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नीलगाय को बाघ ने दौड़ाया, ग्रामीणों में मची भगदड़
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:26 AM IST
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ममरी। शुक्रवार को वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर क्षेत्र के गांव तूलमेलगंज के पास नीलगाय को दौड़ाते देखे जाने पर खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों में फिर दहशत फैल गई है, जिसकी पुष्टि मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने भी की है। बाघ महीने भर से गन्ने के खेतों में विचरण कर रहा है।
27 दिसंबर की सुबह पूर्व माध्यमिक विद्यालय अशर्फीगंज के पश्चिम 50 मीटर की दूरी पर किसी वन्य जीव का खून पड़ा मिलने से ग्रामीण खौफ में आ गए थे। उससे कुछ दिन पहले बाघ ने गौरीगंज निवासी राजाराम के खूंटे से बंधे बछड़े को निवाला बना लिया था और इसी बीच नया गांव के पश्चिम क्षेत्र में एक नीलगाय को मार गिराया था। ग्रामीण उन घटनाओं को अभी भुला भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार को बाघ फिर गांव तूलमेलगंज के पास खेतों में एक नीलगाय को दौड़ाते हुए देखा गया है। जिससे तूलमेलगंज, बिहारीपुर फार्म, भदैंया गांव, बिहारीपुर, झाऊपुर, पन्नापुर, नयागांव, कन्हैयागंज, अशर्फीगंज के ग्रामीणों में फिर दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों की मानें तो बाघ महीनों से अपना ठिकाना गन्ने के खेतों में बनाए हुए है, जिसकी वजह से लोग खेतों में जाने से घबरा रहे हैं। भाकियू लोकतांत्रिक के तहसील अध्यक्ष महेशचंद वर्मा का कहना है कि इस मामले में वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने के सिवा कोई चारा नहीं है। फॉरेस्टर रमेश मिश्र, ओपी वर्मा, माया प्रकाश वर्मा, अजीत सिंह आदि वन कर्मियों ने बाघ के गन्ने के खेतों में मौजूद होने और नीलगाय को दौड़ाने की पुष्टि की है।
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27 दिसंबर की सुबह पूर्व माध्यमिक विद्यालय अशर्फीगंज के पश्चिम 50 मीटर की दूरी पर किसी वन्य जीव का खून पड़ा मिलने से ग्रामीण खौफ में आ गए थे। उससे कुछ दिन पहले बाघ ने गौरीगंज निवासी राजाराम के खूंटे से बंधे बछड़े को निवाला बना लिया था और इसी बीच नया गांव के पश्चिम क्षेत्र में एक नीलगाय को मार गिराया था। ग्रामीण उन घटनाओं को अभी भुला भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार को बाघ फिर गांव तूलमेलगंज के पास खेतों में एक नीलगाय को दौड़ाते हुए देखा गया है। जिससे तूलमेलगंज, बिहारीपुर फार्म, भदैंया गांव, बिहारीपुर, झाऊपुर, पन्नापुर, नयागांव, कन्हैयागंज, अशर्फीगंज के ग्रामीणों में फिर दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों की मानें तो बाघ महीनों से अपना ठिकाना गन्ने के खेतों में बनाए हुए है, जिसकी वजह से लोग खेतों में जाने से घबरा रहे हैं। भाकियू लोकतांत्रिक के तहसील अध्यक्ष महेशचंद वर्मा का कहना है कि इस मामले में वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने के सिवा कोई चारा नहीं है। फॉरेस्टर रमेश मिश्र, ओपी वर्मा, माया प्रकाश वर्मा, अजीत सिंह आदि वन कर्मियों ने बाघ के गन्ने के खेतों में मौजूद होने और नीलगाय को दौड़ाने की पुष्टि की है।
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