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930 ग्राम पंचायतों के खातों पर लगेगी रोक
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 07 May 2015 08:22 PM IST
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जिला पंचायत राज विभाग की साइड प्रिया सॉफ्ट पर वित्तीय वर्ष 2014-15 में राज्य एवं वित्त आयोग समेत अन्य मदों से मिली धनराशि के खर्च का ब्योरा ऑनलाइन करने में लापरवाही बरत रहे ग्राम प्रधानों को आखिरी चेतावनी दी गई है। डीपीआरओ योगेंद्र कटियार ने कहा कि अगर 15 मई तक पंचायतों का ब्योरा ऑनलाइन नहीं हुआ हो तो पंचायत निधि के खातों पर रोक लगाकर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने ब्लाकों के एडीओ और बीडीओ को पत्र भेजकर चेतावनी के बाबत अवगत कराया है।
उनके मुताबिक जिले में 995 ग्राम पंचायतें हैं। सभी पंचायतों के प्रधानों को पहले कई बार खर्च का ब्योरा अपलोड करने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन जिले की सिर्फ 65 ग्राम पंचायतों ने ही खर्च का ब्योरा ऑनलाइन किया है। शेष पंचायतों से कोई जानकारी नहीं मिली है। बता दें कि ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए कई मदों में धन आवंटित किया जाता है। इसके अलावा राज्य एवं वित्त आयोग से भी करोड़ों रुपये की धनराशि आवंटित की जाती है। ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद खर्च की गई धनराशि का ब्योरा देना होता है, लेकिन इसे लेकर ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। डीपीआरओ ने बताया कि बार-बार पत्र भेजने के बावजूद प्रधानों पर कोई असर नहीं हुआ है, इसलिए आखिरी बार खर्च का ब्योरा न देने वाली 930 पंचायतों की समय सीमा तय कर दी गई है। इसके बाद भी लापरवाही करने वाली पंचायतों के खातों पर रोक लगा दी जाएगी।
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उनके मुताबिक जिले में 995 ग्राम पंचायतें हैं। सभी पंचायतों के प्रधानों को पहले कई बार खर्च का ब्योरा अपलोड करने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन जिले की सिर्फ 65 ग्राम पंचायतों ने ही खर्च का ब्योरा ऑनलाइन किया है। शेष पंचायतों से कोई जानकारी नहीं मिली है। बता दें कि ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए कई मदों में धन आवंटित किया जाता है। इसके अलावा राज्य एवं वित्त आयोग से भी करोड़ों रुपये की धनराशि आवंटित की जाती है। ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद खर्च की गई धनराशि का ब्योरा देना होता है, लेकिन इसे लेकर ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। डीपीआरओ ने बताया कि बार-बार पत्र भेजने के बावजूद प्रधानों पर कोई असर नहीं हुआ है, इसलिए आखिरी बार खर्च का ब्योरा न देने वाली 930 पंचायतों की समय सीमा तय कर दी गई है। इसके बाद भी लापरवाही करने वाली पंचायतों के खातों पर रोक लगा दी जाएगी।
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