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संबद्घीकरण निरस्त के बाद भी नहीं लौटे डॉक्टर
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लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के एक बाल रोग विशेषज्ञ ने जुगाड़ लगाकर लखनऊ के बख्शी तालाब स्थित एक अस्पताल में अपना संबंद्घीकरण करा लिया। सीएमएस के आपत्ति जताने पर अधिकारियों ने इसे निरस्त भी कर दिया, लेकिन उसके बाद भी बाल रोग विशेषज्ञ ने अभी तक जिला अस्पताल आकर ज्वाइन नहीं किया। जिस पर सीएमएस ने उनके वेतन भुगतान पर रोंक लगा दी है।
लखनऊ में जुगाड़ लगाकर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राम विलास पासवान ने बख्शी का तालाब स्थित सौ बेड के एक अस्पताल में कुछ माह पूर्व अपना अटैचमेंट करा लिया था। इससे जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की कमी होने से बच्चों का इलाज प्रभावित होने लगा। इस पर सीएमएम ने विरोध जताते हुए संबंद्घीकरण निरस्त करने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा था। जिस पर संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य ने संबंद्घीकरण निरस्त भी कर दिया, लेकिन उसके बावजूद उन्होंने जिला अस्पताल आकर अब तक ज्वाइन ही नहीं किया। इस पर सीएमएस ने उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
अटैचमेंट निरस्त को दो माह बीत चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद डॉ. राम विलास रावत ने अभी तक जिला अस्पताल आकर ज्वाइन नहीं किया है। इसलिए उनके वेतन भुगतान पर रोंक लगाई हैं। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ कम होने के कारण बच्चों के इलाज में दिक्कत हो रही है।
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डॉ. आरके वर्मा, सीएमएस
जिला अस्पताल
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लखनऊ में जुगाड़ लगाकर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राम विलास पासवान ने बख्शी का तालाब स्थित सौ बेड के एक अस्पताल में कुछ माह पूर्व अपना अटैचमेंट करा लिया था। इससे जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की कमी होने से बच्चों का इलाज प्रभावित होने लगा। इस पर सीएमएम ने विरोध जताते हुए संबंद्घीकरण निरस्त करने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा था। जिस पर संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य ने संबंद्घीकरण निरस्त भी कर दिया, लेकिन उसके बावजूद उन्होंने जिला अस्पताल आकर अब तक ज्वाइन ही नहीं किया। इस पर सीएमएस ने उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
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अटैचमेंट निरस्त को दो माह बीत चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद डॉ. राम विलास रावत ने अभी तक जिला अस्पताल आकर ज्वाइन नहीं किया है। इसलिए उनके वेतन भुगतान पर रोंक लगाई हैं। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ कम होने के कारण बच्चों के इलाज में दिक्कत हो रही है।
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डॉ. आरके वर्मा, सीएमएस
जिला अस्पताल