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नरम हुए शारदा, सुहेली के तेवर, खतरा अभी बरकरार
Updated Tue, 11 Jul 2017 07:07 PM IST
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पलियाकलां (पीलीभीत)। बीते कई दिनों से उफनाई शारदा और सुहेली नदियों के तेवर आखिरकार नरम हो गए हैं। उधर, बनबसा बैराज से करीब एक लाख तीस हजार क्यूसेक पानी रिलीज किया गया है जो मंगलवार देर रात तक पहुंचने के आसार हैं। इससे खतरा बना हुआ है। उधर, शारदा नदी के पानी ने नयापुरवा गांव में घरों के बीच से नाला बना दिया है। जिससे अपने ही घर में लोगों को पहुंचने के लिए नाला पार करना पड़ता है।
बीते 24 घंटे में रिकार्ड वर्षा हुई है। केंद्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय के जेई अतुल कुमार पचौरी ने बताया कि बीते 24 घंटे में 74.4 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है जो इन दिनों में सबसे ज्यादा है। उधर, शारदानगर बैराज पर 24 घंटे में 103 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई। जेई अतुल कुमार पचौरी ने बताया कि शारदा का जलस्तर 154.44 सेमी पर ही स्थिर है लेकिन बनबसा बैराज से लगभग एक लाख तीस हजार क्यूसेक पानी मंगलवार सुबह छह बजे रिलीज किया गया है जो देर रात तक यहां पहुंचने के आसार है। उधर, अब भी निचले कई गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। ग्रामीण काफी दिक्कतों का सामना करके उसमें से गुजर रहे हैं।
शारदा नदी के पानी ने नयापुरवा गांव में घरों के बीच से नाला बना दिया है। इस नाले के दोनों तरफ लोगों के घर बसे हुए हैं। नाले पर खंभा डालकर लोग इधर से उधर जा रहे हैं। यह नाला शत्रोहन लाल तथा रामासरे के घर के बीच से निकला हुआ है। इसमें कभी भी कोई गंभीर हादसा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। दौलतापुर, कचनारा, मटैहिया, इमलिया फार्म, नानक फार्म, खालेपुरवा, दुबहा, चौरी आदि गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। दूसरी तरफ सुहेली नदी भी नरम हो गई है। सुहेली नदी का पानी खिसकने लगा है, जिससे बसंतापुर कलां, पटिहन, घोला सहित कई गांवों के आसपास पहुंचा पानी अब धीरे-धीरे कम होने लगा है।
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11एलकेएचपी 13
इंसेट......
पानी घटते ही कटान तेज नदी में समा रहे घर
अपने ही हाथों उजाड़ रहे सपनों का आशियाना
महेवागंज खीरी। फूलबेहड़ में शारदा नदी का जलस्तर घटते ही कटान शुरू हो गया है। कटान करती नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। बीते 24 घंटे के भीतर ही करीब आधा दर्जन मकान नदी में समा चुके हैं। नदी की धार धंधलीपुरवा बेड़हा गूम की ओर बढ़ रही है। गांव निवासी नरसिंह, मोहर्रम अली, पप्पू चौहान, रामेश्वर दयाल, संतराम, पंचदेव समेत आधा दर्जन से ज्यादा लोगों के घर नदी की आगोश में समा चुके हैं। कुछ लोग अपना बचाखुचा सामान बटोरकर सुरक्षित स्थान की ओर पलायन को मजबूर है। कटान पीड़ित अपने ही हाथों अपना घर तोड़ने को विवश है। पिछले साल भी नदी ने कई घरों को लील लिया था।
11टीकेएनपीएच 01
इंसेट.....
