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श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया नागपंचमी पर्व
Updated Fri, 28 Jul 2017 07:06 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले भर में नागपंचमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में नागदेवता को दूध, जल, अक्षत, फूल, फल आदि अर्पित कर पूजा अर्चना की। इसके चलते सुबह से शिवालयों में भारी भीड़ रही। मंदिरों के सामने नाग दर्शन कराने वाले सपेरों की भी भीड़ रही। जिले में नाग पंचमी की मुख्य पूजा देवकली तीर्थ में हुई। जहां काल सर्प योग के निदान के लिए अनुष्ठान किए गए। प्राचीन सर्पकुंड में पूजा अर्चना की गई। लोग यहां की मिट्टी लेकर अपने घरों में गए।
देवकली तीर्थ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। लोगों ने प्राचीन सूर्यकुंड में स्नान करने केे बाद देवेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। नागदेवता की पूजा की। यहां पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की सुबह से ही लंबी लाइनें रहीं। यहां पुराण प्रसिद्ध राजा जन्मेजय की नागयज्ञ स्थली सर्पकुंड में यज्ञ का आयोजन हुआ। बाद में यहां की मिट्टी लोगों में वितरित की गई। मान्यता है कि सर्पकुंड की मिट्टी घर में रखने से सर्प नहीं आते। बहुत से लोगों ने यहां कालसर्प योग के निवारण के लिए विशेष अनुष्ठान कराए। यह अनुष्ठान भवानी प्रसाद उपाध्याय उर्फ नेपाली बाबा की देखरेख में हुए। पूरे दिन यहां मेला लगा रहा। यहां हुए भंडारों में हजारों लोगों ने प्रसाद गहण किया।
नागपंचमी पर लिलौटीनाथ, जंगलीनाथ, भुइफोरवानाथ, टेढ़ेनाथ, मेढक मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों में भी खासी भीड़ रही। यहां लोगों ने नागपूजा की। घरों में महिलाओं ने नाग देवता को दूध अर्पित किया। बच्चों ने मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर कपड़ों से बनाई गई गुड़िया पीटीं। मंदिरों के सामने नागदेवता के दर्शन कराने के लिए सपेरों की भीड़ लगी रही।
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गोला गोकर्णनाथ। नागपंचमी पर शिव मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक और नागदेव के दर्शन किए। गुड़ियों के मेले में महिलाओं, युवतियों ने कपड़े के कतरन से बनी गुड़िया डालीं और युवाओं ने कोड़ों से गुड़ियों को पीटा। शिव पार्वती के रूप से सजे श्रद्धालुओं को देखने के लिए लोग सड़कों पर उमड़ते रहे। ममरी, रजागंज, करनपुर, मुर्तिहा, जमनाबाद फार्म, फकीरबाबा स्थान पर भक्तों ने नागपूजा की।
पलियाकलां। लोगों ने घरों में नाग देवता की पूजा करने के साथ मंदिरों में जाकर दूध और जल चढ़ाया। शहर के पांडेय बाबा मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर में जाकर लोगों ने पूजा अर्चना की। इसके बाद नाग देवता को जल चढ़ाया। मझगईं, नौगवां, बल्लीपुर, बेलाकलां, भगवंतनगर, पतिया में नागपंचमी हर्सोल्लास के साथ मनाई गई। नागपंचमी पर कस्बे के शिवमंदिर और माता मंजेश्वरी देवी के मंदिर पर भक्तों की भीड़ लगी रही।
बांकेगंज। कस्बा स्थित बांकेश्वर महादेव मंदिर में नाग पंचमी पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की। महिलाओं ने कालसर्प दोष से बचाव के लिए घरों की दीवारों पर नाग देवता चित्र बनाकर पूजा की।
इंसेट......
