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नौ मौतें, 40 हजार आबादी बेघर फिर भी सब नार्मल है!

Wed, 29 Aug 2018 12:09 AM IST
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:09 AM IST
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नौ मौतें, 40 हजार आबादी बेघर फिर भी सब नार्मल है!

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नौ मौतें, 40 हजार लोग बेघर फिर भी सब सामान्य कैसे
बाढ़ राहत कार्यों से गृहमंत्रालय नाखुश, मांगी रिपोर्ट
अब तक 61.89 लाख रुपये तहसीलों ने किए खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। जनपद की पांच तहसीलों में बाढ़-कटान से निपटने के साथ ही विस्थापित (बेघर) परिवारों के लिए कराए जा रहे राहत कार्यों को अपर्याप्त मानकर गृह मंत्रालय ने नाराजगी जताई है। आपदा राहत विभाग की रिपोर्ट और मीडिया से मिल रही जानकारी के बाद मंगलवार को गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने जनपद के अधिकारियों से हालात के बारे में पूछताछ कर मानीटरिंग शुरू की है। इस दौरान जनपद के अधिकारियों ने सब सामान्य होने की बात कही तो मंत्रालय ने आंकड़ों सहित रिपोर्ट मांगी।
इस वर्ष मानसून अच्छा रहने से लगातार बारिश हुई, जिससे लखीमपुर, निघासन, धौरहरा, गोला और पलिया तहसील में जान-माल का भारी नुकसान हुआ। किसानों की हजारों एकड़ फसल नष्ट हो गईं। आपदा विभाग के कंट्रोल रूम के अनुसार करीब 40 हजार लोगों के गांव-घरों में पानी भरने से बेघर होना पड़ा है। पानी कम होते ही जमीन की कटान मुसीबत बन गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए दो बार क्षेत्र का दौरा किया। नेताओं और इंजीनियरों के गठजोड़ पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी भी दी थी। इसके बाद मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेकर गृह मंत्रालय ने बाढ़ राहत कार्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। आपदा विभाग के कंट्रोल रूम की सूचना के अनुसार अब तक बाढ़ से 86 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। 44215 नागरिकों को विस्थापित होना पड़ा, जिसमें 8158 लोग आज भी तिरपाल के नीचे गुजर बसर कर रहे हैं। बाढ़ के पानी में डूबकर नौ लोगों की मौत भी हो चुकी है। 311 हेक्टेअर जमीन का कटान हो गया है और 2591 हेक्टेअर क्षेत्रफल में फसलें प्रभावित हुई हैं। इस पर भी जनपद के अधिकारियों द्वारा बड़ी साफगोई से सब कुछ सामान्य बताया गया। गृह मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लिया है।
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3923 परिवारों को मिली बाढ़ राहत किट
अब तक 86 गांव के करीब 44 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसमें 3923 परिवारों को 54.50 लाख की लागत से बाढ़ राहत किट वितरण कराई गई हैं। मानक के मुताबिक एक परिवार में कम से कम पांच सदस्यों को शामिल किया गया है, जिसके आधार पर 19615 लोग ही लाभ पा सके हैं। आंकड़ों से ही हजारों लोगों के लाभ से वंचित होने की बात सामने आ रही है।
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एक किट में 1389 रुपये का सामान
गृह मंत्रालय ने बाढ़ राहत किट के बारे में जानकारी ली, जिस पर आपदा विभाग ने बताया है कि एक किट में 10-10 किलो आटा, चावल और आलू, दो किलो अरहर दाल, पांच लीटर केरोसिन, दो किलो भुना चना, एक लीटर रिफाइंड, मसाले समेत 16 आइटम दिए जाते हैं।


प्रशासन की नजर में 2860 परिवार बेघर हुए
तहसीलों ने बाढ़ से बेघर हुए परिवारों को तिरपाल वितरित किए हैं, जिसके मुताबिक 2860 परिवारों को तिरपाल बांटे गए हैं।

वर्जन........
पलिया क्षेत्र में शारदा नदी पर स्थित पलिया ब्रिज के दाहिने बसे गांव श्रीनगर और डाकस्ट्रीम में जंगल नंबर सात की ओर हो रहे कटान को रोकने के लिए भ्रमण पर आया था, जहां नेटवर्क की समस्या रहती है। शायद इससे हमारे पास फोन नहीं आ सका। गृह मंत्रालय ने आपदा विभाग से जानकारी प्राप्त की होगी।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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