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कैसे बने राजकीय के छात्र मेधावी, जब पढ़ाने को ही नहीं हैं शिक्षक

Mon, 28 May 2018 08:03 PM IST
Updated Mon, 28 May 2018 08:03 PM IST
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कैसे बने राजकीय के छात्र मेधावी, जब पढ़ाने को ही नहीं हैं शिक्षक

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स्लग--- राजकीय विद्यालयों का हाल
गुरु जी ही नहीं तो पढ़ाई कैसे हो
जिले में कुल 49 जीआईसी और राजकीय हाई स्कूल
520 शिक्षकों के सापेक्ष मात्र 110 शिक्षक और प्रधानाचार्य नियुक्त


अमर उजाला ब्यूरो
लखीमुपर खीरी। जिले में राजकीय विद्यालयों का भी एक दौर था। यहां के विद्यार्थी भी मेधावी होते थे और सफलता के झंडे गाड़ते थे लेकिन इन विद्यालयों के प्रति शासन की ओर से बरती गई लापरवाही ने तस्वीर बिगाड़ कर रख दी है। राजकीय विद्यालय निजी स्कूलों की प्रतिस्पर्धा में बहुत पीछे छूट गए हैं। शिक्षकों और संसाधनों की कमी के चलते हालात और भी खराब होते जा रहे हैं।
जिले में राजकीय हाईस्कूलों की संख्या जहां 40 है वहीं इंटर कॉलेजों की संख्या आठ है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय मॉडल राजकीय इंटर कॉलेज भी इस सत्र से शुरू हो गया है। राजकीय इंटर कॉलेज लखीमपुर में छात्रों की संख्या जहां एक हजार के करीब है वहीं जीजीआईसी में छात्राओं की संख्या करीब 1500 है। इस सत्र से शुरू हुए पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कॉलेज में भी दो सौ से अधिक विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं। जिले के सभी राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में छात्र छात्राओं की संख्या करीब 25 हजार है, लेकिन इनके सापेक्ष शिक्षकों की संख्या सिर्फ 110 है जबकि प्रधानाचार्य सहित 520 शिक्षकों की आवश्यकता है।
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राजकीय हाईस्कूल- 40
जीआईसी-8
पंड़ित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज-1
...............
राजकीय इंटर कॉलेज मेेें शिक्षकों की तैनाती
पद स्वीकृत तैनाती
प्रधानाचार्य 9 00
एलटी शिक्षक 110 40
प्रवक्ता 81 15
..........
राजकीय हाईस्कूल में शिक्षकों की तैनाती
पद स्वीकृत तैनाती
प्रधानाचार्य 40 1
एलटी शिक्षक 280 55
........
वर्जन
जीआईसी हो या फिर राजकीय हाईस्कूल सभी जगह शिक्षकों की संख्या काफी कम है। जबकि छात्रों की संख्या पर्याप्त है। शिक्षकों के न होने के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाने में दिक्कत हो रही हैं। हालांकि शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए कई बार शासन को लिखा जा चुका है। शिक्षकों की यदि कमी दूर हो जाए तो राजकीय स्कूलों के विद्यार्थी भी मेधावियों की सूची में शामिल हो सकते हैं।
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- डॉ.आरके जायसवाल डीआईओएस
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