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14 लाख बच्चों का हुआ टीकाकरण, सूबे में मिला 23वां स्थान
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14 लाख बच्चों का हुआ टीकाकरण, सूबे में मिला 23वां स्थान
लखीमपुर खीरी। नौ माह से 15 साल तक के 1537596 बच्चों को मीजल्स रूबेला का टीकाकरण करने के लिए 26 नवंबर 2018 से अभियान शुरू हुआ था। 14 जनवरी तक 1409729 बच्चों को टीके लगाए गए। 91 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण होने पर जिला सूबे में 23वें स्थान पर है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि टीकाकरण अभियान में कुछ सीएचसी अधीक्षकों ने लापरवाही की, अन्यथा सूबे में जिले की स्थित और बेहतर होती। उन्होंने बताया कि नकहा और बेहजम सीएचसी क्षेत्र के शत प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण हो चुका है। ईसानगर, कुंभी, लखीमपुर, फरधान, मितौली में 90 प्रतिशत से अधिक एवं बांकेगंज, बिजुआ, धौरहरा, निघासन, रमियाबेहड एवं फूलबेहड़ में टीकाकरण प्रतिशत इससे कम रहा है।
चार अधीक्षकों की दर्ज हुई प्रतिकूल प्रविष्ट
मीजल्स रूबेला टीकाकरण में सीएचसी बिजुआ, रमियाबेहड़, निघासन एवं मितौली में लापरवाही मिलने पर इनके अधीक्षकों की प्रतिकूल प्रविष्ट दर्ज हुई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद बिजुआ अधीक्षक डॉ. अमितेश द्विवेदी, मितौली के डॉ. एएन चौहान, निघासन के डॉ. अरूण मिश्रा एवं रमियाबेहड़ के डॉ. सुभाष वर्मा ने अभियान को गंभीरता से नहीं लिया। यदि लोग जिम्मेदारी पूर्वक काम करते तो जिले की प्रदेश स्तर पर और बेहतर रैंक होती।
लखीमपुर खीरी। नौ माह से 15 साल तक के 1537596 बच्चों को मीजल्स रूबेला का टीकाकरण करने के लिए 26 नवंबर 2018 से अभियान शुरू हुआ था। 14 जनवरी तक 1409729 बच्चों को टीके लगाए गए। 91 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण होने पर जिला सूबे में 23वें स्थान पर है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि टीकाकरण अभियान में कुछ सीएचसी अधीक्षकों ने लापरवाही की, अन्यथा सूबे में जिले की स्थित और बेहतर होती। उन्होंने बताया कि नकहा और बेहजम सीएचसी क्षेत्र के शत प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण हो चुका है। ईसानगर, कुंभी, लखीमपुर, फरधान, मितौली में 90 प्रतिशत से अधिक एवं बांकेगंज, बिजुआ, धौरहरा, निघासन, रमियाबेहड एवं फूलबेहड़ में टीकाकरण प्रतिशत इससे कम रहा है।
चार अधीक्षकों की दर्ज हुई प्रतिकूल प्रविष्ट
मीजल्स रूबेला टीकाकरण में सीएचसी बिजुआ, रमियाबेहड़, निघासन एवं मितौली में लापरवाही मिलने पर इनके अधीक्षकों की प्रतिकूल प्रविष्ट दर्ज हुई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद बिजुआ अधीक्षक डॉ. अमितेश द्विवेदी, मितौली के डॉ. एएन चौहान, निघासन के डॉ. अरूण मिश्रा एवं रमियाबेहड़ के डॉ. सुभाष वर्मा ने अभियान को गंभीरता से नहीं लिया। यदि लोग जिम्मेदारी पूर्वक काम करते तो जिले की प्रदेश स्तर पर और बेहतर रैंक होती।
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