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Lakhimpur Kheri News: पलिया में 5,527 बच्चों को लगा खसरा-रूबेला का टीका
Mon, 23 Feb 2026 11:05 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 23 Feb 2026 11:05 PM IST
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पलियाकलां। स्वास्थ्य विभाग का खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान क्षेत्र में गति पकड़ रहा है। 16 फरवरी से अब तक पलिया क्षेत्र के 133 सरकारी और निजी स्कूलों में कुल 5,527 बच्चों को टीका लगाया जा चुका है।
परसिया गांव में भी टीकाकरण कैंप आयोजित किया गया, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों को प्रतिरक्षित किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया के अधीक्षक डॉ. भरत सिंह ने बताया कि खसरा और रूबेला वायरस से बचाव के लिए पांच से दस वर्ष तक के बच्चों को यह टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रूबेला एक गंभीर संक्रामक रोग है, जिसे जर्मन खसरा भी कहा जाता है और यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलता है।
बच्चों में बुखार, सिरदर्द, शरीर पर चकत्ते और लसीका ग्रंथियों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देने पर सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों के दाएं हाथ में त्वचा के नीचे इसकी एक खुराक दी जाती है।
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स्वास्थ्य विभाग के काउंसलर अंकित दीक्षित ने बताया कि 26 फरवरी को गोल्डन फ्लावर पब्लिक स्कूल, पलिया मांटेसरी स्कूल और गुरुकुल स्कूल में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित होगा। 27 फरवरी को गुरु नानक इंटर कॉलेज और सेंट एन स्कूल में पांच से दस वर्ष के बच्चों को टीका लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि निर्धारित तिथियों पर अपने बच्चों को विद्यालय अवश्य भेजें, ताकि उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित किया जा सके।
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परसिया गांव में भी टीकाकरण कैंप आयोजित किया गया, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों को प्रतिरक्षित किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया के अधीक्षक डॉ. भरत सिंह ने बताया कि खसरा और रूबेला वायरस से बचाव के लिए पांच से दस वर्ष तक के बच्चों को यह टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रूबेला एक गंभीर संक्रामक रोग है, जिसे जर्मन खसरा भी कहा जाता है और यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलता है।
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बच्चों में बुखार, सिरदर्द, शरीर पर चकत्ते और लसीका ग्रंथियों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देने पर सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और बच्चों के दाएं हाथ में त्वचा के नीचे इसकी एक खुराक दी जाती है।
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स्वास्थ्य विभाग के काउंसलर अंकित दीक्षित ने बताया कि 26 फरवरी को गोल्डन फ्लावर पब्लिक स्कूल, पलिया मांटेसरी स्कूल और गुरुकुल स्कूल में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित होगा। 27 फरवरी को गुरु नानक इंटर कॉलेज और सेंट एन स्कूल में पांच से दस वर्ष के बच्चों को टीका लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि निर्धारित तिथियों पर अपने बच्चों को विद्यालय अवश्य भेजें, ताकि उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित किया जा सके।