{"_id":"5b3b688f4f1c1b11468b45ce","slug":"51530620047-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज जल बचाएंगे तभी कल जीवन बचेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज जल बचाएंगे तभी कल जीवन बचेगा
विज्ञापन
महमदपुुर में अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत जल संरक्षण पर हुआ कार्यक्रम
विज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत रविवार को जल संरक्षण के प्रति महिलाओं को जागरूक करने भुड़वारा ग्राम पंचायत के गांव महमदपुर में कार्यक्रम हुआ। गांव की महिलाओं ने भी बेहतर कल के लिए जल संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। धरती पर जीवन बचाना है तो जल बचाना होगा। महिलाओं ने जल संरक्षण और नारी सम्मान का संकल्प लेकर अपने बुलंद इरादों का परिचय दिया।
महमदपुर गांव में समाजसेवी मनोज वर्मा और शिक्षक दीनेन्द्र शुक्ल ने बताया कि आने वाले समय में भीषण जल संकट की संभावना है। जल ही जीवन का आधार है, जिसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को जल संरक्षण और नारी सम्मान का ताजा संकल्प दिलाया। इस मौके पर सीमा देवी, सपना देवी, सरस्वती, फूलमती, सुनीता, कल्पना वर्मा, पूनम, प्रेमा देवी, रेनू वर्मा, कनीज फातिमा आदि मौजूद रहे।
बेवजह बर्बाद न करें पानी
गांव निवासी शांति देवी ने कहा कि पानी जीवन के लिए कीमती है। लोग कुल्ला दातुन और नहाने में बाल्टियों जल बेवजह बहा देते हैं, ऐसा न करें।
घर के बाहर बनाए सोख्ता
गांव निवासी वृद्ध सरस्वती देवी ने कहा कि पहले बरसात खूब होती थी तो धरती की प्यास बुझ जाती थी। अब वैसी बरसात नहीं होती इसलिए घर के बाहर पानी को इकट्ठा करने के लिए सोख्ता बनाने चाहिए।
विज्ञापन
वृक्ष और जल बचाएं वरना पड़ेगा पछताना
गांव निवासी कल्पना वर्मा का कहना है कि पर्यावरण गांव की हरियाली के लिए वृक्ष और जीवन के लिए जल बचाएं वरना एक दिन पछताना पड़ेगा। बरसात कम होने से जलस्तर काफी नीचे चला गया है।
पानी की बर्बादी देख तुरंत टोके
गांव निवासी गुड्डी देवी का कहना है कि पेयजल की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। जहां कहीं भी पानी की बर्बादी देखें तो तुरंत टोकें और लोगों को समझाएं।
शहरों से बेहतर हैं गांव
गांव निवासी समाजसेवी मनोज वर्मा का कहना है कि जल के संरक्षण में शहरों से गांव कहीं ज्यादा बेहतर है। यहां लोग अपने घर के बाहर सोख्ता या गड्ढा खोदकर घर से निकलने वाले बेकार पानी का संचय करते हैं। जो धीरे धीरे रिसकर जमीन के अंदर चला जाता है। गांव की महिलाओं को जागरूक और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में अपराजिता मुहिम सराहनीय है।
महमदपुर गांव में समाजसेवी मनोज वर्मा और शिक्षक दीनेन्द्र शुक्ल ने बताया कि आने वाले समय में भीषण जल संकट की संभावना है। जल ही जीवन का आधार है, जिसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को जल संरक्षण और नारी सम्मान का ताजा संकल्प दिलाया। इस मौके पर सीमा देवी, सपना देवी, सरस्वती, फूलमती, सुनीता, कल्पना वर्मा, पूनम, प्रेमा देवी, रेनू वर्मा, कनीज फातिमा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बेवजह बर्बाद न करें पानी
गांव निवासी शांति देवी ने कहा कि पानी जीवन के लिए कीमती है। लोग कुल्ला दातुन और नहाने में बाल्टियों जल बेवजह बहा देते हैं, ऐसा न करें।
घर के बाहर बनाए सोख्ता
गांव निवासी वृद्ध सरस्वती देवी ने कहा कि पहले बरसात खूब होती थी तो धरती की प्यास बुझ जाती थी। अब वैसी बरसात नहीं होती इसलिए घर के बाहर पानी को इकट्ठा करने के लिए सोख्ता बनाने चाहिए।
विज्ञापन
वृक्ष और जल बचाएं वरना पड़ेगा पछताना
गांव निवासी कल्पना वर्मा का कहना है कि पर्यावरण गांव की हरियाली के लिए वृक्ष और जीवन के लिए जल बचाएं वरना एक दिन पछताना पड़ेगा। बरसात कम होने से जलस्तर काफी नीचे चला गया है।
पानी की बर्बादी देख तुरंत टोके
गांव निवासी गुड्डी देवी का कहना है कि पेयजल की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। जहां कहीं भी पानी की बर्बादी देखें तो तुरंत टोकें और लोगों को समझाएं।
शहरों से बेहतर हैं गांव
गांव निवासी समाजसेवी मनोज वर्मा का कहना है कि जल के संरक्षण में शहरों से गांव कहीं ज्यादा बेहतर है। यहां लोग अपने घर के बाहर सोख्ता या गड्ढा खोदकर घर से निकलने वाले बेकार पानी का संचय करते हैं। जो धीरे धीरे रिसकर जमीन के अंदर चला जाता है। गांव की महिलाओं को जागरूक और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में अपराजिता मुहिम सराहनीय है।