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अजबापुर मिल 10 अक्तूबर से चलेगी
Updated Sun, 17 Sep 2017 10:47 PM IST
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suger mill
- फोटो : amar ujala
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लखीमपुर खीरी।
चीनी मिलों में पेराई सत्र के शुभारंभ की तिथियां घोषित होने से किसानों में सरगर्मी तेज हो गई है। अजबापुर मिल ने सबसे पहले 10 अक्तूबर से पेराई सत्र प्रारंभ करने की घोषणा की है, जिससे मिल को गन्ना सप्लाई करने वाले किसानों में खुशी है, जबकि बजाज, बलरामपुर ग्रुप सहित आठ चीनी मिलें 28 अक्तूबर से लेकर 12 नवंबर तक चलेंगी। मिलों में पेराई सत्र के प्रारंभ में काफी दिनों का अंतर होने से अन्य मिल क्षेत्रों के किसानों ने सवाल खड़े किए हैं। हालांकि अधिकारियों ने सभी मिलों के पिछले पेराई सत्र के मुकाबले इस वर्ष पहले चालू कराने का दावा किया है।
बता दें कि जनपद में निजी क्षेत्र की सात और सहकारी क्षेत्र की दो मिलें हैं। पिछले पेराई सत्र 2016-17 में सभी नौ मिलों में पेराई सत्र का शुभारंभ नवंबर में हुआ था। मसलन अजबापुर मिल में 10 नवंबर, बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा में सात नवंबर, ऐरा में 12 नवंबर और कुंभी गुलरिया में आठ नवंबर से पेराई सत्र प्रारंभ हो सका था। कमोवेश यही स्थिति सहकारी क्षेत्र की बेलरायां और संपूर्णानगर मिलों की थी। इस वर्ष नवीन पेराई सत्र में डीएससीएल ग्रुप की अजबापुर मिल ने सबसे पहले (करीब एक माह पहले) पेराई सत्र प्रारंभ करने की घोषणा कर सभी को चौंका दिया है। इस मिल को गन्ना सप्लाई करने वाले किसानों में खुशी है, तो दूसरी मिलों को गन्ना सप्लाई करने वाले किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वजह यह है कि उनकी मिलें खासकर कुंभी, गुलरिया, ऐरा 28 अक्तूबर को पेराई प्रारंभ करेंगी, जबकि गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिलें छह नवंबर से पेराई शुरू करेंगी। इसी तरह बेलरायां मिल एक नवंबर और संपूर्णा नगर मिल 12 नवंबर को प्रारंभ होंगी।
गन्ने का एरिया बढ़ना एक कारण
इस वर्ष जनपद में गन्ने का एरिया करीब 12 फीसदी बढ़ गया है, जिसमें सबसे ज्यादा अजबापुर मिल का 26.27 फीसदी गन्ना एरिया बढ़ा है। पिछले पेराई सत्र में अजबापुर मिल को हरदोई जिले की लोनी मिल को गन्ना शिफ्ट करना पड़ा था। लिहाजा इस बार बढ़े एरिया को कवर करने के लिए अजबापुर मिल प्रबंधन ने पिछले वर्ष के मुकाबले एक माह पहले पेराई शुरू करने का निर्णय लिया है। हालांकि अन्य मिलों के क्षेत्र में भी पांच से 13 फीसदी गन्ना एरिया बढ़ा है, लेकिन इन मिलों के प्रबंधन ने पुराना ढर्रा अपना रखा है। खास बात यह है गन्ना एक्ट की शर्तों के मुताबिक अजबापुर मिल किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान करने में अव्वल रहा है। यही वजह है कि इसका एरिया सबसे ज्यादा बढ़ा है।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की मिलें पलिया, संपूर्णानगर, बेलरायां और ऐरा रिकवरी को ध्यान में रखकर पेराई सत्र प्रारंभ करती हैं, लेकिन अन्य मिलों के क्षेत्र में ऐसी समस्या नहीं है। पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष सभी मिलें समय से प्रारंभ हो रहीं हैं, क्योंकि सरकार ने भी 10 नवंबर से पहले मिलों को चालू करने के निर्देश दिए थे। अजबापुर का एरिया 26 फीसदी बढ़ने से प्रबंधन ने सबसे पहले पेराई प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जो स्वागत योग्य है।
- अमर प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
गन्ना आयुक्त को बताईं किसानों की समस्याएं
गोला गोकर्णनाथ।
गन्ना संरक्षण को लेकर हुई गन्ना आयुक्त की बैठक में यहां के किसानों, नेताओं ने चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों पर किए जा रहे शोषण के विरुद्घ आवाज उठाई।
लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान डालीबाग लखनऊ में गन्ना आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसान विनीत सिंह भदौरिया ने गन्ना भुगतान के नाम पर किसानों को दी जा रही चीनी और घटतौली को प्रमुखता से उठाया। साथ ही कहा कि इस वर्ष वर्षा कम होने से गन्ने की उत्पादकता घटने की उम्मीद है, जिससे किसानों को गन्ना मूल्य में बढ़ोत्तरी करके 350-400 रुपया प्रति क्विंटल गन्ने की मांग की। इस बैठक में गन्ना समिति अध्यक्ष सुरेश वर्मा, महाविद्यालय प्रबंधक आशीष सिंह, रामराखन बाजपेयी, नरेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