नाग पंचमी हुआ रुद्राभिषेक नाग पूजन
धौरहरा। नागपंचमी के मौके पर क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक के साथ विशेष पूजा अर्चना हुई। श्रद्धालुओं पवित्र सरयू नदी में स्नान कर नागेश्वरनाथ मंदिर, नारायणेश्वर मंदिर मनकामनेश्वर मंदिर में जलाभिषेक किया। कफारा के श्री लीलानाथ मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने रूद्राभिषेक कर शिव की आराधना की। कफारा बावड़ी तट पर विशेष नाग पूजा पं. हरीश अवस्थी ने संपन्न कराई।
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देवकली तीर्थ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। लोगों ने प्राचीन सूर्यकुंड में स्नान करने केे बाद देवेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। नागदेवता की पूजा की। यहां पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की सुबह से ही लंबी लाइनें रहीं। यहां पुराण प्रसिद्ध राजा जन्मेजय की नागयज्ञ स्थली सर्पकुंड में यज्ञ का आयोजन हुआ। बाद में यहां की मिट्टी लोगों में वितरित की गई। मान्यता है कि सर्पकुंड की मिट्टी घर में रखने से सर्प नहीं आते। बहुत से लोगों ने यहां कालसर्प योग के निवारण के लिए विशेष अनुष्ठान कराए। यह अनुष्ठान भवानी प्रसाद उपाध्याय उर्फ नेपाली बाबा की देखरेख में हुए। पूरे दिन यहां मेला लगा रहा। यहां हुए भंडारों में हजारों लोगों ने प्रसाद गहण किया।
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नागपंचमी पर लिलौटीनाथ, जंगलीनाथ, भुइफोरवानाथ, टेढ़ेनाथ, मेढक मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों में भी खासी भीड़ रही। यहां लोगों ने नागपूजा की। घरों में महिलाओं ने नाग देवता को दूध अर्पित किया। बच्चों ने मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर कपड़ों से बनाई गई गुड़िया पीटीं। मंदिरों के सामने नागदेवता के दर्शन कराने के लिए सपेरों की भीड़ लगी रही।
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गोला गोकर्णनाथ। नागपंचमी पर शिव मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक और नागदेव के दर्शन किए। गुड़ियों के मेले में महिलाओं, युवतियों ने कपड़े के कतरन से बनी गुड़िया डालीं और युवाओं ने कोड़ों से गुड़ियों को पीटा। शिव पार्वती के रूप से सजे श्रद्धालुओं को देखने के लिए लोग सड़कों पर उमड़ते रहे। ममरी, रजागंज, करनपुर, मुर्तिहा, जमनाबाद फार्म, फकीरबाबा स्थान पर भक्तों ने नागपूजा की।
पलियाकलां। लोगों ने घरों में नाग देवता की पूजा करने के साथ मंदिरों में जाकर दूध और जल चढ़ाया। शहर के पांडेय बाबा मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर में जाकर लोगों ने पूजा अर्चना की। इसके बाद नाग देवता को जल चढ़ाया। मझगईं, नौगवां, बल्लीपुर, बेलाकलां, भगवंतनगर, पतिया में नागपंचमी हर्सोल्लास के साथ मनाई गई। नागपंचमी पर कस्बे के शिवमंदिर और माता मंजेश्वरी देवी के मंदिर पर भक्तों की भीड़ लगी रही।
बांकेगंज। कस्बा स्थित बांकेश्वर महादेव मंदिर में नाग पंचमी पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की। महिलाओं ने कालसर्प दोष से बचाव के लिए घरों की दीवारों पर नाग देवता चित्र बनाकर पूजा की।
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नाग पंचमी हुआ रुद्राभिषेक नाग पूजन
धौरहरा। नागपंचमी के मौके पर क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक के साथ विशेष पूजा अर्चना हुई। श्रद्धालुओं पवित्र सरयू नदी में स्नान कर नागेश्वरनाथ मंदिर, नारायणेश्वर मंदिर मनकामनेश्वर मंदिर में जलाभिषेक किया। कफारा के श्री लीलानाथ मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने रूद्राभिषेक कर शिव की आराधना की। कफारा बावड़ी तट पर विशेष नाग पूजा पं. हरीश अवस्थी ने संपन्न कराई।
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