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घाटों पर लगा लोक संस्कृति का मेला

Fri, 27 Oct 2017 10:58 PM IST
Updated Fri, 27 Oct 2017 10:58 PM IST
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घाटों पर लगा लोक संस्कृति का मेला
लखीमपुर खीरी।
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उगते सूरज को अर्घ्य देने के साथ ही तीन दिनों तक चलने वाले छठ पूजा महोत्सव का आज समापन हो गया। शुक्रवार सुबह पांच बजे ही महिलाएं पूजा का डाला लेकर सेठ घाट पहुंच गईं। उदय होते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने परिवार और संतान की सुख-समृद्धि की कामना की। व्रत का पारायण करने के बाद प्रसाद बांटा।
छठ पूजा के अंतिम दिन शुक्रवार सुबह शहर के सेठघाट समेत विभिन्न नदियों के घाटों पर एक बार फिर लोक संस्कृति का मेला लगा। तीन दिनों तक चलने वाले छठ महोत्सव के तहत व्रत रखने वाली महिलाओं ने बृहस्पतिवार को अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद रात भर लोकगीत गाकर भजन-कीर्तन करते हुए गुजारी। इस दौरान महिलाएं पूजा और प्रसाद के लिए पकवान बनाने में जुटी रहीं। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद तैयार होकर बांस के डाले और सूप में पूजन सामग्री लेकर सेठ घाट पहुंच गईं। जैसे ही सूर्य उदय होना शुरू हुआ महिलाओं ने घुटनों तक नदी के पानी में खड़े होकर उगते सूरज को अर्घ्य दिया।
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गोला गोकर्णनाथ। सुख समृद्धि के लिए होने वाला छठ महापर्व छोटी काशी के गोकर्ण तीर्थ के तट पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गोकर्ण तीर्थ के तट पर उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए निर्जल उपवास रखने वाली महिलाएं अपने परिवार के साथ भोर से ही पूजन सामग्री लेकर पहुंच गईं। श्रद्धालुओं ने जल में खड़े होकर उदय होते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने गन्ना, फल, सब्जी, पकवान, फूल, शहद दूध आदि से पूजन किया। वहीं, आयोजन में भोर के पहर से ही विधायक अरविंद गिरि, निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल, भाजपा नेता विजय शुक्ल रिंकू आदि गोकर्ण तीर्थ के तट पर श्रद्धालुओं की आवभगत में लगे रहे।
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बांकेगंज। कस्बा सहित क्षेत्र में पूर्वांचल समाज की व्रती महिलाओं ने बड़ी नहर घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ माई का पूजन करने के बाद परिवार सुख-समृद्धि कामना की।
बिजुआ। चार दिनों तक चलने वाला लोक आस्था का महापर्व उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूरा हो गया। सुबह से ही नदी के घाट व चीनी मिल कॉलोनी में बने कुंड में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य की पूजा अर्चना की। चीनी मिल के अधिशासी अधिकारी एनके अग्रवाल एवं महाप्रबंधक गन्ना, सुरेंद्र उपाध्याय ने छठ की बधाई दी है। 36 घंटे की कठिन तपस्या के बाद व्रतियों ने व्रत खोला। सुबह तड़के महिलाएं एवं उनके परिवार के लोग स्नान करके पूजा स्थल पहुंच गए थे।
पलियाकलां। चीनी मिल में बनाए गए सरोवर में महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत खोले।
धनगढ़ी-नेपाल। छठ पर के अंतिम दिन शुक्रवार को सुबह सूर्य उदय होने से पूर्व ही धनगढ़ी के मोहाना नदी घाट पर व्रती महिलाओं तथा पुरुषों की खासी भीड़ रही। उधर रात भर घाट पर देवी जागरण चलता रहा।
संपूर्णानगर। संपूर्णानगर में रात दो बजे से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। महिलाओं और पुरुषों ने सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत खोला। टीचर कालोनी के पंडित जनार्दन चौबे, लालजी तिवारी व बाजपेई ने सभी को अर्घ्य दिलाया। इस मौके पर काली माता ट्रस्ट, बाला जी सुंदर मंडल, शनिदेव सेवा समिति ने घाट पर मौजूद सैकड़ों लोगों को हलुआ का प्रसाद वितरित किया।



छठ मैया लागल मेला तोहार
गोला गोकर्णनाथ।
छठ पूजा में एक ओर जहां गोकर्ण तीर्थ पर महिलाएं सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए पूजन कर रही थीं वहीं तट पर राजन साजन ग्रुप के कलाकार भजनों की रसधार बहा रहे थे। गायक बद्री प्रसाद श्रीवास्तव और करुणा जोशी ने युगल सुर में निकली सवारी मैया की प्यारी, छठ मैया लागल मेला तोहार, ममता मई मोरी मैया दया बरसाई भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
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