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.. अब नगरिया झील का होगा सौंदर्यीकरण
Updated Tue, 04 Dec 2018 09:59 PM IST
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के अंतर्गत मैलानी रेंज स्थित नगरिया झील का जल्द ही सुंदरीकरण किया जाएगा। इसके लिए शासन ने 48 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है। पक्षी प्रेमी और सैलानियों को आकर्षित करने के लिए सीटों आदि का निर्माण होगा। झील में दो आईलैंड और पांच चेक डैम भी बनेंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज स्थित बांकेगंज कस्बा से सटी नगरिया झील पक्षी प्रेमियों के लिए हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र रही है। इस झील में पूरे साल पानी रहता है। जिससे यहां क्षेत्रीय परिंदों का स्थायी बसेरा हैं। इसके अलावा सर्दियों में दूर देशों से हजारों किलोमीटर लंबी उड़ान भरकर प्रवासी परिंदें आकर चार महीने तक प्रवास करते हैं। इस दौरान इस झील की रौनक और ज्यादा बढ़ जाती है। अब वन विभाग ने इसे और अधिक खूबसूरत और आकर्षक बननने की योजना बनाई है।
करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली झील के चारों तरफ पक्षियों के घोषला बनाने और उपयुक्त भोजन उपलब्ध कराने लायक पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही फरवरी माह के बाद झील की साफ-सफाई कराने और इसकी गहराई बढ़ाने का काम किया जाएगा। झील में दो आईलैंड और पांच चेकडैम भी बनाए जाएंगे। पहले चरण में झील के 25 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अनावयश्क खरपतवार भी हटाकर झील को साफ किया जाएगा। पक्षियों को पर्याप्त भोजन मिले इसके लिए झील में मछलियां डालने की भी योजना है।
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स्वीकृत धनराशि से पक्षियों की निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए जाएंगे। नगरिया झील के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ाने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इसके लिए झील की विशेषता और यहां पाए जाने वाले स्थानीय परिंदों और सर्दियों के मौसम में ठंडे देशों से आने वाले प्रवासी परिंदों का उल्लेख करते हुए तीन होर्डिंग्स भी लगाई जाएंगी। इसके साथ ही यहां नेचर कैंप आयोजित किए जाएंगे। बच्चों को बर्ड वॉचिंग कराई जाएगी। यहां पक्षी प्रेमियों और सैलानियों की सुविधा के लिए झील के चारों तरफ बैठने के लिए सीटें और एक शौचालय युक्त हट का भी निर्माण कराया जाएगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि सुंदरीकरण और विकास कार्य फरवरी के बाद शुरू किए जाएंगे। ताकि इस झील में इन दिनों यहां रहे हजारों की संख्या में प्रवासी परिंदों के प्रवास में कोई खलल न पड़े। नगरिया झील किशनपुर सेंक्चुरी से जोड़े जाने वाले टूरिस्ट सर्किट का खूबसूरत पड़ाव बनेगी।
सारस का अनुकूल प्राकृतिक वास है नगरिया झील
बांकेगंज के निकट नगरिया झील के आसपास सारस की अच्छी आबादी है। इसके अलावा ठंडे देशों से भी सर्दियों के मौसम में विभिन्न प्रकार के सारस यहां आते हैं। पक्षी विशेषज्ञों के अध्ययन में यह पाया गया कि नगरिया झील का क्षेत्र सारस का अनुकूल प्राकृतिक आवास है। इसके सुंदरीकरण और विकास से सारस का संरक्षण आसान होगा।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज स्थित बांकेगंज कस्बा से सटी नगरिया झील पक्षी प्रेमियों के लिए हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र रही है। इस झील में पूरे साल पानी रहता है। जिससे यहां क्षेत्रीय परिंदों का स्थायी बसेरा हैं। इसके अलावा सर्दियों में दूर देशों से हजारों किलोमीटर लंबी उड़ान भरकर प्रवासी परिंदें आकर चार महीने तक प्रवास करते हैं। इस दौरान इस झील की रौनक और ज्यादा बढ़ जाती है। अब वन विभाग ने इसे और अधिक खूबसूरत और आकर्षक बननने की योजना बनाई है।
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करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली झील के चारों तरफ पक्षियों के घोषला बनाने और उपयुक्त भोजन उपलब्ध कराने लायक पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही फरवरी माह के बाद झील की साफ-सफाई कराने और इसकी गहराई बढ़ाने का काम किया जाएगा। झील में दो आईलैंड और पांच चेकडैम भी बनाए जाएंगे। पहले चरण में झील के 25 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अनावयश्क खरपतवार भी हटाकर झील को साफ किया जाएगा। पक्षियों को पर्याप्त भोजन मिले इसके लिए झील में मछलियां डालने की भी योजना है।
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स्वीकृत धनराशि से पक्षियों की निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए जाएंगे। नगरिया झील के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ाने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इसके लिए झील की विशेषता और यहां पाए जाने वाले स्थानीय परिंदों और सर्दियों के मौसम में ठंडे देशों से आने वाले प्रवासी परिंदों का उल्लेख करते हुए तीन होर्डिंग्स भी लगाई जाएंगी। इसके साथ ही यहां नेचर कैंप आयोजित किए जाएंगे। बच्चों को बर्ड वॉचिंग कराई जाएगी। यहां पक्षी प्रेमियों और सैलानियों की सुविधा के लिए झील के चारों तरफ बैठने के लिए सीटें और एक शौचालय युक्त हट का भी निर्माण कराया जाएगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि सुंदरीकरण और विकास कार्य फरवरी के बाद शुरू किए जाएंगे। ताकि इस झील में इन दिनों यहां रहे हजारों की संख्या में प्रवासी परिंदों के प्रवास में कोई खलल न पड़े। नगरिया झील किशनपुर सेंक्चुरी से जोड़े जाने वाले टूरिस्ट सर्किट का खूबसूरत पड़ाव बनेगी।
सारस का अनुकूल प्राकृतिक वास है नगरिया झील
बांकेगंज के निकट नगरिया झील के आसपास सारस की अच्छी आबादी है। इसके अलावा ठंडे देशों से भी सर्दियों के मौसम में विभिन्न प्रकार के सारस यहां आते हैं। पक्षी विशेषज्ञों के अध्ययन में यह पाया गया कि नगरिया झील का क्षेत्र सारस का अनुकूल प्राकृतिक आवास है। इसके सुंदरीकरण और विकास से सारस का संरक्षण आसान होगा।