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आंधी पानी से हाहाकार, ओले भी पड़े
Updated Mon, 14 May 2018 07:04 PM IST
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14 एलकेएच 21 से 26 तक
आंधी पानी से हाहाकार, ओले भी पड़े
अग्निकांड और हादसों में मासूम बच्चे समेत गईं पांच जानें
तिकुनिया, सिंगाही समेत चार गांवों में लगी आग से 106 घर जले
तिकुनियां में एक ग्रामीण जिंदा जला, 10 झुलसे, तीन की हालत गंभीर
पलिया में दो, निघासन और गोला इलाके में एक- एक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। जिले में रविवार की रात आई आंधी-पानी से भारी नुकसान हुआ। आग लगने व हादसों के चलते पांच लोगों की जान भी चली गई। कोतवाली तिकुनियां के गांव खमरिया कोइलार, केवटली, सुथना बरसोला और सिंगाही के गांव भगतन निबौरिया में आंधी के दौरान भीषण आग लग गई, जिससे 106 घर जल गए। आग की लपटों में घिर कर गांव निवासी 55 वर्षीय रफीक की मौत हो गई, जबकि 10 लोग झुलस गए। गंभीर रूप से झुलसे अहमद रसूल, उनकी पत्नी याशमीन और 10 वर्षीय अतीक को लखनऊ रेफर किया गया है। इस दुर्घटना में कई पशु भी जले, वहीं गोला कोतवाली के गांव बक्खारी निवासी 35 वर्षीय राजाराम की आंधी के दौरान घर लौटते समय ढोंगवा के पास ट्रैक्टर के नीचे दबकर मौत हो गई। बताते हैं वह ट्रैक्टर चला रहा था और आंधी पानी के कारण संतुलन खो बैठा, जिससे ट्रैक्टर पलट गया। वहीं पलिया के गांव सेमरीपुरवा में आंधी में छप्पर गिरने से दबकर 40 वर्षीय रामबेटी और 62 वर्षीय गुलाबो देवी के ऊपर टीन आ गिरी, जिससे उनकी मौत हो गई। उधर आंधी के चलते निघासन में दुर्गापुरवा निवासी 40 वर्षीय हरगोविंद की बाइक गन्ना भरी ट्राली में घुसने से मौत हो गई। इसके अलावा आंधी से आम, गन्ना और केले की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
फोटो- 14एलकेएच 501
14एलकेएच 403, 404, 405
कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े
बिजली और पानी की सप्लाई हुई प्रभावित
तेज आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान
गन्ना और केला की फसल भी हुई बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। रविवार रात आई तेज आंधी और बारिश एक बार फिर किसानों और बागवानों पर आफत बनकर टूटी। कई इलाकों में ओले गिरने से सब्जी, दलहनी और आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज आंधी से कई गांवों में छप्पर और टीन शेड उड़ गए। रास्तों पर पेड़ उखड़ने और डालें गिरने से घंटों आवागमन भी बाधित रहने के साथ ग्रामीण इलाके की बिजली सप्लाई रात भर ठप रही।
रात साढ़े नौ बजे के बाद अचानक मौसम ने करवट लिया। तेज धूल भरी आंधी और बारिश के साथ कई जगह ओले गिरे जिससे जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। हालांकि मौसम विभाग ने फिर मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है। जिले में आंधी-तूफान ने किसानों और बागवानों की खुशियां छीन ली। गेहूं की कटाई तो लगभग खत्म हो चुकी है फिर भी 10 फीसदी किसानों की फसल अभी खेत में है जो तूफान में तहस नहस हो गई। इसके अलावा बारिश से खेतों में लगे भूसे के ढ़ेर भीग गए है। कृषि विज्ञानी डॉ. सुहेल ने बताया कि तेज आंधी से आम और केला की फसल को 50 फीसदी से अधिक नुकसान होने का अनुमान है।
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पलियाकलां। तेज आंधी व तूफान में थाने में लगा कई साल पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। इससे थाने की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा आंधी-पानी से कई पेड़ गिरे जिससे जगह जगह आवागमन बाधित हुआ।