डीएम, एसपी ने लिया मोहाना की बाढ़ का जायजा
तिकुनिया। बार्डर पर बह रही मोहाना नदी के बढ़े जलस्तर के कारण पैदा हुई बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए डीएम-एसपी ने सीमाई गांव का दौरा किया। इस दौरान डीएम ने खैरटिया के नया पिंड गांव, जनकपुर, सूरतनगर गांव सहित बाढ़ग्रस्त इलाके में लोगों का हालचाल जाना। डीएम ने पीड़ितों को राशन आदि राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डीएम आकाशदीप, एसपी डॉ. एस.चन्नप्पा दोपहर करीब दो बजे खैरटिया गांव पहुंचे वहां स्थित रेलवे हाल्ट के सामने बसे नया पिंड गांव का जायजा लिया तथा। उन्होंने एसडीएम को ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम जनकपुर जनकपुर पहुंचे डीएम ने पीड़ितों का हाल-चाल जाना। इस दौरान ग्राम पंचायत बरसोला कला के पूर्व प्रधान राजाराम मौर्य ने डीएम से मोहाना नदी द्वारा हो रहे कटान से किसानों की गन्ना और धान की फसल बर्बाद होने की बात कही।
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बीते 24 घंटे में रिकार्ड वर्षा हुई है। केंद्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय के जेई अतुल कुमार पचौरी ने बताया कि बीते 24 घंटे में 74.4 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई है जो इन दिनों में सबसे ज्यादा है। उधर, शारदानगर बैराज पर 24 घंटे में 103 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई। जेई अतुल कुमार पचौरी ने बताया कि शारदा का जलस्तर 154.44 सेमी पर ही स्थिर है लेकिन बनबसा बैराज से लगभग एक लाख तीस हजार क्यूसेक पानी मंगलवार सुबह छह बजे रिलीज किया गया है जो देर रात तक यहां पहुंचने के आसार है। उधर, अब भी निचले कई गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। ग्रामीण काफी दिक्कतों का सामना करके उसमें से गुजर रहे हैं।
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शारदा नदी के पानी ने नयापुरवा गांव में घरों के बीच से नाला बना दिया है। इस नाले के दोनों तरफ लोगों के घर बसे हुए हैं। नाले पर खंभा डालकर लोग इधर से उधर जा रहे हैं। यह नाला शत्रोहन लाल तथा रामासरे के घर के बीच से निकला हुआ है। इसमें कभी भी कोई गंभीर हादसा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। दौलतापुर, कचनारा, मटैहिया, इमलिया फार्म, नानक फार्म, खालेपुरवा, दुबहा, चौरी आदि गांव अभी भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। दूसरी तरफ सुहेली नदी भी नरम हो गई है। सुहेली नदी का पानी खिसकने लगा है, जिससे बसंतापुर कलां, पटिहन, घोला सहित कई गांवों के आसपास पहुंचा पानी अब धीरे-धीरे कम होने लगा है।
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पानी घटते ही कटान तेज नदी में समा रहे घर
अपने ही हाथों उजाड़ रहे सपनों का आशियाना
महेवागंज खीरी। फूलबेहड़ में शारदा नदी का जलस्तर घटते ही कटान शुरू हो गया है। कटान करती नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। बीते 24 घंटे के भीतर ही करीब आधा दर्जन मकान नदी में समा चुके हैं। नदी की धार धंधलीपुरवा बेड़हा गूम की ओर बढ़ रही है। गांव निवासी नरसिंह, मोहर्रम अली, पप्पू चौहान, रामेश्वर दयाल, संतराम, पंचदेव समेत आधा दर्जन से ज्यादा लोगों के घर नदी की आगोश में समा चुके हैं। कुछ लोग अपना बचाखुचा सामान बटोरकर सुरक्षित स्थान की ओर पलायन को मजबूर है। कटान पीड़ित अपने ही हाथों अपना घर तोड़ने को विवश है। पिछले साल भी नदी ने कई घरों को लील लिया था।
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डीएम, एसपी ने लिया मोहाना की बाढ़ का जायजा
तिकुनिया। बार्डर पर बह रही मोहाना नदी के बढ़े जलस्तर के कारण पैदा हुई बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए डीएम-एसपी ने सीमाई गांव का दौरा किया। इस दौरान डीएम ने खैरटिया के नया पिंड गांव, जनकपुर, सूरतनगर गांव सहित बाढ़ग्रस्त इलाके में लोगों का हालचाल जाना। डीएम ने पीड़ितों को राशन आदि राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डीएम आकाशदीप, एसपी डॉ. एस.चन्नप्पा दोपहर करीब दो बजे खैरटिया गांव पहुंचे वहां स्थित रेलवे हाल्ट के सामने बसे नया पिंड गांव का जायजा लिया तथा। उन्होंने एसडीएम को ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम जनकपुर जनकपुर पहुंचे डीएम ने पीड़ितों का हाल-चाल जाना। इस दौरान ग्राम पंचायत बरसोला कला के पूर्व प्रधान राजाराम मौर्य ने डीएम से मोहाना नदी द्वारा हो रहे कटान से किसानों की गन्ना और धान की फसल बर्बाद होने की बात कही।