{"_id":"5caf75acbdec2214031bd3e2","slug":"71555002796-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रय केंद्रों पर खरीद न होने पर भड़के आरएफसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रय केंद्रों पर खरीद न होने पर भड़के आरएफसी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद का हाल जानने के लिए आरएफसी (क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक) चंद्रभूषण त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को राजापुर मंडी का दौरा किया, जहां सभी सातों क्रय केंद्रों पर खरीद शून्य मिली। केंद्र प्रभारियों ने किसानों के न आने का कारण बताया, जिस पर आरएफसी भड़क गए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों से संपर्क करके उन्हें गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्र पर बुलाएं। विपणन के क्रय केंद्र प्रथम पर स्टेंसिल (मार्का) न मिलने पर आरएफसी ने तैयारियों पर सवाल उठाए और केंद्र प्रभारी केके पाठक से जवाब मांगा। तो केंद्र प्रभारी जवाब नहीं दे सके। आरएफसी ने शाम तक खरीद शुरू करने के निर्देश दिए, जिसके बाद संबंधित केंद्र प्रभारियों को चार्जशीट की चेतावनी दी है।
आरएफसी चंद्रभूषण त्रिपाठी दोपहर दो बजे राजापुर मंडी पहुंचे। सबसे पहले मंडी सचिव संतोष यादव के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मंडी में गेहूं की आवक के बारे में जानकारी ली। इसके बाद आरएफसी ने विपणन शाखा के क्रय केंद्र प्रथम का निरीक्षण किया, जहां पर खरीद शून्य मिली। केंद्र प्रभारी ने किसानों के न आने की बात कही, जिस पर आरएफसी ने नाराजगी जताते हुए प्रभारी को फटकार लगाई। उन्होंने पूछा कि कितने किसानों से संपर्क किया और उन्होंने कहा कि किसानों को फोन करके केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रोत्साहित करें। इसके बाद एफसीआई के क्रय केंद्र का निरीक्षण किया, जहां पर खरीद शुरू नहीं हुई थी। केंद्र प्रभारी विवेक गुप्ता ने गेहूं में नमी मानक से ज्यादा होने की बात कही, जिस पर आरएफसी ने रिजेक्ट रजिस्टर दिखाने को कहा। इस पर केंद्र प्रभारी खामोश रहे। तो आरएफसी ने कहा कि नमी होने पर भी किसानों को केंद्र से वापस नहीं किया जाएगा, बल्कि मानक के अनुरूप गेहूं होने पर खरीद की जाए। इसके बाद विपणन शाखा के क्रय केंद्र द्वितीय का निरीक्षण किया, जहां केंद्र प्रभारी सोनम सिंह ने किसानों के न आने की बात कही। इस पर आरएफसी ने केंद्र प्रभारियों के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने डिप्टी आरएमओ लालमणि पांडेय को शाम तक सभी केंद्रों पर खरीद शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही खरीद न होने पर संबंधित केंद्र प्रभारियों की चार्जशीट देने के आदेश दिए। पीसीएफ, पीसीयू और विपणन तृतीय केंद्रों पर खरीद शून्य पाई गई। 10 दिन बाद भी खरीद शुरू न किए जाने पर आरएफसी ने केंद्र प्रभारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि केंद्र प्रभारी किसानों को प्रोत्साहित नहीं कर रहे हैं, जो गंभीर विषय है। सरकार का जोर सभी किसानों को समर्थन मूल्य से लाभान्वित किए जाने का है, लेकिन केंद्र प्रभारी गेहूं खरीदने के लिए किसानों से बात नहीं कर रहे हैं।
1840 का गेहूं 1680 में बिका
मंडी में निरीक्षण के दौरान आरएफसी चंद्रभूषण त्रिपाठी ने एक आढ़त पर मौजूद किसान गुरुदेव सिंह निवासी सुजानपुर से बात की। उन्होंने क्रय केंद्र पर गेहूं न बेचने के कारणों को जानने का प्रयास किया, तो किसान ने बताया कि हमारे क्षेत्र में केंद्र पर खरीद शुरू नहीं हुई है। इसलिए मंडी में बृहस्पतिवार को 1680 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं बेचा। इस पर आरएफसी ने मंडी सचिव संतोष कुमार और डिप्टी आरएमओ से जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