मझगईं। तूफान ने दर्जनों छप्पर व टीन के शेड उड़ा दिये जिससे कई लोगों की गृहस्थी उजड़ गई। हालांकि मझगई इलाके में किसी की मौत की सूचना नहीं मिली।
बांकेगंज। तेज आंधी व तूफान के बाद हुई बारिश ने समूचा जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया। बांकेगंज-गोला रोड पर पेड़ गिरने से सारी रात आवागमन ठप रहा। इसके अलावा 33 हजार मेन लाइन के तारों पर फूलपुर गांव के निकट यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से बिजली सप्लाई ठप हो गई। सोमवार को दिन में करीब दस बजे बिजली सप्लाई बहाल हो सकी।
फोटो संख्या 14एलकेएच406, 407, 408, 409, 410
छप्पर और टीन के नीचे दब कर दो महिलाओं की मौत
पलियाकलां। तेज आंधी व तूफान में दो महिलाओं की जान चली गई जब कि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सेमरीपुरवा गांव निवासी पूरनलाल की 40 वर्षीय पत्नी रामबेटी देर रात छप्परनुमा कमरे में लेटी थी। इस दौरान आए आंधी-तूफान से छप्पर उसके ऊपर गिर गया। इसमें दबकर उसकी मौत हो गई। सेमरीपुरवा गांव के ही प्यारेलाल की 62 वर्षीय पत्नी गुलाबो देवी बाहर गईं थीं। तभी आंधी आ जाने से वह घबरा गईं तथा दहशत में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उधर कोठिया गांव में एक घर पर सीमेंट की चादर व पक्की दीवार गिरने से 65 वर्षीय ओमप्रकाश, 55 वर्षीय श्रीदेवी, 20 वर्षीय मंजय कुमार, 30 वर्षीय रामचंद्र, 58 वर्षीय रामवती आदि गंभीर रूप से घायल हो गए।
नहीं हो पाया इलाज, मौसूम की मौत
कुरियाना गांव निवासी पप्पू का सात महीने का पुत्र सत्यम तेज बुखार से पीड़ित था। लोगों ने कहा कि उसे अस्पताल लेकर जाए इसी बीच देर रात आंधी आ जाने से वह अस्पताल नहीं जा पाया। सुबह उसके पुत्र की मौत हो गई।
पोखरी में 24 घर जले
सिंगाही। आंधी के दौरान गांव पोखरी में आग लगने से 24 घर जलकर राख हो गए। यहां के रंगीलाल के घर से उठी चिंगारी ने देखते ही देखते एक के बाद एक घर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। किसी प्रकार लोगों ने गांव से निकल कर जान बचाई। इस अग्निकांड में एक गाय सहित कई बकरियां, मुर्गे आदि जल गए।
अधिकारियों का लगा रहा तांता
पलिया। आंधी तूफान से हुई मौतों की सूचना के बाद एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी, सीओ प्रदीप कुमार यादव दलबल के साथ गांव में पहुंचे और पीड़ितों से हालचाल जाना। उन्होंने प्रशासन की तरफ से हरसंभव सहायता दिलाने की बात भी कही है।
फोटो14एलकेएच551-मैलानी स्टेशन का टूटकर गिरा बोर्ड
फोटो14एलकेएच552-मैलानी में आंधी में उड़ी टिन से टूटी मकान की रेलिंग
फोटो14एलकेएच553-मैलानी में आंधी से टूटा दुकान का टिन शेड
फोटो14एलकेएच554-मैलानी में आंधी में उड़ी टिन से जख्मी विमल
पतंग की तरह उड़ीं टिनें, तीन जख्मी
मैलानी। आंधी-तूफान से इलाके में भारी नुकसान हुआ। दुकानों के टिन शेड टूट गए। घरों में लगी टिनें पतंगों की मानिंद हवा में उड़ गईं। इनकी चपेट में आकर तीन लोग जख्मी हो गए। भीरा रोड निवासी मुकेश शर्मा की गौशाला की टिनें हवा में उड़ गईं। एक टिन 11 हजार वोल्ट की लाइन में चिपक गई। इसी बीच उधर से गुजर रहे पड़ोस में रहने वाले राजेश के 16 वर्षीय पुत्र विमल पर लाइन से चिपकी टिन गिरी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ टिनें एंगल सहित पास के घर की दूसरी मंजिल पर गिरीं। उसकी चपेट में आकर गृहस्वामी 59 वर्षीय राम निवास और उनका पुत्र 17 वर्षीय गोलू जख्मी हो गये। इस तूफान के चलते क्षेत्र की बिजली सप्लाई ठप हो गई।
