Lakhimpur Kheri: दुधवा आने वाले सैलानियों को जंगल की सैर कराएंगे 90 गाइड, एक नवंबर से शुरू हो रहा पर्यटन सत्र
दुधवा नेशनल पार्क में एक नवंबर से पर्यटन सत्र शुरू हो रहा है। यहां आने वाले सैलानियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए दुधवा प्रशासन तैयारियों में जुटा है। इस बार 90 गाइड सैलानियों को जंगल की सैर कराएंगे।
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लखीमपुर खीरी में सैलानियों के लिए एक नवंबर से दुधवा नेशनल पार्क के द्वार खुलने जा रहे हैं। उन्हें जंगल की आबोहवा व यहां के अनूठी जैव विविधता के बारे में बताने व बाघों के अलावा गैंडा साइटिंग कराने के लिए 90 गाइडों की टीम तैयार की गई है। पार्क प्रशासन ने परीक्षा के बाद इनका चयन कर लिया है।
नवीन पर्यटन सत्र के लिए दो से 10 नवंबर तक कई हट की सैलानियों ने एडवांस बुकिंग करा ली है। पिछले पर्यटन सत्र की तुलना में इस बार हट के बाहर के अलावा अंदर भी बेहतर व्यवस्था करने का काम किया जा रहा है। पहले यहां हाईटेक एलईडी लगी हुई थी, जिसको सैलानी मोबाइल फोन से कनेक्ट कर लेते थे। इस बार उसको बदलकर नए सिरे से बनाया जा रहा है।
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इस बार वाहन बढ़े
वहीं, पार्क कर्मियों ने जंगल के रास्तों को काफी हद तक ठीक कर लिया है। सुहेली नदी में नेपाली नदियों से पानी आने के कारण कई जगह जलभराव की स्थिति हो गई थी। इस सत्र में सैलानी 47 जिप्सी व 15 जीनॉन वाहनों से दुधवा में जंगल सफारी का लुत्फ उठाएंगे। पिछले साल की तुलना में इस बार जिप्सी वाहन की संख्या में भी कुछ इजाफा हुआ है। हालांकि, पूरे आंकड़े तो नहीं मिले, लेकिन हर साल की तुलना में इस बार वाहन बढ़े हैं।
दुधवा नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर. ने बताया कि पार्क प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि उद्घाटन से पहले व्यवस्थाएं पूरी कर लें और सैलानियों को जंगल सफारी में किसी प्रकार की दिक्कतें न होने आएं, इसके लिए भी तैयार रहें।
बाघ व तेंदुओं के साथ लुभाएंगे प्रवासी पक्षी
दुधवा नेशनल पार्क में सैलानियों की निगाहें बाघ, तेंदुआ, हिरन, हाथी, गैंडा आदि को स्वच्छंद विचरण करते देखने के लिए लगी रहती हैं, लेकिन यहां पर शीतकाल में आने वाले प्रवासी पक्षी भी सैलानियों का आकर्षण का केंद्र बनेंगे। दूरदराज से पक्षी प्रेमी दुधवा आकर इन पक्षियों का दीदार करते हैं।
दुधवा के किशनपुर, बांकेताल, बैडिटल, टाइगर पूल के साथ ही झादीताल में इन विदेशी प्रवासी पक्षियों की आमद शुरू हो गई है। यह पक्षी लगभग 15 हजार किमी की लंबी यात्रा तय कर शीत ऋतु में दुधवा पार्क आते हैं। इसमें साइबेरियन पक्षी भी शामिल हैं, जो चार माह बाद वापस अपने देशों लौट जाते हैं।
झीलों या तालाबों के पास घोंसले बनाकर रहते हैं। बताया जाता है कि ठंडे देशों के जलाशयों में बर्फ जमने के बाद यह पक्षी भोजन और आवास की तलाश में दुधवा आते हैं। रंग-बिरंगे इन प्रवासी विदेशी पक्षियों की कलरव व आवाजें सैलानियों के साथ ही पक्षी प्रेमियों को खासा आकर्षित करती हैं।
शरद ऋतु में रहने वाले यह प्रवासी पक्षी यूरोपीय देशों के साथ ही मध्य एशिया, चीन, तिब्बत, साइबेरिया, लद्दाख सहित अन्य शीत ऋतु वाले देशों-प्रदेशों से आकर दुधवा की शान बढ़ाते हैं।