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अंदेशनगर में भंडारित गेहूं में लगा घुन
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:05 PM IST
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अंदेशनगर में भंडारित गेहूं में लगा घुन
घुन के प्रकोप से लोग परेशान, गोदाम प्रभारी से दर्ज कराया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज/सुंदरवल। एफसीआई के गोदाम में भंडारण किए गए हजारों मीट्रिक टन गेहूं पर घुन की मार पड़ गई है। घुन का प्रकोप इस कदर है कि आसपास के दुकानदार और बस्ती वाले परेशान हो उठे हैं। शाम होते ही लोगों के खिड़की दरवाजे बंद हो जाते है। खाने पीने की चीजें उन्हें हर वक्त ढक कर रखनी पड़ रही हैं। कीटों से आजिज आ चुके लोगों ने गोदाम प्रभारी का घेराव कर नाराजगी जताई है। गोदाम प्रभारी ने लोगों को जल्द समस्या हल होने का आश्वासन दिया है।
अंदेशनगर स्थित केंद्रीय पशु प्रजनन केंद्र के पास एफसीआई का गोदाम है। इसमें हजारों मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण किया गया है। भंडारण को ज्यादा दिन भी नहीं बीते हैं लेकिन गेहूं की बोरियों में घुन लग गए हैं, जिससे सैकड़ों मीट्रिक टन अनाज खोखला होने की कगार पर है। वहीं घुन ने आसपास के इलाके में भी हलचल मचा रखी है। लोगों की माने तो शाम होते ही घुन बस्ती भर में फैल जाते हैं। घुन ने लोगों का सुकून छीन लिया है। आसपास के दुकानदार भी खासे परेशान हैं। शुक्रवार को कई दुकानदार और हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने गोदाम प्रभारी का घेराव कर नाराजगी जताई। गोदाम प्रभारी अशोक वर्मा ने लोगों को समस्या के जल्द निदान दिलाने का आश्वासन दिया। अंदेशनगर निवासी पूजा त्रिवेदी, अंजली, रमावती ने बताया कि घुन का गदर इस कदर है कि चूल्हा चौका तक करना मुश्किल हो रहा है। बंदना मौर्य ने बताया कि उनकी तीन वर्ष की बच्ची तनिष्का की आंख और कान में कई घुन चले गए। तब से वह परेशान है। बच्चों का मुंह ढककर रखना पड़ रहा है। उधर इंद्रपाल वर्मा, सुरेश तिवारी, अमित त्रिपाठी, अनिल पांडेय, वीरेंद्र सिंह और कुलवीर सिंह ने बताया कि घुन की वजह से उन्हें अपनी दुकानों के शटर शाम चार बजे से ही बंद करने पड़ जाते हैं। घुन का दायरा सैदीपुर, ताहिरपुर और बन्नी गांव तक फैल चुका है।
बाक्स=वर्जन
अनाज में घुन लगना प्रकृति का नियम है। गर्मी की वजह से प्रकोप ज्यादा है। मैं यहां चार दिन पहले आया हूं। घुन रोकने के लिए दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
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अशोक वर्मा, गोदाम प्रभारी, अंदेशनगर
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अंदेशनगर में भंडारित गेहूं में लगा घुन
घुन के प्रकोप से लोग परेशान, गोदाम प्रभारी से दर्ज कराया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज/सुंदरवल। एफसीआई के गोदाम में भंडारण किए गए हजारों मीट्रिक टन गेहूं पर घुन की मार पड़ गई है। घुन का प्रकोप इस कदर है कि आसपास के दुकानदार और बस्ती वाले परेशान हो उठे हैं। शाम होते ही लोगों के खिड़की दरवाजे बंद हो जाते है। खाने पीने की चीजें उन्हें हर वक्त ढक कर रखनी पड़ रही हैं। कीटों से आजिज आ चुके लोगों ने गोदाम प्रभारी का घेराव कर नाराजगी जताई है। गोदाम प्रभारी ने लोगों को जल्द समस्या हल होने का आश्वासन दिया है।
अंदेशनगर स्थित केंद्रीय पशु प्रजनन केंद्र के पास एफसीआई का गोदाम है। इसमें हजारों मीट्रिक टन गेहूं का भंडारण किया गया है। भंडारण को ज्यादा दिन भी नहीं बीते हैं लेकिन गेहूं की बोरियों में घुन लग गए हैं, जिससे सैकड़ों मीट्रिक टन अनाज खोखला होने की कगार पर है। वहीं घुन ने आसपास के इलाके में भी हलचल मचा रखी है। लोगों की माने तो शाम होते ही घुन बस्ती भर में फैल जाते हैं। घुन ने लोगों का सुकून छीन लिया है। आसपास के दुकानदार भी खासे परेशान हैं। शुक्रवार को कई दुकानदार और हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने गोदाम प्रभारी का घेराव कर नाराजगी जताई। गोदाम प्रभारी अशोक वर्मा ने लोगों को समस्या के जल्द निदान दिलाने का आश्वासन दिया। अंदेशनगर निवासी पूजा त्रिवेदी, अंजली, रमावती ने बताया कि घुन का गदर इस कदर है कि चूल्हा चौका तक करना मुश्किल हो रहा है। बंदना मौर्य ने बताया कि उनकी तीन वर्ष की बच्ची तनिष्का की आंख और कान में कई घुन चले गए। तब से वह परेशान है। बच्चों का मुंह ढककर रखना पड़ रहा है। उधर इंद्रपाल वर्मा, सुरेश तिवारी, अमित त्रिपाठी, अनिल पांडेय, वीरेंद्र सिंह और कुलवीर सिंह ने बताया कि घुन की वजह से उन्हें अपनी दुकानों के शटर शाम चार बजे से ही बंद करने पड़ जाते हैं। घुन का दायरा सैदीपुर, ताहिरपुर और बन्नी गांव तक फैल चुका है।
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बाक्स=वर्जन
अनाज में घुन लगना प्रकृति का नियम है। गर्मी की वजह से प्रकोप ज्यादा है। मैं यहां चार दिन पहले आया हूं। घुन रोकने के लिए दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
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अशोक वर्मा, गोदाम प्रभारी, अंदेशनगर