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ईवीएम खराब हुई तो पांच मिनट में बदलेगी मशीन
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लखीमपुर खीरी। पांचवें चरण में छह मई को मतदान कराया जाएगा, जिसमें ईवीएम खराब होने पर पांच मिनट में मशीन को बदला जाएगा। ताकि मतदान प्रभावित न हो, जिसके लिए प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है। किसी भी मतदान केंद्र पर ईवीएम खराब होने पर उसे पांच मिनट में बदला जाएगा। 104 सेक्टर मजिस्ट्रेट और आठ जोनल मजिस्ट्रेट को आईटीआई सभागार में शुक्रवार को विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उप जिला निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि मॉकपोल के दौरान लापरवाही से गड़बड़ियां होती है। मॉकपोल के बाद क्लोज बटन दबाएं, फिर रिजल्ट देखकर क्लियर बटन दबाएं। इसके बाद कंट्रोल यूनिट को सील करके मतदान प्रारंभ कराया जाएगा।
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 29 अप्रैल को कराए गए मतदान के दौरान 38 बूथों पर ईवीएम खराब हुई थी, जिसमें ज्यादातर मॉकपोल के दौरान पीठासीन अधिकारियों की गलतियों से गड़बड़ी हुई थी। लिहाजा पांचवें चरण में ईवीएम और वीवीपैट की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। 10 मतदान केंद्रों पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जिससे ईवीएम में खराबी होने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट पांच मिनट में रिजर्व मशीन लेकर पहुंचेंगे। निर्वाचन अधिकारी रवि रंजन ने कहा कि जो पीठासीन अधिकारी लापरवाह या कमजोर हैं, उन पर विशेष नजर रखें। सुबह के तीन घंटे मतदान के अहम है, जिससे इस दौरान सक्रियता बनाए रखें। गैरजिम्मेदाराना व्यवहार करने वाले पीठासीन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सकती है। निर्वाचन आयोग ने सख्त निर्देश दे रखे हैं। मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी कार्मिक रामकृपाल चौधरी ने ईवीएम और वीवीपैट के बारे में सावधानियां बरतने को लेकर टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि वीवीपैट मशीन इतनी संवेदनशील है कि धूप में रखे जाने से खराब हो सकती है। तो वहीं ईवीएम में भी जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। प्रशिक्षण में डीडीओ अरविंद कुमार, एआरओ अखिलेश यादव, कंट्रोल रूम प्रभारी रत्नेश त्रिपाठी मौजूद रहे।
तहसीलों में 20-20 ईवीएम सेंटर बनाए
मतदान केंद्रों पर ईवीएम खराब होने की स्थिति में मशीन को फटाफट बदलने के लिए तहसीलों में 20-20 ईवीएम सेंटर बनाए जाएंगे, जिन पर रिजर्व ईवीएम के साथ कर्मचारी मुस्तैद रहेंगे। सूचना मिलने पर फौरन ईवीएम लेकर कर्मचारी संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचेगा। इसके अलावा प्रत्येक सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट के पास दो-दो सेट ईवीएम रहेंगी।
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लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 29 अप्रैल को कराए गए मतदान के दौरान 38 बूथों पर ईवीएम खराब हुई थी, जिसमें ज्यादातर मॉकपोल के दौरान पीठासीन अधिकारियों की गलतियों से गड़बड़ी हुई थी। लिहाजा पांचवें चरण में ईवीएम और वीवीपैट की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। 10 मतदान केंद्रों पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जिससे ईवीएम में खराबी होने पर सेक्टर मजिस्ट्रेट पांच मिनट में रिजर्व मशीन लेकर पहुंचेंगे। निर्वाचन अधिकारी रवि रंजन ने कहा कि जो पीठासीन अधिकारी लापरवाह या कमजोर हैं, उन पर विशेष नजर रखें। सुबह के तीन घंटे मतदान के अहम है, जिससे इस दौरान सक्रियता बनाए रखें। गैरजिम्मेदाराना व्यवहार करने वाले पीठासीन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सकती है। निर्वाचन आयोग ने सख्त निर्देश दे रखे हैं। मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी कार्मिक रामकृपाल चौधरी ने ईवीएम और वीवीपैट के बारे में सावधानियां बरतने को लेकर टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि वीवीपैट मशीन इतनी संवेदनशील है कि धूप में रखे जाने से खराब हो सकती है। तो वहीं ईवीएम में भी जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। प्रशिक्षण में डीडीओ अरविंद कुमार, एआरओ अखिलेश यादव, कंट्रोल रूम प्रभारी रत्नेश त्रिपाठी मौजूद रहे।
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तहसीलों में 20-20 ईवीएम सेंटर बनाए
मतदान केंद्रों पर ईवीएम खराब होने की स्थिति में मशीन को फटाफट बदलने के लिए तहसीलों में 20-20 ईवीएम सेंटर बनाए जाएंगे, जिन पर रिजर्व ईवीएम के साथ कर्मचारी मुस्तैद रहेंगे। सूचना मिलने पर फौरन ईवीएम लेकर कर्मचारी संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचेगा। इसके अलावा प्रत्येक सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट के पास दो-दो सेट ईवीएम रहेंगी।
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