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वन विभाग के कानूनी दांव सैकड़ों लाभार्थी छत से वंचित
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:04 AM IST
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नहीं बन पा रहे आवास
वन विभाग का कानूनी दांव सैकड़ों लाभार्थी छत से वंचित
वन भूमि पर पक्का निर्माण नहीं कराने की है बाध्यता
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। वन विभाग की रेंज के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को पक्की छत नहीं नसीब हो पा रही है। वन विभाग के कानूनी दांव पेंच पक्के निर्माण के आड़े आ रहे हैं, जिससे सैकड़ों लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। करीब 497 लाभार्थी ऐसी मुश्किलों में उलझ गए हैं। परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने पात्र लाभार्थियों को आवास दिलाने के लिए प्रयास किए, लेकिन वन विभाग द्वारा आपत्ति लगाने से काम शुरू नहीं हो सका है।
पलिया और निघासन ब्लाक क्षेत्र चंदनचौकी मंडी, कजरिया, बनगवां समेत दर्जनों गांव हैं, जो वन भूमि पर बसे हुए हैं। यहां ज्यादातर अनुसूचित जनजाति की आबादी निवास करती है, जो बिजली, सड़क, आवास सहित कई तरह की सरकारी योजनाओं के लाभ से आज भी वंचित हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इन गांवों के लाभार्थियों का सर्वे कराया गया था, जिसके बाद करीब 497 लाभार्थियों को आवास सूची में स्थान भी मिला। लाभार्थियों को विभाग से धन आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई, लेकिन वन विभाग से अनुमति न दिए जाने से लाभार्थियों से पैसा वापस ले लिया गया है। परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने बताया है कि करीब 500 लाभार्थी ऐसे हैं, जो वन क्षेत्र की भूमि पर बसे हुए हैं। उन्हें पक्का आवास दिलाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत की गई, लेकिन अभी सफलता नहीं मिली है।
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लक्ष्य के सापेक्ष 93 प्रतिशत आवास हुए पूर्ण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2016-17 और 2017-18 में कुल 41144 आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके सापेक्ष अब तक 38417 आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने बताया कि अभी 2707 आवास पूर्ण होने शेष हैं, जिनमें वन भूमि पर बसे गांवों में करीब 500 लाभार्थियों के आवास नहीं बन पा रहे हैं।
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