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लक्ष्य के सापेक्ष 92 फीसदी हुई खरीद

Wed, 17 Jun 2015 07:56 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Wed, 17 Jun 2015 07:56 PM IST
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रबी विपणन वर्र्ष 2015-16 में मूल्य समर्थन योजना के तहत सरकारी एजेंसियों की खरीद 15 जून से बंद हो गई है। इस अवधि में 221 क्रय केंद्रों के माध्यम से एक लाख 51 हजार 629 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जो लक्ष्य एक लाख 65 हजार मीट्रिक टन का 92 फीसदी है। वहीं  दो एजेंसियों पीसीएफ और पंजीकृत सहकारी समितियाें पर तीन करोड़ 34 लाख 57 हजार रुपये किसानों का भुगतान बकाया रह गया है। किसान भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
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इस बार शासन ने पहले तीन माह तक चलने वाली खरीद अवधि को घटाकर र्ढाई माह कर दिया था। एक अप्रैल से 15 जून 2015 तक शासन ने गेहूं खरीद का लक्ष्य एक लाख 65 हजार मीट्रिक टन तय किया था। इसके सापेक्ष 221 क्रय केंद्रों के माध्यम से एक लाख 51 हजार 629 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने में कामयाबी हासिल की है, क्योंकि पिछले वर्ष इस अवधि में 30 हजार 944 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस बार भी पीसीएफ ने 87 केंद्रों के  माध्यम से 72 हजार 186 मीट्रिन टन गेहूं खरीद की है। तो दूसरे नंबर पर रहे आढ़तियों ने 67 केंद्रों के माध्यम से 41,011 मीट्रिक टन गेहूं खरीद कर डाली है। बकाए के मामले में पीसीएफ पर किसानों का तीन करोड़ 14 लाख 92 हजार रुपये बकाया है। इसी तरह पंजीकृत सहकारी समितियों पर 19.84 लाख रुपये बकाया हैं।
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वरिष्ठ विपणन निरीक्षक वीणा सिंह ने बताया कि किसानों के बकाया भुगतान का मामला संज्ञान में है। जल्द से जल्द किसानों को आरटीएस से भुगतान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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