फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   वेतन रोकने का आदेश जारी कर कार्रवाई करना भूले अधिकारी

वेतन रोकने का आदेश जारी कर कार्रवाई करना भूले अधिकारी

Sun, 17 Feb 2019 10:02 PM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Sun, 17 Feb 2019 10:02 PM IST
विज्ञापन
वेतन रोकने का आदेश जारी कर कार्रवाई करना भूले अधिकारी
लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग में हुई 72 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती के बाद नियुक्ति पाए शिक्षकों के अंकपत्रों का सत्यापन कराया गया था, जिसमें मितौली और पसगवां ब्लाक में तैनात एक-एक शिक्षक के अंकपत्र फर्जी पाए गए थे। बीएसए ने छह अगस्त 2018 को तत्काल वेतन भुगतान पर रोक लगाते हुए खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय को जांच के आदेश दिए थे, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी न तो जांच आगे बढ़ी और न ही कोई कार्रवाई की गई है। हैरान करने वाली बात है कि आदेश जारी कर चुके बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह और जांच के लिए नामित खंड शिक्षा अधिकारी रामजनक वर्मा इस मामले को भूल चुके हैं।
विज्ञापन

मितौली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गहिरा में सहायक अध्यापक पूनम देवी की नियुक्ति हुई थी। जबकि पसगवां ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय ढकिया देवी में सहायक अध्यापक गिरि प्रसाद की नियुक्ति की गई थी। वर्ष 2018 में बीएसए ने इन शिक्षकों के अंकपत्रों सहित संलग्न अभिलेखों का सत्यापन कराया था। सत्यापन में संबंधित परीक्षा संस्था ने अंकपत्रों को फर्जी करार देते हुए अपनी संस्था से जारी न किए जाने की बात कही थी। इसके बाद बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने छह अगस्त 2018 को आदेश जारी कर सबसे पहले दोनों शिक्षकों पूनम देवी और गिरि प्रसाद के वेतन आहरण पर रोक लगाई थी और पूरे मामले की सघन जांच करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय रामजनक वर्मा को नामित किया था। बीएसए ने दोनों शिक्षकों के समस्त अभिलेखों की जांच कर खंड शिक्षा अधिकारी से एक माह में रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद से छह माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी हासिल करने के गंभीर प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे विभागीय अधिकारी सवालों के घेरे में आ गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय रामजनक वर्मा ने बताया कि हमें ऐसी कोई जांच मिली ही नहीं है।
विज्ञापन


समय-समय पर कार्रवाईयां की जाती हैं, लेकिन ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। अब इस मामले की जांच कराएंगे। यदि संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच कर रिपोर्ट देने में लापरवाही की है, तो स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed