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डीटीआर बफरजोन में बढ़ा जंगली सुअर का कुनबा

Tue, 15 Jan 2019 04:57 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jan 2019 04:57 PM IST
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डीटीआर बफरजोन में बढ़ा जंगली सुअर का कुनबा

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डीटीआर में बढ़ा जंगली सुअरों का कुनबा

बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी और भीरा रेंज के अलावा किशनपुर सेंक्चुरी में भी जंगली सुअर का कुनबा पिछले चार वर्ष में तेजी से बढ़ा है। इससे जहां बाघों के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध हो रहा है, वहीं जंगली सुअर के शिकार की आशंका भी बढ़ी है। इसको लेकर डीटीआर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
डीटीआर में अनुकूल प्राकृतिक वातावरण, जलवायु और वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक वास की प्रचुरता के चलते यहां जैव विविधतता काफी समृद्ध है। दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर सेंक्चुरी की तरह मैलानी और भीरा रेंज के घने जंगलों में भी बाघ, तेंदुआ, हिरन की विभिन्न प्रजातियों के अलावा जंगली सुअर की बड़ी संख्या है। डीटीआर डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल का कहना कि वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों के चलते किशनपुर सेंक्चुरी के साथ-साथ बफरजोन की मैलानी और भीरा रेंज में भी जंगली सुअर की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। जंगली सुअर बाघों का पसंदीदा भोजन है। पर्याप्त भोजन होने से इस क्षेत्र में बाघों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। किशनपुर सेंक्चुरी में वर्ष 2016 में हुई गणना के दौरान 3550 जंगली सुअर पाए गए थे। जबकि हाल ही ट्रांजिट लाइन सर्वे के दौरान 5250 जंगली सुअर होने का पता चला है।
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गन्ने के सीजन में प्राय: जंगली सुअर जंगल से निकलकर गन्ने के खेतों में आ जाते हैं। इनके पीछे-पीछे शिकार के लिए बाघ भी खेतों में आ जाते हैं। जंगल के आसपास बसे गांव के लोग कुड़का या खाबड़ लगाकर जंगली सुअर का शिकार कर लेते हैं। जंगल से सटे गांव में बसे कुछ लोग जंगली सुअर का शिकार करने में काफी माहिर हैं। गन्ने के खेतों में तो जंगली सुअर का शिकार करना और भी आसान हो जाता है। सर्दियों के मौसम में वन्यजीवों के शिकार की संभावना ज्यादा रहती है।
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जंगल में बढ़ रही जंगली सुअर की आबादी और शिकार की संभावनाओं के मद्देनजर डीटीआर प्रशासन विशेष रूप से अलर्ट हुआ है। नवंबर-दिसंबर माह में जंगल गश्त के दौरान शिकार करने का प्रयास करते हुए 13 लोगों को पकड़ा गया है। यह सभी शिकारी जेल भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण गिरफ्तारी कतर्नियाघाट के मोतीपुर रेंज में इंटरनेशनल गोल्फर ज्योति सिंह रंधावा और उसका साथी बर्खास्त नेवी अफसर महेश विरजदार की है। जो इन दिनों बहराइच जेल में बंद हैं। सोमवार को अदालत में जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सेशन जज ने मामले को काफी गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।


डीटीआर बफरजोन की मैलानी और भीरा रेंज के अलावा किशनपुर सेंक्चुरी में जंगली सुअर की आबादी में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। मैलानी भीरा जंगल के आसपास इनके शिकार की आशंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। शिकार का प्रयास करते पकड़े जाने पर चालान भेजा जाएगा।
- डॉ. अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर,बफरजोन।
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