{"_id":"69fccbc5809d66207a020f0a","slug":"6387-women-became-property-owners-in-120-days-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-174586-2026-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: 120 दिनों में 6387 महिलाएं बनीं संपत्तियों की मालकिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: 120 दिनों में 6387 महिलाएं बनीं संपत्तियों की मालकिन
Thu, 07 May 2026 10:58 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 07 May 2026 10:58 PM IST
विज्ञापन
खीमपुर खीरी। जिले में महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने का चलन लगातार बढ़ रहा है। बीते 120 दिनों में जिले की 6387 महिलाओं ने अपने नाम जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्री कराकर मालिकाना हक हासिल किया है।
महिलाओं को स्टांप शुल्क में 6.13 करोड़ रुपये की छूट भी दी गई। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और संपत्ति निवेश में बढ़ती रुचि साफ दिखाई दे रही है। जिले के गोला, मितौली, पलिया, धौरहरा, निघासन, मोहम्मदी और लखीमपुर स्थित सब रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में संपत्तियों की रजिस्ट्री हो रही है। इनमें महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण की संख्या लगातार बढ़ रही है।
जनवरी से अप्रैल 2026 तक चार महीनों में 6387 महिलाओं के नाम संपत्तियों का पंजीकरण महिला सशक्तीकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने पर स्टांप शुल्क में मिलने वाली छूट और परिवारों में महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने की सोच के कारण यह संख्या बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरों में भी महिलाएं अपने नाम प्लॉट, मकान और कृषि भूमि खरीद रही हैं।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि सब रजिस्ट्री कार्यालयों में महिलाओं के लिए अलग सहायता काउंटर और ऑनलाइन प्रक्रिया आसान होने से भी पंजीकरण में तेजी आई है।
एआईजी स्टांप अमिताभ कुमार ने बताया कि जनवरी से 30 अप्रैल तक 6387 महिलाओं के नाम रजिस्ट्री हुई है, जिसमें उन्हें 6.13 करोड़ रुपये की छूट मिली है। आने वाले समय में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण के आंकड़ों में और बढ़ोतरी की संभावना है।
चार महीनों में यह रही स्थिति
माह
रजिस्ट्रियां
छूट (रुपये में)
जनवरी
1800
1,75,13,560
फरवरी
1552
1,45,30,520
मार्च
1452
1,42,82,935
अप्रैल
1583
1,49,78,310
कुल
6387
6,13,05,325
विज्ञापन
महिलाओं को स्टांप शुल्क में 6.13 करोड़ रुपये की छूट भी दी गई। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और संपत्ति निवेश में बढ़ती रुचि साफ दिखाई दे रही है। जिले के गोला, मितौली, पलिया, धौरहरा, निघासन, मोहम्मदी और लखीमपुर स्थित सब रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में संपत्तियों की रजिस्ट्री हो रही है। इनमें महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण की संख्या लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
जनवरी से अप्रैल 2026 तक चार महीनों में 6387 महिलाओं के नाम संपत्तियों का पंजीकरण महिला सशक्तीकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने पर स्टांप शुल्क में मिलने वाली छूट और परिवारों में महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने की सोच के कारण यह संख्या बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरों में भी महिलाएं अपने नाम प्लॉट, मकान और कृषि भूमि खरीद रही हैं।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि सब रजिस्ट्री कार्यालयों में महिलाओं के लिए अलग सहायता काउंटर और ऑनलाइन प्रक्रिया आसान होने से भी पंजीकरण में तेजी आई है।
एआईजी स्टांप अमिताभ कुमार ने बताया कि जनवरी से 30 अप्रैल तक 6387 महिलाओं के नाम रजिस्ट्री हुई है, जिसमें उन्हें 6.13 करोड़ रुपये की छूट मिली है। आने वाले समय में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण के आंकड़ों में और बढ़ोतरी की संभावना है।
चार महीनों में यह रही स्थिति
माह
रजिस्ट्रियां
छूट (रुपये में)
जनवरी
1800
1,75,13,560
फरवरी
1552
1,45,30,520
मार्च
1452
1,42,82,935
अप्रैल
1583
1,49,78,310
कुल
6387
6,13,05,325