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निर्दलीयों ने भी खूब बटोरे वोट
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:05 AM IST
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लखीमपुर खीरी।
नगर पालिका परिषद लखीमपुर सीट पर कुल आठ प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी, जिसमें पांच प्रत्याशी निर्दलीय मैदान में थे। भले ही मुकाबला मुकाबला प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच हुआ हो, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी जमकर वोट बटोरे हैं। निर्दलीय लता वाजपेयी 7726 वोट हासिल कर चौथे स्थान पर रहीं। जबकि पारुल गुप्ता को 1932 और प्रेमलता को 1213 वोट मिले हैं। इसके अलावा निर्दलीय माया वर्मा को 199, मुन्नी देवी 202 वोट मिले हैं।
लखीमपुर नगर पालिका सीट पर हुए कांटे के मुकाबले में जीत-हार का अंतर काफी कम महज 2677 वोट रहा है। इस लिहाज से निर्दलीयों के खाते में गए वोटों का महत्व कम नहीं है, क्योकि इन्ही निर्दलीयों ने प्रत्याशियों के जीत का गणित बिगाड़ दिया। भाजपा की निरूपमा मौनी वाजपेयी से हार का सामना करने वाली बसपा की रमा मोहन वाजपेयी को निर्दलीयों को मिले वोट जरूर खल रहे होंगे। सूत्र बताते हैं कि कुछ डमी कंडीडेट के तौर पर भी निर्दलीय खड़े किए गए थे, जिनके खाते में हजारों वोट चले गए। इस कड़ी में निर्दलीय प्रेमलता को गिना जा रहा है, जिन्हें 1213 वोट मिले हैं। माना जा रहा है कि एक निर्दलीय प्रत्याशी के वोटरों को भ्रमित करने के लिए डमी कंडीडेट खड़ा किया गया था। इसी तरह निरस्त मतों ने भी जीत-हार के अंतर का गणित बिगाड़ा है। मसलन 1591 वोट निरस्त घोषित किए गए, जबकि 198 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया है।
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नगर पालिका परिषद लखीमपुर सीट पर कुल आठ प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी, जिसमें पांच प्रत्याशी निर्दलीय मैदान में थे। भले ही मुकाबला मुकाबला प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच हुआ हो, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी जमकर वोट बटोरे हैं। निर्दलीय लता वाजपेयी 7726 वोट हासिल कर चौथे स्थान पर रहीं। जबकि पारुल गुप्ता को 1932 और प्रेमलता को 1213 वोट मिले हैं। इसके अलावा निर्दलीय माया वर्मा को 199, मुन्नी देवी 202 वोट मिले हैं।
लखीमपुर नगर पालिका सीट पर हुए कांटे के मुकाबले में जीत-हार का अंतर काफी कम महज 2677 वोट रहा है। इस लिहाज से निर्दलीयों के खाते में गए वोटों का महत्व कम नहीं है, क्योकि इन्ही निर्दलीयों ने प्रत्याशियों के जीत का गणित बिगाड़ दिया। भाजपा की निरूपमा मौनी वाजपेयी से हार का सामना करने वाली बसपा की रमा मोहन वाजपेयी को निर्दलीयों को मिले वोट जरूर खल रहे होंगे। सूत्र बताते हैं कि कुछ डमी कंडीडेट के तौर पर भी निर्दलीय खड़े किए गए थे, जिनके खाते में हजारों वोट चले गए। इस कड़ी में निर्दलीय प्रेमलता को गिना जा रहा है, जिन्हें 1213 वोट मिले हैं। माना जा रहा है कि एक निर्दलीय प्रत्याशी के वोटरों को भ्रमित करने के लिए डमी कंडीडेट खड़ा किया गया था। इसी तरह निरस्त मतों ने भी जीत-हार के अंतर का गणित बिगाड़ा है। मसलन 1591 वोट निरस्त घोषित किए गए, जबकि 198 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया है।
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