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शव को भी सौ किलोमीटर करना पड़ता है सफर

Tue, 01 Aug 2017 06:22 PM IST
Updated Tue, 01 Aug 2017 06:22 PM IST
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शव को भी सौ किलोमीटर करना पड़ता है सफर
निघासन। इंडो नेपाल बार्डर की निघासन तहसील क्षेत्र से शवों को भी पोस्टमार्टम के लिए सौ किलोमीटर से अधिक का सफर तय करना पड़ता है। बेलरायां मार्ग पर बना पोस्टमार्टम हाउस 24 साल से उद्घाटन की बाट जोह रहा है। भवन की मरम्मत के साथ डॉक्टर और अन्य स्टाफ का प्रशिक्षण भी हो चुका है, लेकिन फिर भी यह चालू नहीं हो सका। सत्ता पक्ष के विधायक और सांसद होने के कारण यहां के लोग पोस्टमार्टम हाउस चालू होने की उम्मीद लगाए है।
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नेपाल बार्डर से जुडे़ और जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण कस्बे के सिंगाही रोड पर सुहेली नहर के किनारे वर्ष 1996 में करीब सात लाख की लागत से पोस्टमार्टम हाउस बनकर तैयार हुआ था। पोस्टमार्टम हाउस चालू कराने की मांग पर सपा नेताओं ने चालू कराने की पहल की, लेकिन भवन गिरताऊ हालत मेें होने और फर्श आदि टूटी होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने निर्माणाधीन एजेंसी से लेने से मना कर दिया। एजेंसी ने दुबारा मरम्मत कराकर भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया था। विभाग ने सीएचसी में तैनात डाक्टर पीके रावत, फार्मासिस्ट बीएन सिंह और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राकेश को प्रशिक्षण देकर शीघ्र ही तैनात कर पोस्टमार्टम हाउस चालू करने का आश्वासन दिया। स्वीपर राकेश की करीब तीन माह पहले मौत हो चुकी है। पोस्टमार्टम हाउस चालू होने का मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पोस्टमार्टम हाउस की बिल्डिंग एक बार फिर देखरेख के अभाव में जर्जर हालत में पहुंच गई है।
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क्षेत्रीय लोगों को यह होगा फायदा
हसील का विस्तार क्षेत्र भारत नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी से लेकर शारदा नदी के उस पार तक है। यहां पर अनहोनी होने पर शव जिला मुख्यालय ले जाना पड़ता है। वहां पर समय और धन दोनों की हानि होती है। इसके बनने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ समय आदि की भी बचत होगी।
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कई कमियों के चलते नहीं चालू हुआ पोस्टमार्टम हाउस
पोस्टमार्टम चालू होने के लिए तीन डाक्टर, दो स्वीपर, दो फार्मासिस्ट के अलावा शव की चीड़ फाड़ करने के लिए औजार भी उपलब्ध नहीं हो सके है। साथ ही पोस्टमार्टम हाउस में बिजली कनेक्शन भी नहीं हो सका है।

वर्जन
पोस्टमार्टम चालू कराने की सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर इसे चालू कराने की मांग की गई थी। शीघ्र ही पोस्टमार्टम हाउस चालू कराया जाएगा।
- अजय मिश्र टेनी, सांसद
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स्टाफ की कमी के चलते पोस्टमार्टम हाउस चालू नहीं हो सका है। स्टाफ तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा है। पत्र मिलते ही चालू किया जाएगा।
जावेद अख्तर, सीएमओ
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