नहीं हुआ।
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शनिवार सुबह प्रभारी डीएम नितीश कुमार, एडीएम हरिकेश चौरसिया, पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे। हालात का जायजा लेने के बाद अधिकारियों ने लापता लोगों की तलाश के लिए एक स्टीमर और फ्लड पीएसी के जवानों को तैनात कर दिया है। हालांकि प्रभारी डीएम का कहना यह भी है कि गांवों में पानी भरा होने के कारण घाघरा नदी में बहने वाले लोगों की पुष्टि नहीं हो पा रही है।
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इस बीच पीलीभीत में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी ने माधौटांडा क्षेत्र के नौजल्हा नंबर दो में लूप बनाकर कटान करना शुरू कर दिया है। शाहजहांपुर में गंगा-रामगंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न बैराजों से शनिवार सुबह रामगंगा में 96 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। हरिद्वार से गंगा में छड़ा गया 3,11,736 क्यूसेक पानी अगले दो-तीन दिन में बदायूं जिले की सीमा में पहुंचने का संभावना है। इस कारण गंगा किनारे वालों लोगों में खलबली मच गई है।