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पहले हाइवे जाम किया फिर बंदर को पीट कर मार डाला
Updated Thu, 01 Nov 2018 06:20 PM IST
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पहले हाइवे जाम किया फिर बंदर को मार डाला
छह से अधिक लोगों को गंभीर रूप से घायल कर चुका था
वन विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज। शारदानगर वन रेंज के ओदरहना गांव में पंद्रह दिन से उत्पात मचा रहे बंदर को लेकर बृहस्पतिवार को लोगों ने पहले हाइवे जाम कर विरोेध प्रदर्शन किया। इसके बाद वन विभाग की टीम के सामने ही गन्ने के खेत में घेर कर बंदर को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। मामले में वन दरोगा ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही बंदर के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के ओदरहना गांव में एक बंदर पंद्रह दिन से डेरा जमाए था। ग्रामीणों की मानें तो उत्पाती बंदर सोते समय लोगों पर हमला कर उन्हें काट लेता था। हमले में छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने वन कर्मियों को कई बार सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि एक दो पहले वन कर्मी आए और औपचारिकता निभाकर लौट गए। इस बीच बंदर का हमला जारी रहा। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। टायर और मोबाइल बैरियर लगाकर नवभारत स्कूल के पास रोड जाम कर दिया। इससे लखीमपुर- निघासन मार्ग अवरुद्ध हो गया। हाइवे जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और वन अधिकारियों में हड़कंप मच गया। रेंजर एनके राय वन कर्मियों की टोली लेकर मौके पर पहुंचे और बंदर को हरहाल में पकड़ने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एक न सुनी। ग्रामीणों का आक्रोश देख रेंजर मौके से खिसक लिए। चौकी प्रभारी अवधेश यादव ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा बुझा कर मार्ग खुलवाया।
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मरते दम तक बंदर पर बरसाई लाठियां
ग्रामीणों में आक्रोश इस कदर था कि पहले पेड़ पर बैठे एक बंदर पर कुछ शरारती युवकों ने गुलेल से निशाना साधा। चोट और डर से बंदर पेड़ से चिपका रहा। इस बीच हवा उड़ी कि यह कटखन्ना बंदर यह नही वह स्कूल के पीछे खेत में है। लाठी डंडा लेकर भीड़ खेत की ओर भागी तो पीछे वन कर्मी भी दौड़े। पकड़ने का प्रयास होता इससे पहले बंदर उछलकूद करता हुआ महेवा की ओर चला गया। ग्रामीणों ने खदेड़ा तो वह गन्ने के खेत में घुस गया। वनकर्मी जब तक उसे पकड़ते भीड़ हावी हो गई। ग्रामीणों का आक्रोश देख वन दरोगा नागेंद्र पांडेय, धनीराम, अफजाल, कुलदीप, रामकुमार, मोहित, सुरजीत, जगतपाल, सुभाष समेत कई वनकर्मी पीछे हटने को मजबूर हुए। इस पर भीड़ ने खेत मे ही बंदर को घेर लिया और लाठी डंडों से पीटकर मार डाला।
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फारेस्टर नागेंद्र पांडेय ने बताया कि बंदर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। बंदर की हत्या के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।