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बच्चों के भविष्य पर एसएसबी की शर्तों का अड़ंगा

Wed, 28 Mar 2018 09:15 PM IST
Updated Wed, 28 Mar 2018 09:15 PM IST
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बच्चों के भविष्य पर एसएसबी की शर्तों का अड़ंगा
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26 एलकेएच 05

केंद्रीय विद्यालय से इस वर्ष
76 विद्यार्थी होंगे बाहर
हरिजन छात्रावास में कम जगह होने से कक्षा 10 तक चल रहीं कक्षाएं
- जमीन हैंडओवर में हटे शर्तों का पेंच तो बने केंद्रीय विद्यालय का भवन
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
हरिजन बालिका छात्रावास में वर्ष 2008 से संचालित केंद्रीय विद्यालय को अब तक अपना भवन बनाने के लिए जमीन नहीं मिल सकी है, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। संसाधनों के अभाव में बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। एसएसबी ने अपने गढ़ी रोड स्थित कैंपस में चार एकड़ जमीन देने का आश्वासन करीब चार साल पहले दिया था, जिसकी डील अब तक फाइनल नहीं हो सकी है। इसके लिए एसएसबी की शर्तों को अड़ंगे की वजह माना जा रहा है, जिन्हें केंद्रीय विद्यालय संगठन ने मानने से इंकार कर दिया है। विद्यालय का भवन न बन पाने से खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि इंटरमीडिएट कक्षाएं संचालित न होने से इस वर्ष हाईस्कूल के 76 विद्यार्थियों को विद्यालय छोड़ना पड़ेगा।
जिले में केंद्रीय विद्यालय में कक्षाओं का संचालन 22 जुलाई 2008 से प्रारंभ हुआ था, जिसके बाद से केंद्रीय विद्यालय संगठन भवन निर्माण के लिए जमीन हासिल करने की कवायद में जुटा है। इस दौरान दर्जनों डीएम बदल गए, लेकिन विद्यालय के हालात नहीं बदले। मसलन छात्रावास की सीमित जगह में कक्षाएं संचालन में आ रही दिक्कतों को कम करने के लिए परिषदीय विद्यालय के दो कमरे अस्थाई तौर पर केंद्रीय विद्यालय उपयोग कर रहा है। फिर भी कक्षाओं के संचालन में आ रही दिक्कतों से निपटने के लिए दो पालियों में कक्षाएं लगाई जा रही है। वहीं एसएसबी ने विद्यालय को चार एकड़ जमीन हैंडओवर करने के एवज में कुछ शर्तें लगा दी हैं, जिससे जमीन का पेंच उलझा हुआ है। एसएसबी के अधिकारी चाहते हैं कि इस विद्यालय में सिर्फ एसएसबी स्टाफ के ही बच्चे पढ़ाई कर सकें। बाहरी बच्चों को प्रवेश न दिए जाएं, जबकि सिविल सेक्टर का विद्यालय होने के चलते केंद्रीय विद्यालय संगठन ने एसएसबी की इस शर्त को मानने से इंकार कर दिया है। उधर, समाज कल्याण विभाग अपना छात्रावास खाली कराने के लिए विद्यालय प्रबंधन को लगातार नोटिस भेजकर दबाव बना रहा है।
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केवीएस से जमीन की लीज एग्रीमेंट के लिए प्रक्रिया चल रही है, जिसमें कुछ संशोधन के लिए हेड क्वार्टर से एग्रीमेंट वापस कर दिया गया है। इसमें संशोधन करने से केवीएस ने मना कर दिया है और कहा है कि एसएसबी स्टाफ के बच्चों को प्राथमिकता देने के साथ ही अन्य बच्चों को प्रवेश देने की बात कही है। इस रिपोर्ट के साथ ही लीज एग्रीमेंट को पुन: हेड क्वार्टर भेजा जा रहा है।
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सचिन कुमार, एसआई, जीडी एसएसबी

एसएसबी ने एग्रीमेंट में सिर्फ अपने स्टाफ के बच्चों को प्रवेश देने की शर्त रखी थी, जिसे केंद्रीय विद्यालय संगठन ने नकार दिया है। एसएसबी स्टाफ के बच्चों को प्रवेश में प्राथमिकता मिलेगी, लेकिन अन्य बच्चों को भी प्रवेश दिए जाएंगे। क्योंकि यह विद्यालय सिविल सेक्टर का है, जिसमें सभी वर्ग के बच्चे पात्रता के आधार पर प्रवेश पा सकते हैं। विद्यालय के अस्थाई भवन में पर्याप्त जगह न होने के कारण इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित करना संभव नहीं है, जिससे इस वर्ष हाईस्कूल के 76 बच्चों को दूसरे विद्यालयों में जाना होगा।
- सावित्री देवी, प्रधानाचार्य, केंद्रीय विद्यालय
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