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जानलेवा बुखार: कब रुकेगा मौत का सिलसिला

Sun, 09 Sep 2018 12:06 AM IST
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:06 AM IST
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जानलेवा बुखार: कब रुकेगा मौत का सिलसिला
मौतें लगातार, अंगद का पांव बना जानलेवा बुखार
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जिले भर में अब तक हो चुकी हैं 26 मौतें, प्रशासन ने सिर्फ सात की पुष्टि की
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। जिले में जानलेवा बुखार अंगद के पांव की तरह पांव जमा चुका है। प्रकोप कम होने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 26 लोग बुखार की चपेट में आने से अपनी जान गवां चुके हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अब तक सिर्फ सात मौतें ही बुखार से हुई। हकीकत इससे इतर है। बाढ़ प्रभावित इलाकों का और भी बुरा हाल है। आलम यह कि न तो कहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंच पा रही हैं और न ही लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल पा रहा है। इसके पीछे एक कारण सीएचसी और पीएचसी पर पर्याप्त स्टाफ और संसाधन का न होना भी है। नतीजतन सीएचसी और पीएससी से बुखार पीड़ितों को जिला अस्पताल रेफर कर इतिश्री की जा रही है। जिला अस्पताल के चिल्ड्रन और आईसीयू वार्ड में बच्चों के भर्ती होने का सिलसिला जारी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौत का कारण बुखार नहीं मान रहे हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि अभी तक एक बच्चे की मौत जेई से हुई है, जबकि अन्य बच्चों की मौत अन्य बीमारियों से हुई है। बाढ़ प्रभावित धौरहरा और निघासन की सीएचसी का अमर उजाला टीम ने जायजा लिया। प्रस्तुत है एक रिपोर्ट:-
इलाका-एक
निघासन: जेब में फूटी कौड़ी नहीं तो कहां से लाएं दवाएं
08एलकेएच451
निघासन। क्षेत्र में फीवर का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। सीएचसी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीज भर्ती हो रहे हैं। अब तक तेज बुखार के चलते दो किशोरियों की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जा रही हैं। सीएचसी में शनिवार को सूरज और उसकी बहन रिंकी निवासी ठाकुमर पुरवा, दिनेश पुत्र सोबरन निवासी घनश्याम पुरवा, पुष्कर पुत्र रोहित निवासी बिहारी पुरवा, नाजमीन बानो पत्नी शादाब, मनीश गुप्ता पुत्र जसवंत निवासी रकेहटी, अर्स पुत्र सरोज निवासी जुम्मन पुरवा, रामकिशोर पुत्र चेतराम निवासी सिंगाही, राजकुमारी पत्नी मुन्ना निवासी राजपुर आदि तेज बुखार से पीड़ित मरीज आए। सभी का कहना था कि दवाएं बाहर से लिखी जा रही हैं, जो बहुत महंगी भी हैं। उनकी पास गरीबी के कारण फूटी कौड़ी नहीं है तो कहां से दवा लाएं।
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इलाका: दो
07 एलकेएच 15, 16,
धौरहरा/खमरिया। बाढ़ के कारण ईसानगर विकासखंड के दर्जनों गांव में बुखार से लोग पीड़ित हैं। शनिवार को खमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 500 मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया। आने वाले मरीजों में अधिकतम सर्दी, जुकाम, बुखार, शरीर दर्द एवं पेट के इंफेक्शन से ग्रसित मिले। दरिगापुर की भर्ती जानकी देवी ने बताया कि वह बुखार और शरीर दर्द से पीड़ित हैं। इससे पूर्व वह तीन बार दवा ले जा चुकी हैं। आज दर्द और पेट के इंफेक्शन के कारण उन्हें भर्ती कर लिया गया है। चौखडिय़ा निवासी रमेश ने बताया बुखार और शरीर दर्द से पीड़ित हूं। दो दिन पूर्व दवा ले गया था, कुछ राहत मिली है। आज दोबारा दवा लेने आया हूं। वहीं खानीपुर निवासी शरीर दर्द से पीड़ित बाबूराम ने बताया कल से शरीर दर्द और बुखार हो रहा है। इस बाबत खमरिया सीएचसी अधीक्षक वीके स्नेही ने बताया प्रतिदिन करीब 400 से 500 मरीज आ रहे हैं। 20 से 25 मरीजों को एक दिन के लिए भर्ती करना पड़ता है। चार से पांच गंभीर मरीज प्रतिदिन जिला मुख्यालय रेफर करने पड़ते हैं।
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क्या कहते हैं पीड़ित परिवार के लोग
08एलकेएच452
दवा बाहर से मंगवानी पड़ती है
करीब तीन दिन पहले मेरी बेटी अनामिका बुखार के बाद उल्टी दस्त शुरू हुई। थी। सीएचसी में दवा भी ली, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कहने को तो यह सरकारी अस्पताल है, लेकिन अधिकतर दवा बाहर से मंगवानी पड़ती हैं।
परमहंस, निवासी इंदिरा नगर
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08एलकेएच453
ठीक से नहीं आ पाती देखरेख
मेरी बेटी को उल्टी दस्त के साथ में बुखार आया है। सुबह से अस्पताल के अंदर दवा पाने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सीएचसी में एक ही डॉक्टर होने के कारण सही से देखरेख नहीं हो पा रही है। पैसा न होने के कारण मजबूरी में इलाज कराना पड़ रहा है।
