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नारी की रक्षा में रण करना ही मानव का है मुख्य धर्म
Updated Sun, 31 Dec 2017 11:40 PM IST
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काव्य
- फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी।
नववर्ष 2018 की पूर्व संध्या पर जिला पंचायत सभागार में काव्य गोष्ठी हुई। राष्ट्रीय कवि संगम एवं नागरिक जागरूक मंच द्वारा आयोजित गोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष निरूपमा बाजपेई ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज किशोर पांडे प्रहरी ने की।
काव्य पाठ के दौरान कवि शाश्वत अभिषेक ने पढ़ा- भारत में नारी सदैव से शक्ति रूप में पूजित है, जिसकी गोदी में ईश्वर भी आकर हर्षित होता है। नारी का सम्मान हमारा प्रथम कर्म हो जाता है, उसकी रक्षा में रण करना मुख्य धर्म हो जाता है।।
विनोद सांवरिया ने पढ़ा- अगर है बांटनी खुशियां तो फिर त्योहार क्यों देखें, किसी की जीत में हमेशा अपनी हार क्यूं देखें।
राज किशोर पांडे ने पढ़ा- जीवन में पग-पग पर पाएं, नित नवीन उत्कर्ष, खुशियों की सौगातें लेकर आए यह नववर्ष।
कुलदीप समर ने पढ़ा- आदि से उस अंत तक के लिए, कोशिशे मैं करूंगा सबके लिए। छीन न ले कहीं कोई मेरा अधिकार सब, मैं लडूंगा सदा अपने हक के लिए ।।
इस दौरान आशुतोष श्रीवास्तव, अनिल अमल, सुशील गुप्ता सहित संजय रायजदा, सुनील बाथम, सुरेंद्र र्मार्या, सरोज श्रीवास्तव नीरल मिश्रा, राजीव त्रिवेदी आदि कई लोग मौजूद रहे। काव्य गोष्ठी का संचालन विशेष शर्मा ने किया।
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नववर्ष 2018 की पूर्व संध्या पर जिला पंचायत सभागार में काव्य गोष्ठी हुई। राष्ट्रीय कवि संगम एवं नागरिक जागरूक मंच द्वारा आयोजित गोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष निरूपमा बाजपेई ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज किशोर पांडे प्रहरी ने की।
काव्य पाठ के दौरान कवि शाश्वत अभिषेक ने पढ़ा- भारत में नारी सदैव से शक्ति रूप में पूजित है, जिसकी गोदी में ईश्वर भी आकर हर्षित होता है। नारी का सम्मान हमारा प्रथम कर्म हो जाता है, उसकी रक्षा में रण करना मुख्य धर्म हो जाता है।।
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विनोद सांवरिया ने पढ़ा- अगर है बांटनी खुशियां तो फिर त्योहार क्यों देखें, किसी की जीत में हमेशा अपनी हार क्यूं देखें।
राज किशोर पांडे ने पढ़ा- जीवन में पग-पग पर पाएं, नित नवीन उत्कर्ष, खुशियों की सौगातें लेकर आए यह नववर्ष।
कुलदीप समर ने पढ़ा- आदि से उस अंत तक के लिए, कोशिशे मैं करूंगा सबके लिए। छीन न ले कहीं कोई मेरा अधिकार सब, मैं लडूंगा सदा अपने हक के लिए ।।
इस दौरान आशुतोष श्रीवास्तव, अनिल अमल, सुशील गुप्ता सहित संजय रायजदा, सुनील बाथम, सुरेंद्र र्मार्या, सरोज श्रीवास्तव नीरल मिश्रा, राजीव त्रिवेदी आदि कई लोग मौजूद रहे। काव्य गोष्ठी का संचालन विशेष शर्मा ने किया।
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