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26 हजार से अधिक किसानों का सट्टा किया बंद
Updated Tue, 03 Apr 2018 06:27 PM IST
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26 हजार किसानों का सट्टा किया बंद
इनके खेत में गन्ना नहीं होने पर डीसीओ ने की कार्रवाई
गन्ने की पूरी सप्लाई होने तक बंद नहीं होंगी चीनी मिलें
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
गन्ना पेराई सत्र 2017-18 में गन्ने का एरिया अधिक होने से अभी काफी किसानों के खेत में गन्ना खड़ा है, लेकिन जिन किसानों के खेत में गन्ना नहीं बचा है उनके सट्टे बंद किए जा रहे हैं। ऐसा पर्चियों की समस्या को दूर करने के लिए किया जा रहा है ताकि जरूरतमंद किसानों को पर्चियां मिलने में दिक्कते न आएं। जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) ब्रजेश कुमार पटेल ने 26276 किसानों के सट्टे बंद कर दिए हैं, जिससे किसानों में हड़कंप है।
पिछले पेराई सत्र 2016-17 में गन्ने का क्षेत्रफल 2,58,344 हेक्टेअर था, जो इस पेराई सत्र में बढ़कर 2,88,567 हेक्टेअर हो चुका है। पिछले सत्र में औसत उत्पादकता 664 क्विंटल प्रति हेक्टेअर थी, जो इस वर्ष 719.88 क्विंटल प्रति हेक्टेअर तक पहुंच गई है। इससे किसानों को समय से पर्चियां मिलने का संकट बना हुआ है। तो वहीं गन्ना माफिया को मिलों द्वारा धड़ाधड़ पर्चियां जारी की जा रही हैं, जिसको लेकर किसानों ने कई विरोध दर्ज कराया है। अप्रैल में धूप और गर्मी का पारा चढ़ने से गन्ना सूखने की नौबत आ गई है, जिससे किसान बेहद परेशान हैं। इस समस्या से निपटने के लिए गन्ना विभाग ने ऐसे किसानों के खिलाफ सट्टा बंद करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है, जिनके खेत में गन्ना नहीं है। कुछ दिनों के अंदर कार्रवाई कराते हुए 26276 किसानों के सट्टे बंद करा दिए हैं। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष 2077 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादन का अनुमान है, जिसके सापेक्ष अब तक 1076 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति मिलों को की जा चुकी है, जबकि पिछले वर्ष 958.9 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की गई थी। शेष गन्ने की आपूर्ति होने तक मिलें बंद नहीं की जाएंगी।
किसानों के मोबाइल पर भेजी सूचना
डीसीओ ने बताया कि एम किसान पोर्टल से जुड़े करीब 3.50 लाख किसानों को एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी गई है, जिसमें आश्वस्त किया गया है कि संपूर्ण गन्ने की पेराई करने के उपरांत ही चीनी मिलें बंद की जाएंगी। उन्होंने कहा है कि सभी एसडीआई और सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक खेतों में खड़े समस्त गन्ने की पेराई नहीं हो जाती, तब तक चीनी मिलों को नो-केन का प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा।
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अभी काफी एरिया में गन्ना खेतों में खड़ा हुआ है, लेकिन जिन किसानों के पास गन्ना नहीं है उनके सट्टे बंद किए गए हैं। इससे जरूरतमंद किसानों को जल्द पर्चियां जारी होंगी। अनुमान है कि करीब 311 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति किया जाना शेष है।
- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
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इनके खेत में गन्ना नहीं होने पर डीसीओ ने की कार्रवाई
गन्ने की पूरी सप्लाई होने तक बंद नहीं होंगी चीनी मिलें
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
गन्ना पेराई सत्र 2017-18 में गन्ने का एरिया अधिक होने से अभी काफी किसानों के खेत में गन्ना खड़ा है, लेकिन जिन किसानों के खेत में गन्ना नहीं बचा है उनके सट्टे बंद किए जा रहे हैं। ऐसा पर्चियों की समस्या को दूर करने के लिए किया जा रहा है ताकि जरूरतमंद किसानों को पर्चियां मिलने में दिक्कते न आएं। जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) ब्रजेश कुमार पटेल ने 26276 किसानों के सट्टे बंद कर दिए हैं, जिससे किसानों में हड़कंप है।
पिछले पेराई सत्र 2016-17 में गन्ने का क्षेत्रफल 2,58,344 हेक्टेअर था, जो इस पेराई सत्र में बढ़कर 2,88,567 हेक्टेअर हो चुका है। पिछले सत्र में औसत उत्पादकता 664 क्विंटल प्रति हेक्टेअर थी, जो इस वर्ष 719.88 क्विंटल प्रति हेक्टेअर तक पहुंच गई है। इससे किसानों को समय से पर्चियां मिलने का संकट बना हुआ है। तो वहीं गन्ना माफिया को मिलों द्वारा धड़ाधड़ पर्चियां जारी की जा रही हैं, जिसको लेकर किसानों ने कई विरोध दर्ज कराया है। अप्रैल में धूप और गर्मी का पारा चढ़ने से गन्ना सूखने की नौबत आ गई है, जिससे किसान बेहद परेशान हैं। इस समस्या से निपटने के लिए गन्ना विभाग ने ऐसे किसानों के खिलाफ सट्टा बंद करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है, जिनके खेत में गन्ना नहीं है। कुछ दिनों के अंदर कार्रवाई कराते हुए 26276 किसानों के सट्टे बंद करा दिए हैं। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष 2077 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादन का अनुमान है, जिसके सापेक्ष अब तक 1076 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति मिलों को की जा चुकी है, जबकि पिछले वर्ष 958.9 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की गई थी। शेष गन्ने की आपूर्ति होने तक मिलें बंद नहीं की जाएंगी।
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किसानों के मोबाइल पर भेजी सूचना
डीसीओ ने बताया कि एम किसान पोर्टल से जुड़े करीब 3.50 लाख किसानों को एसएमएस के माध्यम से सूचना भेजी गई है, जिसमें आश्वस्त किया गया है कि संपूर्ण गन्ने की पेराई करने के उपरांत ही चीनी मिलें बंद की जाएंगी। उन्होंने कहा है कि सभी एसडीआई और सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक खेतों में खड़े समस्त गन्ने की पेराई नहीं हो जाती, तब तक चीनी मिलों को नो-केन का प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा।
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अभी काफी एरिया में गन्ना खेतों में खड़ा हुआ है, लेकिन जिन किसानों के पास गन्ना नहीं है उनके सट्टे बंद किए गए हैं। इससे जरूरतमंद किसानों को जल्द पर्चियां जारी होंगी। अनुमान है कि करीब 311 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति किया जाना शेष है।
- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी