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दाम घटे, फिर भी महंगी दर पर बिक रही यूरिया खाद
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मोहम्मदी। सरकार ने यूरिया खाद के दाम भले कम कर दिए हों, लेकिन इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। दुकान खाद को टोटा बताकर महंगे दामों पर यूरिया खाद की बिक्री कर रहे हैं, इससे किसान काफी परेशान है।
शासन ने यूरिया खाद 45 किलो की कीमत 266.50 रुपये निर्धारित की है। बावजूद इसके किसान 350 रुपये तक खाद खरीदने को मजबूर हैं। दुकानदार यूरिया की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी कर दुकान से हटाकर खाद अन्य जगह रखकर महंगे दामों पर बिक्री कर रहे हैं। क्षेत्र में सरकारी खाद की दुकान न होने पर किसानों को प्राइवेट दुकानों से खाद लेनी पड़ रही है। किसान रामलडै़ते, इकबाल अहमद, अनिल सिंह, राजेंद्र वर्मा, योगेश प्रताप भदौरिया, रामप्रकाश (एड.) शत्रोहन सिंह आदि ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
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शासन ने यूरिया खाद 45 किलो की कीमत 266.50 रुपये निर्धारित की है। बावजूद इसके किसान 350 रुपये तक खाद खरीदने को मजबूर हैं। दुकानदार यूरिया की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी कर दुकान से हटाकर खाद अन्य जगह रखकर महंगे दामों पर बिक्री कर रहे हैं। क्षेत्र में सरकारी खाद की दुकान न होने पर किसानों को प्राइवेट दुकानों से खाद लेनी पड़ रही है। किसान रामलडै़ते, इकबाल अहमद, अनिल सिंह, राजेंद्र वर्मा, योगेश प्रताप भदौरिया, रामप्रकाश (एड.) शत्रोहन सिंह आदि ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
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