{"_id":"59c904b24f1c1b36688b68fc","slug":"181506346162-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां के जयकारों से गूंजे मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां के जयकारों से गूंजे मंदिर
Updated Tue, 26 Sep 2017 12:00 AM IST
विज्ञापन
मां के जयकारों से गूंजे मंदिर
- फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन देवी भक्तों ने मां के स्कंदमाता स्वरूप की श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना की। सोमवार को मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग गई। देर रात तक मां के दर्शन पूजन का सिलसिला जारी रहा। शहर के देवी मंदिर घंटा, घड़ियाल और मां के जयकारों से गूंजते रहे।
शहर के प्राचीन संकटा देवी मंदिर में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। दोपहर एक बजे तक कतारें लगी रहीं। शाम चार बजे से एक बार फिर श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। देर रात तक मंदिर में मेला लगा रहा। इस दौरान मंदिर परिसर में देवी भागवत कथा का वाचन करते हुए कथा वाचक भुंसुंडी ने देवी चरित्र का वर्णन किया। प्राचीन शीतला देवी मंदिर में दिन भर धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहा। मां वंकटादेवी मंदिर, भुइयां माता मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में लोगों ने मां का गुणगान करते हुए पूजा अर्चना की।
आज स्थापित होगी मां भद्रकाली की प्रतिमा
लखीमपुर खीरी। जयदेव संगीत विद्यालय के प्रांगण में सार्वजनिक पूजा पंडाल में 26 को मां भद्रकाली की 12 फुट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मूर्ति स्थापना व विशेष पूजा वाराणसी के विद्वान पंडित बुद्धदेव भट्टाचार्य संपन्न कराएंगे। षष्टी, सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि को मां भद्रकाली की विशेष उपासना होगी, नवमी को ही भंडारा होगा। दशमी 30 को शोभायात्रा निकालकर शारदानगर में मूर्ति विसर्जित होगी। आयोजकों में विमल श्रीवास्तव, देवाशीष मुखर्जी, संजीव जौहरी, दीपक वर्मा शामिल हैं।
विज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ। नवरात्र में देवी मां के मंदिर जयकारों से गूंज रहे हैं। शिवम चौराहा स्थित मां दुर्गा मंदिर में भक्तों ने मां की मूर्ति को सजाकर विधि विधान से पूजा की।
ममरी। रोशन नगर के दुर्गा माता मंदिर पर सामूहिक हवन कन्या भोज विशाल भंडारा कमेटी के सौजन्य से हुआ।
मैगलगंज। औरंगाबाद में नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा जागरण व कृष्ण लीला की झांकी का मंचन किया गया। कार्यक्रम में हल्द्वानी, देहरादून के कलाकारों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया और माता के भजन-कीर्तन किए गए। श्रीकृष्ण जेन्म का मंचन करते हुए जेल में पैदा हो रहा आज भजन पर सुंदर नृत्य किया गया। वासुदेव द्वारा कृषजण को लेकर गोकुल ले जाने के मंचन पर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। श्रद्धालुओं ने दान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चढ़ावा चढ़ाया। रात भर भजन कीर्तन और जगराते से औरंगाबाद भक्तिमय हो गया।
बिजुआ। गुलरिया में चल रहे मां के जगराते में रात भर मां के भक्त झूमते रहे। पांचवे दिन पंचम स्कंदमाता स्वरूप की आराधना हुई।
विज्ञापन
शहर के प्राचीन संकटा देवी मंदिर में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। दोपहर एक बजे तक कतारें लगी रहीं। शाम चार बजे से एक बार फिर श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। देर रात तक मंदिर में मेला लगा रहा। इस दौरान मंदिर परिसर में देवी भागवत कथा का वाचन करते हुए कथा वाचक भुंसुंडी ने देवी चरित्र का वर्णन किया। प्राचीन शीतला देवी मंदिर में दिन भर धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहा। मां वंकटादेवी मंदिर, भुइयां माता मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में लोगों ने मां का गुणगान करते हुए पूजा अर्चना की।
विज्ञापन
आज स्थापित होगी मां भद्रकाली की प्रतिमा
लखीमपुर खीरी। जयदेव संगीत विद्यालय के प्रांगण में सार्वजनिक पूजा पंडाल में 26 को मां भद्रकाली की 12 फुट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मूर्ति स्थापना व विशेष पूजा वाराणसी के विद्वान पंडित बुद्धदेव भट्टाचार्य संपन्न कराएंगे। षष्टी, सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि को मां भद्रकाली की विशेष उपासना होगी, नवमी को ही भंडारा होगा। दशमी 30 को शोभायात्रा निकालकर शारदानगर में मूर्ति विसर्जित होगी। आयोजकों में विमल श्रीवास्तव, देवाशीष मुखर्जी, संजीव जौहरी, दीपक वर्मा शामिल हैं।
विज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ। नवरात्र में देवी मां के मंदिर जयकारों से गूंज रहे हैं। शिवम चौराहा स्थित मां दुर्गा मंदिर में भक्तों ने मां की मूर्ति को सजाकर विधि विधान से पूजा की।
ममरी। रोशन नगर के दुर्गा माता मंदिर पर सामूहिक हवन कन्या भोज विशाल भंडारा कमेटी के सौजन्य से हुआ।
मैगलगंज। औरंगाबाद में नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा जागरण व कृष्ण लीला की झांकी का मंचन किया गया। कार्यक्रम में हल्द्वानी, देहरादून के कलाकारों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया और माता के भजन-कीर्तन किए गए। श्रीकृष्ण जेन्म का मंचन करते हुए जेल में पैदा हो रहा आज भजन पर सुंदर नृत्य किया गया। वासुदेव द्वारा कृषजण को लेकर गोकुल ले जाने के मंचन पर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। श्रद्धालुओं ने दान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चढ़ावा चढ़ाया। रात भर भजन कीर्तन और जगराते से औरंगाबाद भक्तिमय हो गया।
बिजुआ। गुलरिया में चल रहे मां के जगराते में रात भर मां के भक्त झूमते रहे। पांचवे दिन पंचम स्कंदमाता स्वरूप की आराधना हुई।