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आंधी पानी से हाहाकार, ओले भी पड़े
अग्निकांड और हादसों में मासूम बच्चे समेत गईं पांच जानें
तिकुनिया, सिंगाही समेत चार गांवों में लगी आग से 106 घर जले
तिकुनियां में एक ग्रामीण जिंदा जला, 10 झुलसे, तीन की हालत गंभीर
पलिया में दो, निघासन और गोला इलाके में एक- एक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। जिले में रविवार की रात आई आंधी-पानी से भारी नुकसान हुआ। आग लगने व हादसों के चलते पांच लोगों की जान भी चली गई। कोतवाली तिकुनियां के गांव खमरिया कोइलार, केवटली, सुथना बरसोला और सिंगाही के गांव भगतन निबौरिया में आंधी के दौरान भीषण आग लग गई, जिससे 106 घर जल गए। आग की लपटों में घिर कर गांव निवासी 55 वर्षीय रफीक की मौत हो गई, जबकि 10 लोग झुलस गए। गंभीर रूप से झुलसे अहमद रसूल, उनकी पत्नी याशमीन और 10 वर्षीय अतीक को लखनऊ रेफर किया गया है। इस दुर्घटना में कई पशु भी जले, वहीं गोला कोतवाली के गांव बक्खारी निवासी 35 वर्षीय राजाराम की आंधी के दौरान घर लौटते समय ढोंगवा के पास ट्रैक्टर के नीचे दबकर मौत हो गई। बताते हैं वह ट्रैक्टर चला रहा था और आंधी पानी के कारण संतुलन खो बैठा, जिससे ट्रैक्टर पलट गया। वहीं पलिया के गांव सेमरीपुरवा में आंधी में छप्पर गिरने से दबकर 40 वर्षीय रामबेटी और 62 वर्षीय गुलाबो देवी के ऊपर टीन आ गिरी, जिससे उनकी मौत हो गई। उधर आंधी के चलते निघासन में दुर्गापुरवा निवासी 40 वर्षीय हरगोविंद की बाइक गन्ना भरी ट्राली में घुसने से मौत हो गई। इसके अलावा आंधी से आम, गन्ना और केले की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
फोटो- 14एलकेएच 501
14एलकेएच 403, 404, 405
कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े
बिजली और पानी की सप्लाई हुई प्रभावित
तेज आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान
गन्ना और केला की फसल भी हुई बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। रविवार रात आई तेज आंधी और बारिश एक बार फिर किसानों और बागवानों पर आफत बनकर टूटी। कई इलाकों में ओले गिरने से सब्जी, दलहनी और आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज आंधी से कई गांवों में छप्पर और टीन शेड उड़ गए। रास्तों पर पेड़ उखड़ने और डालें गिरने से घंटों आवागमन भी बाधित रहने के साथ ग्रामीण इलाके की बिजली सप्लाई रात भर ठप रही।
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रात साढ़े नौ बजे के बाद अचानक मौसम ने करवट लिया। तेज धूल भरी आंधी और बारिश के साथ कई जगह ओले गिरे जिससे जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। हालांकि मौसम विभाग ने फिर मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है। जिले में आंधी-तूफान ने किसानों और बागवानों की खुशियां छीन ली। गेहूं की कटाई तो लगभग खत्म हो चुकी है फिर भी 10 फीसदी किसानों की फसल अभी खेत में है जो तूफान में तहस नहस हो गई। इसके अलावा बारिश से खेतों में लगे भूसे के ढ़ेर भीग गए है। कृषि विज्ञानी डॉ. सुहेल ने बताया कि तेज आंधी से आम और केला की फसल को 50 फीसदी से अधिक नुकसान होने का अनुमान है।
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पलियाकलां। तेज आंधी व तूफान में थाने में लगा कई साल पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। इससे थाने की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा आंधी-पानी से कई पेड़ गिरे जिससे जगह जगह आवागमन बाधित हुआ।
