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सरकारी गेहूं खरीद में पिछले साल से पिछड़ गई एजेंसियां

Wed, 15 May 2019 06:44 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2019 06:44 PM IST
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सरकारी गेहूं खरीद में पिछले साल से पिछड़ गई एजेंसियां
लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष एजेंसियां पिछड़ गई हैं। अभी तक लक्ष्य के मुताबिक खरीद नहीं हो पाई है, क्योंकि भंडारण की समस्या भी खरीद के आड़े आ रही है। केंद्र प्रभारी गेहूं खरीदने से बचने के लिए कहीं बोरों की कमी बता रहे हैं या फिर नमूना लेकर आने की बात कहकर किसानों को टरका देते हैं। 13 मई तक एजेंसियों ने 92,575 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है, जबकि पिछले वर्ष 13 मई तक एक लाख 15 हजार 613 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था।
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जनपद में किसानों से दो लाख नौ हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य मिला है, जिसके लिए 182 क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव हुआ है। अभी तक 177 क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हुई है। किसानों से गेहूं खरीदने में नौ एजेंसियों को लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसमें खाद्य विभाग को 27,500 एमटी, पीसीएफ को 99 हजार एमटी, यूपी एग्रो को 2500 एमटी, पीसीयू को 25 हजार एमटी, एसएफसी को 33 हजार एमटी, कल्याण निगम को 10 हजार एमटी, यूपीएसएस को 5500 एमटी, नैफेड को शून्य और एफसीआई को सात हजार एमटी लक्ष्य मिला है। खरीद के मामले में 4463 किसानों का गेहूं खरीदकर पीसीएफ सबसे आगे है, जबकि 51 किसानों का गेहूं खरीदने वाली एजेंसी नैफेड सबसे पीछे है।
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भंडारण और बोरों की समस्या अटका रही रोड़ा
गेहूं खरीद की रफ्तार न बढ़ पाने के लिए केंद्र प्रभारियों की मनमानी वजह रहती है, लेकिन इस वर्ष बारदाना की समस्या बनी हुई है। तो वहीं भंडारण की समस्या भी खरीद को सुस्त कर रही है। एफसीआई द्वारा सीतापुर में रैक मंगाई जा रही है, लेकिन इसमें भी हीला-हवाली हो रही है। अभी तक तीन रैक लग चुकी है, जिनसे करीब नौ हजार एमटी गेहूं बाहर भेजा जा सका है।
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32 हजार एमटी से अधिक गेहूं का उतार बाकी
अभी तक 92,575 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जिसके सापेक्ष 60,122 एमटी का उतार एफसीआई करा चुकी है, जबकि 32,452 एमटी गेहूं का उतार होना बाकी है। एक रैक में बमुश्किल तीन हजार एमटी गेहूं ही बाहर भेजा जा सकता है। नियमित तौर पर रैक लगने पर ही भंडारण की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

किसानों का 15.51 करोड़ बकाया
सभी नौ एजेंसियों ने अभी तक 12,544 किसानों से गेहूं खरीदा है, जिसके एवज में किसानों को एक अरब 72 करोड़ 18 लाख 98 हजार रुपये भुगतान किया जा चुका है, जबकि 15.51 करोड़ रुपये भुगतान बकाया है।


गेहूं खरीद के सरकारी केंद्रों पर व्यापारी हावी
व्यापारियों ने सरकारी सेंटरों से खरीद डाला 18,767 क्विंटल गेहूं
गोला गोकर्णनाथ। अलीगंज रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में आरएफसी के तीन, केकेएन के चार, एफसीआई, सह क्रय विक्रय समिति, सहकारी समिति रजागंज, यूपी एफएससी और सीएमएस के एक एक केंद्र सहित कुल 12 गेहूं क्रय केंद्र हैं। जहां एक अप्रैल से अब तक 66 हजार 995 क्विंटल खरीद हुई है, वहीं व्यापारियों ने 85 हजार 762 क्विंटल गेहूं खरीद डाला है। इस तरह अभी तक एक लाख 52 हजार 767 क्विंटल कुल खरीद हुई है। गेहूं क्रय केंद्रों पर जहां एक ओर 1840 रुपया प्रति क्विंटल गेहूं का सरकारी रेट निर्धारित किया गया है, वहीं किसानों को मजबूरन 1780 रुपया प्रति क्विंटल की दर से बेचना पड़ रहा है। केंद्र प्रभारियों की माने तो क्रय केंद्र पर गेहूं की ढुलाई, सफाई, छनाई में किसानों को 20 रुपया प्रति क्विंटल की दर से भुगतान करना होता है। उसके बाद वही 20 रुपया किसानों के खाते में 1840 के साथ जुड़कर भुगतान किया जाता है, लेकिन इसके अतिरिक्त किसानों से सेंटर पर प्रति क्विंटल आधा किग्रा गेहूं की कटौती की जाती है। जिससे खुलेआम किसानों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। वहीं मंडी समिति में आढ़ती और व्यापारी सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर हावी हैं, जिन्होंने सरकारी सेंटरों को पछाड़कर 18767 क्विंटल अधिक खरीद की है।
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