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130 माफिया के नाम दर्ज कर दी 107 एकड़ भूमि
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धौरहरा। तहसील धौरहरा में रामनगर बगहा गांव का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक और मामला सामने आ गया। भनवापुर गांव में लेखपालों ने जल संरक्षण की 107 एकड़ भूमि 130 माफिया के नाम दर्ज कर दी। मामला संज्ञान में आने पर एसडीएम ने जांच कराई तो भूमाफिया और लेखपालों में खलबली मच गई है।
तहसील क्षेत्र की रामनगर बगहा में सैकड़ों एकड़ वनभूमि, कब्रिस्तान, बंजर में दर्ज थी। वर्तमान में यह जमीन कई माफिया के नाम दर्ज है। यहां तक कि एक लेखपाल ने भी सरकारी भूमि को अपनी पत्नी के नाम दर्ज करा रखा है। इसके अलावा गांव सुजानपुर की 80 एकड़ भूमि पर भी माफिया का कब्जा है। यहां एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने 10 एकड़ भूमि माफिया से खाली कराने के बाद गोशाला बनाने के लिए आवंटित कर दी। अभी भी यहां करीब 70 एकड़ भूमि पर माफिया काबिज हैं।
यह मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक बड़ा मामला भनवापुर नौबस्ता का सामने आ गया। यहां खतौनी की सन फसली 1403 में तत्कालीन लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने 130 माफिया से मिलकर नौबस्ता गांव के बिंद्रा, मंगू, जगदीश, बकरीदी, इदरीश, वारिस, मुख्तार, कृष्णमोहन, टेकन, कन्हैयालाल, कृष्णा, कुन्नू, उत्तम जगमोहन, इंद्र बहादुर, अखिलेश, मुकेश, अशर्फी, अवधराम, अमरजीत, अजय, छोटेलाल, ढोड़े, छन्नू, छुटकन, नरेंद्र, नरेश, सागर, भूरे, जमुना, जगमोहन सहित कई लोगों के नाम वर्तमान खाता संख्या 195 से 334 तक खातेदार बना दिए। जबकि यह भूमि जल संरक्षण के लिए सुरक्षित थी। एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने मामले की जांच स्क्वायड टीम प्रभारी रामेंद्र अवस्थी से कराई। जांच में मामले का खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया।
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जल संरक्षण खाते की भूमि में हेरा फेरी कर कुछ राजस्व कर्मियों ने गांव के लोगों के नाम सरकारी भूमि आवंटित कर दी थी। जिसकी जांच कराई गई है जो भी फर्जी खाते मिले हैं उनको निरस्त कराकर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराई जाएगी।
- आशीष कुमार मिश्र एसडीएम धौरहरा
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तहसील क्षेत्र की रामनगर बगहा में सैकड़ों एकड़ वनभूमि, कब्रिस्तान, बंजर में दर्ज थी। वर्तमान में यह जमीन कई माफिया के नाम दर्ज है। यहां तक कि एक लेखपाल ने भी सरकारी भूमि को अपनी पत्नी के नाम दर्ज करा रखा है। इसके अलावा गांव सुजानपुर की 80 एकड़ भूमि पर भी माफिया का कब्जा है। यहां एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने 10 एकड़ भूमि माफिया से खाली कराने के बाद गोशाला बनाने के लिए आवंटित कर दी। अभी भी यहां करीब 70 एकड़ भूमि पर माफिया काबिज हैं।
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यह मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक बड़ा मामला भनवापुर नौबस्ता का सामने आ गया। यहां खतौनी की सन फसली 1403 में तत्कालीन लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने 130 माफिया से मिलकर नौबस्ता गांव के बिंद्रा, मंगू, जगदीश, बकरीदी, इदरीश, वारिस, मुख्तार, कृष्णमोहन, टेकन, कन्हैयालाल, कृष्णा, कुन्नू, उत्तम जगमोहन, इंद्र बहादुर, अखिलेश, मुकेश, अशर्फी, अवधराम, अमरजीत, अजय, छोटेलाल, ढोड़े, छन्नू, छुटकन, नरेंद्र, नरेश, सागर, भूरे, जमुना, जगमोहन सहित कई लोगों के नाम वर्तमान खाता संख्या 195 से 334 तक खातेदार बना दिए। जबकि यह भूमि जल संरक्षण के लिए सुरक्षित थी। एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा ने मामले की जांच स्क्वायड टीम प्रभारी रामेंद्र अवस्थी से कराई। जांच में मामले का खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया।
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जल संरक्षण खाते की भूमि में हेरा फेरी कर कुछ राजस्व कर्मियों ने गांव के लोगों के नाम सरकारी भूमि आवंटित कर दी थी। जिसकी जांच कराई गई है जो भी फर्जी खाते मिले हैं उनको निरस्त कराकर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराई जाएगी।
- आशीष कुमार मिश्र एसडीएम धौरहरा