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बाघ प्रभावित इलाके के बच्चे सीखेंगे बाघ से बचाव के तरीके
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:13 AM IST
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बच्चे सीखेंगे बाघ से बचाव के तरीके
बांकेगंज। मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने की दिशा में वन विभाग अनूठी पहल करने जा रहा है। इसके तहत बाघ प्रभावित इलाके के स्कूली बच्चों को बाघों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही बाघ हमलों से बचाव के तरीके भी बतलाए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग संपूर्ण बुकलेट जारी करेगा, जो बाघ प्रभावित इलाके के स्कूली बच्चों को मुफ्त वितरित की जाएगी।
वन विभाग जंगल से सटे स्कूल के शिक्षकों को इस बात के लिए प्रेरित करेगा कि वह बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम की तरह ही बाघों का प्राकृतिक वास, स्वभाव और गतिविधियों आदि के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दें। ताकि बाघ यदि जंगल से बाहर है तो उससे कैसे बचाव करें, इस बारे में भी उन्हें अच्छे ढंग से बताएं। वन विभाग का मानना है कि बच्चे बड़ों की अपेक्षा काफी जल्दी सीखते हैं। बच्चे पढ़ाई के दौरान जो सीखते हैं उसे वह जीवन भर याद रखते हैं। वन विभाग द्वारा जारी की जाने वाली बुकलेट में बाघ और तेंदुओ के बारे में संपूर्ण जानकारी होगी।
मुख्य वन संरक्षक लखनऊ मंडल के प्रवीण राव ने शनिवार को बाघ प्रभावित इलाकों का भ्रमण किया और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वत किया कि वन विभाग ग्रामीणों की बाघों से सुरक्षा के प्रति बेहद संवेदनशील है। मुख्य वन संरक्षक ने लोगों को जागरूक भी किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि बड़ो की अपेक्षा बच्चे बाघों से बचाव के तरीके जानने को काफी उत्सुक हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्कूली बच्चों को प्रारंभ से ही पाठ्यक्रम के साथ बाघों की जानकारी देने का निर्णय लिया है। मुख्य वन संरक्षक के प्रवीण राव ने बताया कि जल्दी ही इस योजना को अमल में लाया जाएगा।
बांकेगंज। मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने की दिशा में वन विभाग अनूठी पहल करने जा रहा है। इसके तहत बाघ प्रभावित इलाके के स्कूली बच्चों को बाघों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही बाघ हमलों से बचाव के तरीके भी बतलाए जाएंगे। इसके लिए वन विभाग संपूर्ण बुकलेट जारी करेगा, जो बाघ प्रभावित इलाके के स्कूली बच्चों को मुफ्त वितरित की जाएगी।
वन विभाग जंगल से सटे स्कूल के शिक्षकों को इस बात के लिए प्रेरित करेगा कि वह बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम की तरह ही बाघों का प्राकृतिक वास, स्वभाव और गतिविधियों आदि के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दें। ताकि बाघ यदि जंगल से बाहर है तो उससे कैसे बचाव करें, इस बारे में भी उन्हें अच्छे ढंग से बताएं। वन विभाग का मानना है कि बच्चे बड़ों की अपेक्षा काफी जल्दी सीखते हैं। बच्चे पढ़ाई के दौरान जो सीखते हैं उसे वह जीवन भर याद रखते हैं। वन विभाग द्वारा जारी की जाने वाली बुकलेट में बाघ और तेंदुओ के बारे में संपूर्ण जानकारी होगी।
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मुख्य वन संरक्षक लखनऊ मंडल के प्रवीण राव ने शनिवार को बाघ प्रभावित इलाकों का भ्रमण किया और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वत किया कि वन विभाग ग्रामीणों की बाघों से सुरक्षा के प्रति बेहद संवेदनशील है। मुख्य वन संरक्षक ने लोगों को जागरूक भी किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि बड़ो की अपेक्षा बच्चे बाघों से बचाव के तरीके जानने को काफी उत्सुक हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्कूली बच्चों को प्रारंभ से ही पाठ्यक्रम के साथ बाघों की जानकारी देने का निर्णय लिया है। मुख्य वन संरक्षक के प्रवीण राव ने बताया कि जल्दी ही इस योजना को अमल में लाया जाएगा।
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