मझगईं। तूफान ने दर्जनों छप्पर व टीन के शेड उड़ा दिये जिससे कई लोगों की गृहस्थी उजड़ गई। हालांकि मझगई इलाके में किसी की मौत की सूचना नहीं मिली।
बांकेगंज। तेज आंधी व तूफान के बाद हुई बारिश ने समूचा जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया। बांकेगंज-गोला रोड पर पेड़ गिरने से सारी रात आवागमन ठप रहा। इसके अलावा 33 हजार मेन लाइन के तारों पर फूलपुर गांव के निकट यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से बिजली सप्लाई ठप हो गई। सोमवार को दिन में करीब दस बजे बिजली सप्लाई बहाल हो सकी।
फोटो संख्या 14एलकेएच406, 407, 408, 409, 410
छप्पर और टीन के नीचे दब कर दो महिलाओं की मौत
पलियाकलां। तेज आंधी व तूफान में दो महिलाओं की जान चली गई जब कि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सेमरीपुरवा गांव निवासी पूरनलाल की 40 वर्षीय पत्नी रामबेटी देर रात छप्परनुमा कमरे में लेटी थी। इस दौरान आए आंधी-तूफान से छप्पर उसके ऊपर गिर गया। इसमें दबकर उसकी मौत हो गई। सेमरीपुरवा गांव के ही प्यारेलाल की 62 वर्षीय पत्नी गुलाबो देवी बाहर गईं थीं। तभी आंधी आ जाने से वह घबरा गईं तथा दहशत में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उधर कोठिया गांव में एक घर पर सीमेंट की चादर व पक्की दीवार गिरने से 65 वर्षीय ओमप्रकाश, 55 वर्षीय श्रीदेवी, 20 वर्षीय मंजय कुमार, 30 वर्षीय रामचंद्र, 58 वर्षीय रामवती आदि गंभीर रूप से घायल हो गए।
नहीं हो पाया इलाज, मौसूम की मौत
कुरियाना गांव निवासी पप्पू का सात महीने का पुत्र सत्यम तेज बुखार से पीड़ित था। लोगों ने कहा कि उसे अस्पताल लेकर जाए इसी बीच देर रात आंधी आ जाने से वह अस्पताल नहीं जा पाया। सुबह उसके पुत्र की मौत हो गई।
पोखरी में 24 घर जले
सिंगाही। आंधी के दौरान गांव पोखरी में आग लगने से 24 घर जलकर राख हो गए। यहां के रंगीलाल के घर से उठी चिंगारी ने देखते ही देखते एक के बाद एक घर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। किसी प्रकार लोगों ने गांव से निकल कर जान बचाई। इस अग्निकांड में एक गाय सहित कई बकरियां, मुर्गे आदि जल गए।
अधिकारियों का लगा रहा तांता
पलिया। आंधी तूफान से हुई मौतों की सूचना के बाद एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी, सीओ प्रदीप कुमार यादव दलबल के साथ गांव में पहुंचे और पीड़ितों से हालचाल जाना। उन्होंने प्रशासन की तरफ से हरसंभव सहायता दिलाने की बात भी कही है।
फोटो14एलकेएच551-मैलानी स्टेशन का टूटकर गिरा बोर्ड
फोटो14एलकेएच552-मैलानी में आंधी में उड़ी टिन से टूटी मकान की रेलिंग
फोटो14एलकेएच553-मैलानी में आंधी से टूटा दुकान का टिन शेड
फोटो14एलकेएच554-मैलानी में आंधी में उड़ी टिन से जख्मी विमल
पतंग की तरह उड़ीं टिनें, तीन जख्मी
मैलानी। आंधी-तूफान से इलाके में भारी नुकसान हुआ। दुकानों के टिन शेड टूट गए। घरों में लगी टिनें पतंगों की मानिंद हवा में उड़ गईं। इनकी चपेट में आकर तीन लोग जख्मी हो गए। भीरा रोड निवासी मुकेश शर्मा की गौशाला की टिनें हवा में उड़ गईं। एक टिन 11 हजार वोल्ट की लाइन में चिपक गई। इसी बीच उधर से गुजर रहे पड़ोस में रहने वाले राजेश के 16 वर्षीय पुत्र विमल पर लाइन से चिपकी टिन गिरी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ टिनें एंगल सहित पास के घर की दूसरी मंजिल पर गिरीं। उसकी चपेट में आकर गृहस्वामी 59 वर्षीय राम निवास और उनका पुत्र 17 वर्षीय गोलू जख्मी हो गये। इस तूफान के चलते क्षेत्र की बिजली सप्लाई ठप हो गई।