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जेल लोक अदालत में 13 बंदियों के 21 मुकदमे निबटे
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मुकदमों की सुनवाई करते अधिकारी।
लखीमपुर खीरी। जिला कारागार में लगी जेल लोक अदालत में शुक्रवार को 13 बंदियों के 21 मुकदमों का निस्तारण किया गया।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जेल लोक अदालत में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम लखीमपुर खीरी अविनाश चंद्र गौतम ने भविष्य में अपराध न करने की हिदायत देते हुए कारागार में निरुद्द 13 बंदियों के 21 मुकदमों का जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर निस्तारण किया। बताया कि लोक अदालत में ऐसे बंदी जिनका कोई पैरोकार नहीं होता, उन्हें निशुल्क सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जेल के नामित अधिवक्ता ऐसे बंदियों की पैरवी करते हैं।
बताया कि शुक्रवार को निस्तारित मुकदमों के तमाम ऐसे बंदी भी थे, जिनका कोई पैरोकार नहीं था। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कनिका अवध, वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीपी सिंह, जेलर पंकज सिंह, डिप्टी जेलर अविनाश चौहान, सुनील कुमार व नीरज कुमार मौजूद रहे। संवाद
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वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जेल लोक अदालत में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम लखीमपुर खीरी अविनाश चंद्र गौतम ने भविष्य में अपराध न करने की हिदायत देते हुए कारागार में निरुद्द 13 बंदियों के 21 मुकदमों का जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर निस्तारण किया। बताया कि लोक अदालत में ऐसे बंदी जिनका कोई पैरोकार नहीं होता, उन्हें निशुल्क सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जेल के नामित अधिवक्ता ऐसे बंदियों की पैरवी करते हैं।
बताया कि शुक्रवार को निस्तारित मुकदमों के तमाम ऐसे बंदी भी थे, जिनका कोई पैरोकार नहीं था। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कनिका अवध, वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीपी सिंह, जेलर पंकज सिंह, डिप्टी जेलर अविनाश चौहान, सुनील कुमार व नीरज कुमार मौजूद रहे। संवाद
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