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प्रसूताओं को डिस्चार्ज करने के बदले रुपये लेता है ओटीए
Updated Tue, 26 Sep 2017 11:57 PM IST
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दून अस्पताल
- फोटो : file photo
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जिला अस्पताल हो या फिर सीएचसी या पीएचसी। हर जगह मरीजों का शोषण और उनसे धनउगाही होने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। कहीं टीका लगाने के नाम गर्भवती महिलाओं से पैसे वसूले जा रहे हैं तो कहीं प्रसूताओं को डिस्चार्ज करने के नाम पर। इस बार एक ताजा मामला मोहम्मदी सीएचसी का सामने आया है। वहां पर ओटीए द्वारा प्रसूताओं से डिस्चार्ज के बदले रुपये लिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
सोशल मीडिया पर सोमवार की शाम को मोहम्मदी सीएचसी के ओटीए अर्जुन लाल द्वारा एक युवक से रुपये लेने का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में दिख रहा है कि अर्जुन लाल ने एक युवक से रुपये लिए और देखकर लौटा दिए, लेकिन दुबारा ज्यादा मिलने पर जेब में रख लिए। वीडियो वायरल होने से जिले के अधिकारियों में अफरातफरी है।
उधर, अर्जुन लाल का कहना है कि सीएचसी पर काम करने वाला एक कर्मचारी उन्हें पैसे दे रहा था। उसी का वीडियो बनाकर जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच होने पर सब कुछ साफ हो जाएगा, धन उगाही के जो आरोप लग रहे हैं वह बदनाम करने की साजिश है। अर्जुन लाल का कहना है कि सीएचसी से हटाई गई एक स्टाफ नर्स उनके खिलाफ साजिश रच रही है। स्टाफ नर्स ने ही अपने किसी मिलने वाले से वीडियो बनवाकर वायरल कर दिया है। अर्जुन लाल का कहना है कि उसकी ड्यूटी ओटी में रहती है, लेकिन सीएचसी अधीक्षक के निर्देश पर हर जगह ड्यूटी करनी पड़ती है।
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वीडियो में कुछ साफ नहीं है कि कौन पैसे ले रहा है और कौन दे रहा है। सीएमओ साहब के पास भी वीडियो है। शायद उन्होंने इसके लिए जांच कमेटी गठित की है। जांच हो जाए तो सबकुछ साफ हो जाएगा।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएचसी अधीक्षक, मोहम्मदी
जिन्हें सौंपी जांच वो कर रहे इंकार
वीडियो वायरल प्रकरण मामले में सीएमओ डॉ. जावेद अहमद का कहना है कि वीडियो में कुछ साफ नहीं है। कर्मचारी पैसे वापस करते दिख रहा हैं, लेकिन फिर भी मामले की एसीएमओ डॉ. रवींद्र शर्मा को दी हैं। जबकि डॉ. रवींद्र शर्मा का कहना है कि उन्हें वीडियो वायरल मामले की जांच के कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
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जिला अस्पताल हो या फिर सीएचसी या पीएचसी। हर जगह मरीजों का शोषण और उनसे धनउगाही होने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। कहीं टीका लगाने के नाम गर्भवती महिलाओं से पैसे वसूले जा रहे हैं तो कहीं प्रसूताओं को डिस्चार्ज करने के नाम पर। इस बार एक ताजा मामला मोहम्मदी सीएचसी का सामने आया है। वहां पर ओटीए द्वारा प्रसूताओं से डिस्चार्ज के बदले रुपये लिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
सोशल मीडिया पर सोमवार की शाम को मोहम्मदी सीएचसी के ओटीए अर्जुन लाल द्वारा एक युवक से रुपये लेने का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में दिख रहा है कि अर्जुन लाल ने एक युवक से रुपये लिए और देखकर लौटा दिए, लेकिन दुबारा ज्यादा मिलने पर जेब में रख लिए। वीडियो वायरल होने से जिले के अधिकारियों में अफरातफरी है।
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उधर, अर्जुन लाल का कहना है कि सीएचसी पर काम करने वाला एक कर्मचारी उन्हें पैसे दे रहा था। उसी का वीडियो बनाकर जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच होने पर सब कुछ साफ हो जाएगा, धन उगाही के जो आरोप लग रहे हैं वह बदनाम करने की साजिश है। अर्जुन लाल का कहना है कि सीएचसी से हटाई गई एक स्टाफ नर्स उनके खिलाफ साजिश रच रही है। स्टाफ नर्स ने ही अपने किसी मिलने वाले से वीडियो बनवाकर वायरल कर दिया है। अर्जुन लाल का कहना है कि उसकी ड्यूटी ओटी में रहती है, लेकिन सीएचसी अधीक्षक के निर्देश पर हर जगह ड्यूटी करनी पड़ती है।
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वीडियो में कुछ साफ नहीं है कि कौन पैसे ले रहा है और कौन दे रहा है। सीएमओ साहब के पास भी वीडियो है। शायद उन्होंने इसके लिए जांच कमेटी गठित की है। जांच हो जाए तो सबकुछ साफ हो जाएगा।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएचसी अधीक्षक, मोहम्मदी
जिन्हें सौंपी जांच वो कर रहे इंकार
वीडियो वायरल प्रकरण मामले में सीएमओ डॉ. जावेद अहमद का कहना है कि वीडियो में कुछ साफ नहीं है। कर्मचारी पैसे वापस करते दिख रहा हैं, लेकिन फिर भी मामले की एसीएमओ डॉ. रवींद्र शर्मा को दी हैं। जबकि डॉ. रवींद्र शर्मा का कहना है कि उन्हें वीडियो वायरल मामले की जांच के कोई निर्देश नहीं मिले हैं।