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एक महीने तक चलेगा वायरल फीवर
मौसम में परिवर्तन के कारण वायरल फीवर का प्रकोप क्षेत्र में फैला हुआ है। अस्पताल में आने वाले मरीजों की देखरेख भी की जा रही है। फीवर करीब एक माह तक रहेगा। वायरल फीवर आने पर तुरंत दवा आदि लेनी चाहिए। मरीजों को लापरवाही नहीं बकरनी चाहिए।
अरूण वर्मा, सीएचसी अधीक्षक-निघासन
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बाक्स= ब
ऐसे होता है डेंगू=
डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है। इन मच्छरों के शरीर पर धारियां होती हैंष यह दिन के समय ही काटते हैं। इस मच्छर के काटने के तीन चार दिन बाद ही डेंगू के लक्षण नजर आते हैं। यह ठहरे हुए पानी में पनपता है और कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को आसानी से चपेट में लेता है।
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डेंगू के लक्षण=
1. ठंड लगने के साथ बुखार चढ़ना
2. सिर, मांसपेशियों और जोड़ा में दर्द होना
3. आंखों के पिछले हिस्सों में दर्द होना
4. अधिक कमजोरी महसूस होना
5. भूख न लगना और जी मिचलाना
6. चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल रंग के चकत्ते पड़ना
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मलेरिया बुखार से बचाव
1. पूरी बांह के कपड़े पहनें,
2. सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें,
3. घर में एवं आस पास पास जलभराव न होने दें,
4. बुखार आने पर स्वयं दवा न देकर सरकारी अस्पताल में दिखाएं,
5. डॉक्टर की परामर्श से ही दवा लें, बुखार तेज होने पर गीले कपड़े की पट्टी सर पर रखें
7. कूलर का पानी हर सप्ताह जरूर बदलें,
8. खिड़की, दरवाजों पर जाली लगवाएं,
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फागिंग के साथ कराया जा रहा एंटीलार्वा का छिड़काव
08 एलकेएच 4
सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के साथ जिले भर में फागिंग कराने के साथ एंटीलार्वा का भी छिड़काव कराया जा रहा है। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है, बाढ़ प्रभावितों को इलाज मुहैया कराने के लिए 113 स्वास्थ्य कर्मी तैनात है। वहीं आईसीयू वार्ड में सिर्फ एक बच्चे की जेई से मौत हुई है जबकि शेष की अन्य बीमारियों से। वहीं चिल्ड्रन वार्ड में भी डायरिया के साथ साथ विभिन्न बीमारियों से बच्चों की मौतें हुई हैं।
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अब तक आईसीयू वार्ड की स्थिति
भर्ती- 72
डिस्चार्ज- 32
रेफर- 34
मौत- 07
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बाक्स=
जब गांव में है गंदगी का अंबार, तो कैसे दूर हो बुखार
08एलकेएच 501
बांकेगंज। ब्लॉक क्षेत्र के गांव कोठीपुर, श्यामपुर, अमीननगर, मैकूपूर, महराज नगर सहिद दर्जनों गांव में सफाई कर्मचारियों के न आने से गंदगी का अंबार है। गांवों में जगह जगह कूड़े के ढ़ेर लगे हैं। वहीं नालियों जलमग्न हैं। गंदगी के कारण ग्रामीणों को संक्रामक रोगों के फैलने का डर सताने लगा है। ग्रामीण राम सिंह, प्रमोद कुमार, इरफान अली, मुश्ताक अली, राजेश कुमार का कहना है कि गंदगी के कारण मच्छरों की भरमार है। इसके लिए कई बार ब्लॉक अधिकारियों से सफाई के लिए कहा गया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. केके आदिम का कहना है जिस गांव में बुखार और डायरिया पीड़ित लोगों के मिलने की सूचना मिलती है वहां पर टीम भेजकर लोगों का परीक्षण कराके दवाएं वितरित कराई जाती हैं। वहीं बीडीओ डॉ. विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि अभी हाल में ही चार्ज संभाला है। सफाई कर्मचारियों को गांवों में जाकर सफाई करनी होगी। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होगी।
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विधायक बोले, निरंतर मिल रहा पीड़ितों से
धौरहरा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी का कहना है कि वह निरंतर बाढ़ पीड़ितों से मिलते हैं। मेडिकल कैंप भी लगवा चुके है और डॉक्टरों को ले जाकर दवाओं का वितरण करा रहे हैं।

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बुखार से एक बच्चे की मौत, तीन भर्ती
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में पांच सितंबर को भर्ती हुए बुखार पीड़ित निघासन के दुलही निवासी छुटकन की छह माह की पुत्री मन्येषा की शनिवार को मौत हो गई। जबकि शनिवार को शहर के बेगमबाग निवासी जाहिद ने 13 वर्षीय पुत्री मुस्कान, मथना निवासी अनुपम वर्मा के दो वर्षीय आरव, राजापुर निवासी अनिल कुमार ने आठ वर्षीय पुत्री अदिति को भर्ती कराया है, जिनका इलाज चल रहा है। ब्यूरो


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