11 लाख का ड्रायर बना शोपीस
ज्यादातर केंद्र प्रभारियों ने गेहूं में नमी अधिक होने की बात कहकर खरीद न करने का तर्क दिया, जबकि धान खरीद के समय 2018 में ही मंडी सचिव ने 11 लाख कीमत की ड्रायर मशीन लगवाई थी। अभी तक इस मशीन का प्रयोग नहीं किया गया है। महज शोपीस बनी हुई है, जबकि इसके प्रयोग से गेहूं को मानक का आसानी से बनाकर खरीद की जा सकती है। मंडी सचिव ने ड्रायर मशीन होने की जानकारी दी, तो आरएफसी ने केंद्र प्रभारियों को इसका प्रयोग करने की नसीहत दी।
विज्ञापन
आरएफसी चंद्रभूषण त्रिपाठी दोपहर दो बजे राजापुर मंडी पहुंचे। सबसे पहले मंडी सचिव संतोष यादव के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मंडी में गेहूं की आवक के बारे में जानकारी ली। इसके बाद आरएफसी ने विपणन शाखा के क्रय केंद्र प्रथम का निरीक्षण किया, जहां पर खरीद शून्य मिली। केंद्र प्रभारी ने किसानों के न आने की बात कही, जिस पर आरएफसी ने नाराजगी जताते हुए प्रभारी को फटकार लगाई। उन्होंने पूछा कि कितने किसानों से संपर्क किया और उन्होंने कहा कि किसानों को फोन करके केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रोत्साहित करें। इसके बाद एफसीआई के क्रय केंद्र का निरीक्षण किया, जहां पर खरीद शुरू नहीं हुई थी। केंद्र प्रभारी विवेक गुप्ता ने गेहूं में नमी मानक से ज्यादा होने की बात कही, जिस पर आरएफसी ने रिजेक्ट रजिस्टर दिखाने को कहा। इस पर केंद्र प्रभारी खामोश रहे। तो आरएफसी ने कहा कि नमी होने पर भी किसानों को केंद्र से वापस नहीं किया जाएगा, बल्कि मानक के अनुरूप गेहूं होने पर खरीद की जाए। इसके बाद विपणन शाखा के क्रय केंद्र द्वितीय का निरीक्षण किया, जहां केंद्र प्रभारी सोनम सिंह ने किसानों के न आने की बात कही। इस पर आरएफसी ने केंद्र प्रभारियों के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने डिप्टी आरएमओ लालमणि पांडेय को शाम तक सभी केंद्रों पर खरीद शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही खरीद न होने पर संबंधित केंद्र प्रभारियों की चार्जशीट देने के आदेश दिए। पीसीएफ, पीसीयू और विपणन तृतीय केंद्रों पर खरीद शून्य पाई गई। 10 दिन बाद भी खरीद शुरू न किए जाने पर आरएफसी ने केंद्र प्रभारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि केंद्र प्रभारी किसानों को प्रोत्साहित नहीं कर रहे हैं, जो गंभीर विषय है। सरकार का जोर सभी किसानों को समर्थन मूल्य से लाभान्वित किए जाने का है, लेकिन केंद्र प्रभारी गेहूं खरीदने के लिए किसानों से बात नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
1840 का गेहूं 1680 में बिका
मंडी में निरीक्षण के दौरान आरएफसी चंद्रभूषण त्रिपाठी ने एक आढ़त पर मौजूद किसान गुरुदेव सिंह निवासी सुजानपुर से बात की। उन्होंने क्रय केंद्र पर गेहूं न बेचने के कारणों को जानने का प्रयास किया, तो किसान ने बताया कि हमारे क्षेत्र में केंद्र पर खरीद शुरू नहीं हुई है। इसलिए मंडी में बृहस्पतिवार को 1680 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं बेचा। इस पर आरएफसी ने मंडी सचिव संतोष कुमार और डिप्टी आरएमओ से जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
11 लाख का ड्रायर बना शोपीस
ज्यादातर केंद्र प्रभारियों ने गेहूं में नमी अधिक होने की बात कहकर खरीद न करने का तर्क दिया, जबकि धान खरीद के समय 2018 में ही मंडी सचिव ने 11 लाख कीमत की ड्रायर मशीन लगवाई थी। अभी तक इस मशीन का प्रयोग नहीं किया गया है। महज शोपीस बनी हुई है, जबकि इसके प्रयोग से गेहूं को मानक का आसानी से बनाकर खरीद की जा सकती है। मंडी सचिव ने ड्रायर मशीन होने की जानकारी दी, तो आरएफसी ने केंद्र प्रभारियों को इसका प्रयोग करने की नसीहत दी।