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चीनी मिलों में पेराई सत्र के शुभारंभ की तिथियां घोषित होने से किसानों में सरगर्मी तेज हो गई है। अजबापुर मिल ने सबसे पहले 10 अक्तूबर से पेराई सत्र प्रारंभ करने की घोषणा की है, जिससे मिल को गन्ना सप्लाई करने वाले किसानों में खुशी है, जबकि बजाज, बलरामपुर ग्रुप सहित आठ चीनी मिलें 28 अक्तूबर से लेकर 12 नवंबर तक चलेंगी। मिलों में पेराई सत्र के प्रारंभ में काफी दिनों का अंतर होने से अन्य मिल क्षेत्रों के किसानों ने सवाल खड़े किए हैं। हालांकि अधिकारियों ने सभी मिलों के पिछले पेराई सत्र के मुकाबले इस वर्ष पहले चालू कराने का दावा किया है।
बता दें कि जनपद में निजी क्षेत्र की सात और सहकारी क्षेत्र की दो मिलें हैं। पिछले पेराई सत्र 2016-17 में सभी नौ मिलों में पेराई सत्र का शुभारंभ नवंबर में हुआ था। मसलन अजबापुर मिल में 10 नवंबर, बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा में सात नवंबर, ऐरा में 12 नवंबर और कुंभी गुलरिया में आठ नवंबर से पेराई सत्र प्रारंभ हो सका था। कमोवेश यही स्थिति सहकारी क्षेत्र की बेलरायां और संपूर्णानगर मिलों की थी। इस वर्ष नवीन पेराई सत्र में डीएससीएल ग्रुप की अजबापुर मिल ने सबसे पहले (करीब एक माह पहले) पेराई सत्र प्रारंभ करने की घोषणा कर सभी को चौंका दिया है। इस मिल को गन्ना सप्लाई करने वाले किसानों में खुशी है, तो दूसरी मिलों को गन्ना सप्लाई करने वाले किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वजह यह है कि उनकी मिलें खासकर कुंभी, गुलरिया, ऐरा 28 अक्तूबर को पेराई प्रारंभ करेंगी, जबकि गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिलें छह नवंबर से पेराई शुरू करेंगी। इसी तरह बेलरायां मिल एक नवंबर और संपूर्णा नगर मिल 12 नवंबर को प्रारंभ होंगी।
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गन्ने का एरिया बढ़ना एक कारण
इस वर्ष जनपद में गन्ने का एरिया करीब 12 फीसदी बढ़ गया है, जिसमें सबसे ज्यादा अजबापुर मिल का 26.27 फीसदी गन्ना एरिया बढ़ा है। पिछले पेराई सत्र में अजबापुर मिल को हरदोई जिले की लोनी मिल को गन्ना शिफ्ट करना पड़ा था। लिहाजा इस बार बढ़े एरिया को कवर करने के लिए अजबापुर मिल प्रबंधन ने पिछले वर्ष के मुकाबले एक माह पहले पेराई शुरू करने का निर्णय लिया है। हालांकि अन्य मिलों के क्षेत्र में भी पांच से 13 फीसदी गन्ना एरिया बढ़ा है, लेकिन इन मिलों के प्रबंधन ने पुराना ढर्रा अपना रखा है। खास बात यह है गन्ना एक्ट की शर्तों के मुताबिक अजबापुर मिल किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान करने में अव्वल रहा है। यही वजह है कि इसका एरिया सबसे ज्यादा बढ़ा है।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की मिलें पलिया, संपूर्णानगर, बेलरायां और ऐरा रिकवरी को ध्यान में रखकर पेराई सत्र प्रारंभ करती हैं, लेकिन अन्य मिलों के क्षेत्र में ऐसी समस्या नहीं है। पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष सभी मिलें समय से प्रारंभ हो रहीं हैं, क्योंकि सरकार ने भी 10 नवंबर से पहले मिलों को चालू करने के निर्देश दिए थे। अजबापुर का एरिया 26 फीसदी बढ़ने से प्रबंधन ने सबसे पहले पेराई प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जो स्वागत योग्य है।
- अमर प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
गन्ना आयुक्त को बताईं किसानों की समस्याएं
गोला गोकर्णनाथ।
गन्ना संरक्षण को लेकर हुई गन्ना आयुक्त की बैठक में यहां के किसानों, नेताओं ने चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों पर किए जा रहे शोषण के विरुद्घ आवाज उठाई।
लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान डालीबाग लखनऊ में गन्ना आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसान विनीत सिंह भदौरिया ने गन्ना भुगतान के नाम पर किसानों को दी जा रही चीनी और घटतौली को प्रमुखता से उठाया। साथ ही कहा कि इस वर्ष वर्षा कम होने से गन्ने की उत्पादकता घटने की उम्मीद है, जिससे किसानों को गन्ना मूल्य में बढ़ोत्तरी करके 350-400 रुपया प्रति क्विंटल गन्ने की मांग की। इस बैठक में गन्ना समिति अध्यक्ष सुरेश वर्मा, महाविद्यालय प्रबंधक आशीष सिंह, रामराखन बाजपेयी, नरेंद्र सिंह भी मौजूद थे।